CG Budget Session 2026: छत्तीसगढ़ की राजनीति में आगामी फरवरी माह बेहद गहमागहमी भरा रहने वाला है। राज्य विधानसभा के बजट सत्र 2026 के लिए आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है। संसदीय सचिव द्वारा जारी सूचना के अनुसार, सत्र का शुभारंभ 23 फरवरी 2026 से होगा और यह सत्र 20 मार्च तक चलेगा। प्रदेश की जनता और राजनीतिक गलियारों की निगाहें इस सत्र पर टिकी हैं, क्योंकि इसी दौरान साय सरकार अपने कार्यकाल का एक और महत्वपूर्ण वित्तीय लेखा-जोखा प्रस्तुत करेगी। लगभग एक महीने तक चलने वाले इस सत्र में कुल 15 बैठकें आयोजित की जाएंगी, जिनमें प्रदेश के विकास और भविष्य की योजनाओं पर व्यापक चर्चा होगी।
राज्यपाल रमेन डेका के अभिभाषण से होगी सत्र की शुरुआत
परंपरा के अनुसार, बजट सत्र के पहले दिन यानी 23 फरवरी को राज्यपाल रमेन डेका का अभिभाषण होगा। राज्यपाल अपने संबोधन में विष्णु देव साय सरकार की पिछले एक वर्ष की उपलब्धियों, आगामी नीतियों और जनकल्याणकारी योजनाओं का खाका सदन के सामने रखेंगे। राज्यपाल का अभिभाषण सरकार के विजन को स्पष्ट करेगा, जिसके बाद सदन की औपचारिक कार्यवाही शुरू होगी। विधानसभा सचिवालय ने सत्र को लेकर अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं ताकि कार्यवाही सुचारू रूप से संचालित की जा सके।
वित्तमंत्री ओपी चौधरी पेश करेंगे राज्य का ‘विज़न 2026’ बजट
इस सत्र का सबसे महत्वपूर्ण केंद्र बिंदु वित्तमंत्री ओपी चौधरी द्वारा पेश किया जाने वाला वार्षिक बजट होगा। माना जा रहा है कि इस बजट में ‘विकसित छत्तीसगढ़’ की नींव रखने के लिए बुनियादी ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य और तकनीकी नवाचार पर विशेष जोर दिया जा सकता है। वित्तमंत्री के रूप में ओपी चौधरी का यह बजट युवाओं और किसानों के लिए बड़ी घोषणाओं वाला हो सकता है। 15 बैठकों के दौरान विभागवार अनुदान मांगों पर चर्चा होगी और बजट प्रस्तावों को पारित किया जाएगा।

जनहित के मुद्दों और कानून-व्यवस्था पर होगी विस्तृत चर्चा
बजट पारित करने के अलावा, विधानसभा में राज्य की वर्तमान कानून-व्यवस्था, विकास कार्यों की प्रगति और जनहित से जुड़े अन्य ज्वलंत मुद्दों पर भी विस्तार से बात होगी। सत्ता पक्ष अपनी योजनाओं जैसे महतारी वंदन योजना और किसान उन्नति योजना की सफलता को सदन में रखेगा। वहीं, सरकारी कामकाज के दौरान आने वाली चुनौतियों और प्रशासनिक सुधारों को लेकर भी मंत्रियों से सवाल-जवाब किए जाएंगे। सदन में विभिन्न विधेयकों के भी पेश होने की संभावना है, जो राज्य के विधायी ढांचे को मजबूती प्रदान करेंगे।
विपक्षी खेमे की घेराबंदी: हंगामेदार रहने के आसार
हालांकि यह सत्र केवल विधायी कार्यों तक सीमित नहीं रहेगा। मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने सरकार को विभिन्न मोर्चों पर घेरने की पूरी रणनीति बना ली है। सूत्रों के मुताबिक, विपक्ष राज्य में बढ़ते अपराध, बेरोजगारी और धान खरीदी जैसे मुद्दों पर स्थगन प्रस्ताव लाने की तैयारी में है। कांग्रेस विधायक दल की बैठक में सरकार को सदन के भीतर और बाहर चुनौती देने का संकल्प लिया गया है। ऐसे में यह निश्चित है कि 23 फरवरी से शुरू होने वाला यह सत्र काफी हंगामेदार रहेगा और सत्ता पक्ष व विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिलेगी।
संसदीय मर्यादा और सुचारू संचालन की चुनौती
विधानसभा अध्यक्ष ने सभी सदस्यों से सदन की गरिमा बनाए रखने और सार्थक चर्चा में भाग लेने की अपील की है। 20 मार्च तक चलने वाले इस लंबे सत्र में जनता की उम्मीदों पर खरा उतरना सरकार के लिए एक बड़ी परीक्षा होगी। बजट सत्र न केवल वित्तीय आवंटन का माध्यम है, बल्कि यह लोकतंत्र का वह मंच है जहां जनता के मुद्दों को मुखरता से उठाया जाता है।
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