High BP Diet: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी और खराब लाइफस्टाइल के कारण हाई ब्लड प्रेशर यानी उच्च रक्तचाप एक आम स्वास्थ्य समस्या बनती जा रही है। पहले जहां इसे उम्र बढ़ने के साथ होने वाली परेशानी माना जाता था, वहीं अब कम उम्र के लोगों में भी इसके मामले देखने को मिल रहे हैं। अनियमित खानपान, शारीरिक गतिविधि की कमी, तनाव, पर्याप्त नींद न लेना और ज्यादा नमक का सेवन इसके जोखिम को बढ़ा सकते हैं। हाई ब्लड प्रेशर को अक्सर ‘साइलेंट किलर’ कहा जाता है, क्योंकि कई लोगों में इसके स्पष्ट लक्षण लंबे समय तक दिखाई नहीं देते।
हाई बीपी में केले को बताया उपयोगी
जाने-माने हेल्थ एक्सपर्ट डॉ. सलीम जैदी ने सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक वीडियो में हाई ब्लड प्रेशर से जुड़े खानपान पर जानकारी दी। उनके मुताबिक, केला उन फलों में शामिल है जिसे हाई बीपी वाले लोगों की डाइट में शामिल किया जा सकता है। हालांकि, केला किसी बीमारी का इलाज नहीं है और न ही केवल इसे खाने से ब्लड प्रेशर नियंत्रित किया जा सकता है। संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और डॉक्टर की सलाह के साथ इसका सेवन बेहतर स्वास्थ्य दिनचर्या का हिस्सा बनाया जा सकता है।
केले में भरपूर मात्रा में पाया जाता है पोटैशियम
केले की सबसे महत्वपूर्ण खूबियों में इसमें मौजूद पोटैशियम की मात्रा शामिल है। शरीर में सोडियम की अधिकता ब्लड प्रेशर बढ़ने के जोखिम से जुड़ी हो सकती है। पोटैशियम शरीर में सोडियम के संतुलन को बनाए रखने में भूमिका निभाता है और अतिरिक्त सोडियम को शरीर से बाहर निकालने की प्रक्रिया में मदद कर सकता है। इसी वजह से पोटैशियम से भरपूर खाद्य पदार्थों को संतुलित डाइट का हिस्सा बनाने की सलाह दी जाती है।
ब्लड वेसल्स के लिए भी मददगार हो सकता है
डॉ. जैदी के अनुसार, केले में मौजूद पोटैशियम ब्लड वेसल्स की दीवारों के तनाव को कम करने में भूमिका निभा सकता है। इससे रक्त प्रवाह को बेहतर बनाए रखने में मदद मिल सकती है और हृदय पर पड़ने वाला दबाव कम रखने में सहायता मिल सकती है। इसके अलावा केले में मैग्नीशियम और फाइबर भी मौजूद होते हैं। मैग्नीशियम शरीर की सामान्य मांसपेशियों और तंत्रिका कार्यप्रणाली के लिए जरूरी पोषक तत्व है, जबकि फाइबर पाचन और संतुलित डाइट के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।
नाश्ते के बाद केला खाना हो सकता है बेहतर
डॉ. सलीम जैदी के मुताबिक, किसी भी फल का सेवन करते समय उसकी मात्रा और खाने के तरीके के साथ समय का भी ध्यान रखना चाहिए। उनके अनुसार, केला नाश्ते के करीब एक से दो घंटे बाद लिया जा सकता है। इस समय इसे खाने से डाइट में पोषक तत्व शामिल करने में मदद मिल सकती है और दिन के दौरान ऊर्जा की जरूरत को पूरा करने में भी योगदान मिल सकता है। हालांकि, हर व्यक्ति की डाइट और स्वास्थ्य संबंधी जरूरतें अलग होती हैं।
खाली पेट केला खाने से क्यों बचने की सलाह?
सुबह बिल्कुल खाली पेट केला खाने को लेकर भी डॉ. जैदी ने सावधानी बरतने की बात कही है। उनके अनुसार, कुछ लोगों में खाली पेट केला खाने से पाचन संबंधी परेशानी महसूस हो सकती है। वहीं, केले में प्राकृतिक शुगर और पोटैशियम जैसे पोषक तत्व मौजूद होते हैं, इसलिए किसी विशेष स्वास्थ्य स्थिति वाले व्यक्ति को इसे अपनी डाइट में शामिल करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेनी चाहिए। खासकर डायबिटीज, किडनी की बीमारी या पोटैशियम से जुड़ी समस्या वाले लोगों के लिए व्यक्तिगत डाइट सलाह जरूरी हो सकती है।
सिर्फ केला खाने से हाई बीपी कंट्रोल नहीं होगा
हाई ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने के लिए केवल किसी एक फल या खाद्य पदार्थ पर निर्भर रहना सही तरीका नहीं है। केले के साथ डाइट में सब्जियां, फल, साबुत अनाज, दालें और अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थ शामिल करना जरूरी है। इसके अलावा नमक का सेवन सीमित रखना, नियमित शारीरिक गतिविधि करना, पर्याप्त नींद लेना और तनाव को नियंत्रित करना भी महत्वपूर्ण है। यदि डॉक्टर ने ब्लड प्रेशर की दवा लिखी है, तो उसे बिना सलाह बंद नहीं करना चाहिए।
हाई बीपी में डॉक्टर की सलाह सबसे जरूरी
केला पोटैशियम और अन्य पोषक तत्वों का स्रोत जरूर है, लेकिन हाई ब्लड प्रेशर वाले हर व्यक्ति के लिए इसकी मात्रा और सेवन का तरीका समान नहीं हो सकता। विशेष रूप से किडनी की बीमारी या ऐसी दवाएं लेने वाले मरीजों को पोटैशियम की मात्रा पर ध्यान देने की जरूरत पड़ सकती है। इसलिए हाई बीपी की समस्या होने पर नियमित रूप से ब्लड प्रेशर की जांच कराएं और अपनी डाइट में बदलाव करने से पहले डॉक्टर या योग्य डाइटिशियन से सलाह लें। स्वस्थ जीवनशैली और उचित चिकित्सा प्रबंधन ही ब्लड प्रेशर को लंबे समय तक नियंत्रित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
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