Gariyaband Violence: छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले से एक विचलित करने वाली खबर सामने आई है, जहाँ दुतकैंया गांव में एक पुराने विवाद ने अचानक हिंसक मोड़ ले लिया। दो समुदायों के बीच हुई इस भिड़ंत ने न केवल गांव की शांति भंग की, बल्कि पूरे इलाके में भय का माहौल पैदा कर दिया है। घटना के बाद इलाके में तनाव व्याप्त है, जिसे देखते हुए प्रशासन ने गांव को छावनी में तब्दील कर दिया है। पुलिस के आला अधिकारी मौके पर मौजूद हैं और स्थिति की बारीकी से निगरानी की जा रही है ताकि हिंसा की आंच पड़ोसी गांवों तक न फैले।
विवाद की जड़: आरोपी आरिफ की हरकत ने भड़काई ग्रामीणों की नाराजगी
गरियाबंद के पुलिस अधीक्षक (SP) वेदव्रत सिरमौर ने घटनाक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि विवाद की शुरुआत तब हुई जब एक पुराने अपराध का आरोपी आरिफ अपने दो अन्य साथियों के साथ गांव में पहुंचा। वहां किसी बात को लेकर उनका स्थानीय लोगों से झगड़ा हो गया, जिसके बाद आरिफ और उसके साथियों ने ग्रामीणों के साथ मारपीट कर दी। इस घटना की खबर जैसे ही पूरे गांव में फैली, ग्रामीण आक्रोशित हो गए। लोगों का गुस्सा इतना बढ़ गया कि उन्होंने कानून को अपने हाथ में लेने का फैसला किया और आरोपियों के घरों को घेर लिया।
पुलिस की कार्रवाई: मुख्य आरोपी और साथी सलाखों के पीछे
तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए पुलिस प्रशासन तुरंत हरकत में आया। एसपी सिरमौर ने बताया कि मुख्य आरोपी आरिफ और उसके दोनों साथियों को त्वरित कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने इन आरोपियों के खिलाफ मारपीट, शांति भंग करने और अन्य संबंधित गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा, लेकिन साथ ही उन्होंने जनता से अपील की है कि वे स्वयं कानून न बनें और पुलिस की कार्रवाई पर भरोसा रखें।
आगजनी और पथराव: जब भीड़ के निशाने पर आई पुलिस
आक्रोशित भीड़ का गुस्सा केवल आरोपियों तक सीमित नहीं रहा। गुस्साए ग्रामीणों ने आरिफ और उसके साथियों के घरों पर हमला बोल दिया और उनमें आग लगा दी। देखते ही देखते आग की लपटें तेज हो गईं और वहां खड़े कुछ वाहनों को भी आग के हवाले कर दिया गया। जब पुलिस की टीम आगजनी को रोकने और भीड़ को तितर-बितर करने पहुंची, तो ग्रामीणों ने पुलिस पर ही पथराव शुरू कर दिया। इस पथराव में कुछ पुलिसकर्मियों को चोटें आई हैं, जिनका प्राथमिक उपचार कराया गया है। पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद आंसू गैस और बल प्रयोग कर भीड़ पर नियंत्रण पाया।
वर्तमान स्थिति और शांति की अपील: अफवाहों से बचने की सलाह
फिलहाल दुतकैंया गांव में भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है और स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है। जिला प्रशासन ने ग्रामीणों से शांति बनाए रखने और कानून व्यवस्था में सहयोग करने की अपील की है। पुलिस अधीक्षक ने सख्त निर्देश दिए हैं कि सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही किसी भी प्रकार की भ्रामक खबर या अफवाह पर ध्यान न दें। इसके साथ ही, पुलिस अब उन लोगों की पहचान करने में जुटी है जिन्होंने भीड़ को उकसाया और आगजनी या पथराव जैसी घटनाओं को अंजाम दिया। सीसीटीवी फुटेज और वीडियो रिकॉर्डिंग के जरिए उपद्रवियों को चिह्नित किया जा रहा है।
















