Trump vs Lula: Pix को लेकर क्यों भिड़े अमेरिका-ब्राजील? जानिए इस डिजिटल पेमेंट सिस्टम की पूरी कहानी

अमेरिका और ब्राजील के बीच व्यापारिक तनाव में अब एक डिजिटल पेमेंट सिस्टम भी बड़ा मुद्दा बन गया है। ब्राजील के राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा Pix का खुलकर बचाव कर रहे हैं, जबकि ट्रंप प्रशासन ने इसे अमेरिकी कंपनियों के लिए अनुचित प्रतिस्पर्धा से जोड़ा है। आखिर Pix इतना खास क्यों है?

Trump vs Lula : ब्राजील और अमेरिका के बीच व्यापारिक टैरिफ को लेकर तनाव के बीच ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा ने अपने देश की डिजिटल पेमेंट प्रणाली PIX का मजबूती से बचाव किया है। लूला ने कहा कि यदि सितंबर में संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान उनकी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात होती है, तो वह बातचीत में PIX का मुद्दा जरूर उठाएंगे। इससे दोनों देशों के बीच चल रहे व्यापारिक विवाद में डिजिटल भुगतान प्रणाली भी एक अहम मुद्दा बन गई है।

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ट्रंप को PIX इस्तेमाल करने की सलाह देंगे लूला

साओ पाउलो राज्य के साओ जोसे दो रियो प्रेटो में आयोजित एक राजनीतिक कार्यक्रम में लूला ने PIX को लेकर अपनी राय स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि ट्रंप से मुलाकात होने पर वह उन्हें खुद PIX इस्तेमाल करके देखने की सलाह देंगे। लूला के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति को इस प्रणाली की उपयोगिता और सुविधाजनक भुगतान व्यवस्था को समझना चाहिए। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका PIX को लेकर जांच कर रहा है।

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2020 में शुरू हुआ था ब्राजील का PIX सिस्टम

ब्राजील के केंद्रीय बैंक ने नवंबर 2020 में PIX को लॉन्च किया था। यह एक तेज और तत्काल डिजिटल भुगतान प्रणाली है, जिसके माध्यम से लोग 24 घंटे और सप्ताह के सातों दिन पैसे भेज और प्राप्त कर सकते हैं। शुरुआत के कुछ ही वर्षों में PIX ब्राजील के सबसे लोकप्रिय भुगतान माध्यमों में शामिल हो गया। इसकी मदद से बैंक खाते से सीधे कुछ सेकंड में भुगतान किया जा सकता है।

QR कोड से भी कर सकते हैं तुरंत भुगतान

PIX की खासियत यह है कि इसके जरिए आम लोग, कंपनियां और सरकारी संस्थाएं बेहद कम समय में लेनदेन कर सकती हैं। QR कोड स्कैन करके भी भुगतान किया जा सकता है। आम उपभोक्ताओं से PIX के जरिए पैसे भेजने पर सामान्यतः कोई शुल्क नहीं लिया जाता। कुछ बैंक कंपनियों से मामूली शुल्क ले सकते हैं, लेकिन यह पारंपरिक बैंक ट्रांसफर की तुलना में कम माना जाता है।

PIX के बड़े लेनदेन से अमेरिका की चिंता

PIX की लोकप्रियता का अंदाजा इसके जरिए होने वाले बड़े पैमाने के लेनदेन से लगाया जा सकता है। पिछले वर्ष इसके माध्यम से करीब 7 ट्रिलियन डॉलर के लेनदेन का आंकड़ा बताया गया। अमेरिका की ओर से PIX को लेकर यह चिंता जताई जा रही है कि यह Visa और Mastercard जैसे पारंपरिक क्रेडिट नेटवर्क के लिए प्रतिस्पर्धा पैदा कर रहा है। अमेरिकी प्रशासन ने इसी संदर्भ में इसकी जांच शुरू की है।

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अमेरिका ने जुलाई में शुरू की PIX की जांच

जुलाई में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने ब्राजील की PIX भुगतान प्रणाली को लेकर जांच शुरू की थी। अमेरिका का आरोप है कि PIX की कम लागत वाली भुगतान सुविधा अमेरिकी क्रेडिट कार्ड कंपनियों के कारोबार को प्रभावित कर सकती है। हालांकि, भारत में मौजूद UPI भी तेज और डिजिटल भुगतान की ऐसी ही सुविधा देता है। इसके बावजूद अमेरिका ने UPI को लेकर इसी तरह की जांच शुरू नहीं की है।

भारत का UPI भी PIX जैसा डिजिटल सिस्टम

भारत की UPI व्यवस्था और ब्राजील के PIX में कई समानताएं हैं। दोनों प्रणालियों के माध्यम से बैंक खातों के बीच तुरंत डिजिटल भुगतान किया जा सकता है। भारत में UPI का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर हो रहा है और मार्च में इसके जरिए करीब 300 अरब डॉलर के भुगतान किए जाने का उल्लेख किया गया है। इसके बावजूद अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय ने भारत की UPI व्यवस्था के खिलाफ PIX जैसी जांच शुरू नहीं की है।

टैरिफ विवाद ने बढ़ाया दोनों देशों का तनाव

PIX को लेकर विवाद ब्राजील और अमेरिका के बीच चल रहे व्यापक व्यापारिक तनाव से जुड़ा हुआ है। अमेरिका ने ब्राजील के कुछ उत्पादों पर अतिरिक्त शुल्क लगाया है, जो कुछ मामलों में 25 प्रतिशत तक पहुंच गया है। ऐसे माहौल में लूला ने संकेत दिया है कि ट्रंप के साथ संभावित वार्ता में वह व्यापारिक टैरिफ के साथ डिजिटल भुगतान व्यवस्था का मुद्दा भी उठाएंगे।

राजदूत के वीजा विवाद से भी बिगड़े रिश्ते

दोनों देशों के संबंधों में तनाव केवल व्यापार और PIX तक सीमित नहीं है। अगस्त में लूला ने वॉशिंगटन में ब्राजील की राजदूत मारिया लुइजा रिबेरो वियोटी का वीजा रद्द किए जाने के अमेरिकी फैसले की आलोचना की थी। उन्होंने इसे गैर-जिम्मेदाराना कदम बताया और कहा था कि दो सौ वर्षों से अधिक पुराने राजनयिक संबंधों वाले देशों के बीच इस तरह का फैसला उचित नहीं है।

राजनयिक विवाद पर ब्राजील ने भी उठाए सवाल

अमेरिकी विदेश विभाग ने राजदूत का वीजा रद्द करने के पीछे कई कारण बताए थे। इनमें ब्राजील द्वारा दो अमेरिकी अधिकारियों को वीजा नहीं देना और अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा नामित राजदूत डेनियल पेरेज की नियुक्ति को मंजूरी देने में कथित देरी शामिल थी। जवाब में लूला ने अमेरिकी राजनयिक मौजूदगी पर भी सवाल उठाए और कहा कि ब्राजील में अमेरिकी दूतावास लंबे समय तक प्रमुख प्रतिनिधि के बिना रहा था। अब PIX विवाद ने दोनों देशों के बीच पहले से मौजूद तनाव को और बढ़ा दिया है।

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Chandan Das

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