Raipur AAP Protest: रायपुर में आम आदमी पार्टी (AAP) ने सोमवार को छत्तीसगढ़ की शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर विशाल धरना-प्रदर्शन किया। प्रदेश प्रभारी मुकेश अहलावत के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ता नलघर चौक पर जुटे। प्रदर्शन के दौरान राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई और सात सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
भाजपा सरकार पर प्रदेश प्रभारी ने साधा निशाना
AAP प्रदेश प्रभारी मुकेश अहलावत ने आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार विभिन्न मोर्चों पर विफल साबित हो रही है। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था का मुद्दा उठाते हुए कहा कि गरीब और जरूरतमंद बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने में सरकार नाकाम रही है। उनके मुताबिक, प्रदेश शिक्षा के मामले में 34वें स्थान पर है और पेपर लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक नहीं लग पा रही है।
स्वास्थ्य व्यवस्था और सड़कों को लेकर भी सवाल
मुकेश अहलावत ने राज्य की स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर भी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पतालों में जरूरी सुविधाओं की कमी है और स्वास्थ्य व्यवस्था बेहद खराब स्थिति में पहुंच चुकी है। इसके अलावा उन्होंने प्रदेश की जर्जर सड़कों, सड़कों पर बैठे आवारा मवेशियों से होने वाली दुर्घटनाओं और बढ़े हुए बिजली बिलों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि इन समस्याओं से आम जनता लगातार परेशान है।
किसानों और बेरोजगारी का मुद्दा भी उठा
AAP के प्रदेश सहप्रभारी सौरभ झा ने किसानों से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि किसानों को महंगी यूरिया खाद खरीदनी पड़ रही है और खाद-बीज की उपलब्धता को लेकर भी परेशानियां बनी हुई हैं। उन्होंने समर्थन मूल्य और मुआवजे में देरी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि किसानों को राहत देने के लिए सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए।
एक लाख रोजगार के वादे पर AAP का सवाल
सौरभ झा ने बेरोजगारी के मुद्दे पर भी भाजपा सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि एक लाख रोजगार देने की गारंटी के वादे के साथ सत्ता में आई सरकार के कार्यकाल में बेरोजगारी की समस्या कम होने के बजाय बढ़ी है। AAP ने युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करने और खाली सरकारी पदों पर पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की मांग की।
सरकारी स्कूलों और अस्पतालों में सुधार की मांग
पार्टी की सात सूत्रीय मांगों में सरकारी स्कूलों की बदहाली दूर करना प्रमुख मुद्दा रहा। AAP ने शिक्षकों की कमी दूर करने और शिक्षा के गिरते स्तर में तत्काल सुधार की मांग की। इसके साथ ही अस्पतालों में डॉक्टरों, जरूरी दवाइयों और बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी दूर करने की मांग भी रखी गई।
आवारा मवेशियों और सड़कों का मुद्दा उठाया
AAP ने गौधाम योजना के नाम पर कथित भ्रष्टाचार की जांच कराने की मांग की। पार्टी ने आवारा मवेशियों के उचित रखरखाव की व्यवस्था करने की बात कही। इसके अलावा राज्य की जर्जर और गड्ढायुक्त सड़कों की तत्काल मरम्मत और आवश्यक स्थानों पर पुनर्निर्माण कराने की मांग भी ज्ञापन में शामिल की गई।
किसानों और बिजली उपभोक्ताओं को राहत की मांग
पार्टी ने किसानों के लिए महंगी खाद-बीज और उनकी कमी, उचित समर्थन मूल्य नहीं मिलने तथा मुआवजा वितरण में देरी जैसे मुद्दों पर ठोस निर्णय लेने की मांग की। साथ ही बिजली के बढ़े हुए दाम वापस लेने की मांग करते हुए AAP ने कहा कि बढ़े बिलों का सीधा असर आम परिवारों के बजट पर पड़ रहा है।
युवाओं के लिए रोजगार और पारदर्शी भर्ती की मांग
AAP ने सरकार से प्रदेश के युवाओं के लिए नए रोजगार अवसर सृजित करने और रिक्त पदों पर पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की मांग की। पार्टी नेताओं ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, किसान, सड़क, बिजली और रोजगार जैसे मुद्दों पर सरकार को तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए। प्रदर्शन के अंत में सात सूत्रीय मांगों वाला ज्ञापन मुख्यमंत्री के नाम प्रशासन को सौंपा गया।
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