MP Investment : मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दुबई में आयोजित एआईएम कांग्रेस-2026 (Annual Investment Meeting) के तीसरे दिन 8 सितंबर को राणा होल्डिंग्स लिमिटेड के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. दर्शन सिंह राणा से मुलाकात की। बैठक के दौरान दोनों के बीच मध्यप्रदेश में निवेश की संभावनाओं और विभिन्न उभरते क्षेत्रों को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग, डेटा सेंटर और आधुनिक औद्योगिक तकनीकों से जुड़े निवेश अवसरों की जानकारी ली।
10 साल के इन्वेस्टमेंट प्रोग्राम का प्रस्ताव
बैठक में मध्यप्रदेश के लिए 10 वर्षीय इन्वेस्टमेंट प्रोग्राम का प्रस्ताव सामने रखा गया। इस कार्यक्रम को निर्धारित प्रोजेक्ट माइलस्टोन्स के आधार पर चरणबद्ध तरीके से लागू करने पर चर्चा हुई। प्रस्तावित निवेश कार्यक्रम के तहत ऊर्जा, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, मैन्युफैक्चरिंग और मोबिलिटी जैसे क्षेत्रों में दीर्घकालिक परियोजनाएं विकसित करने की योजना पर विचार किया गया। दोनों पक्षों ने आपसी सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति जताई।
ग्रीन एनर्जी और ग्रीन हाइड्रोजन पर जोर
प्रस्तावित कार्यक्रम में सोलर पावर, ग्रीन हाइड्रोजन तथा ऊर्जा उत्पादन और स्टोरेज से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर को विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया गया। मध्यप्रदेश में नवीकरणीय ऊर्जा की संभावनाओं को देखते हुए इन क्षेत्रों में बड़े निवेश की संभावना जताई गई। इससे राज्य की ऊर्जा क्षमता को बढ़ाने के साथ-साथ नए औद्योगिक अवसर और रोजगार के रास्ते तैयार हो सकते हैं।
एआई और डेटा सेंटर कैंपस विकसित करने की योजना
बैठक में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्लाउड कंप्यूटिंग और हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग से जुड़े डेटा सेंटर कैंपस विकसित करने पर भी चर्चा हुई। इसके लिए आवश्यक डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने की संभावनाओं पर विचार किया गया। इसके अलावा एडवांस्ड इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल से क्रिटिकल मिनरल्स रीसाइक्लिंग और स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग सुविधाएं स्थापित करने की दिशा में भी चर्चा हुई।
ई-मोबिलिटी और एग्रीकल्चरल मशीनरी पर फोकस
निवेश प्रस्ताव में स्थानीय सप्लाई चेन से जुड़ी ई-मोबिलिटी, इलेक्ट्रॉनिक्स और एग्रीकल्चरल मशीनरी मैन्युफैक्चरिंग को भी शामिल किया गया है। इन क्षेत्रों में उत्पादन इकाइयों की स्थापना से राज्य में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है। साथ ही स्थानीय स्तर पर सप्लाई चेन मजबूत होने और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
निवेशकों को सरकार देगी जरूरी सहयोग
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बैठक में राज्य सरकार की ओर से निवेशकों को हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। प्रस्तावित परियोजनाओं के लिए भूमि, इंफ्रास्ट्रक्चर, स्किलिंग, आवश्यक अप्रूवल्स और विभिन्न विभागों के बीच समन्वित क्रियान्वयन में सरकार कंपनी का सहयोग करेगी। सरकार का उद्देश्य निवेश प्रक्रिया को सुगम बनाकर परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा के अनुसार आगे बढ़ाना है।
एमपी की बिजली और लैंड बैंक की जानकारी
मुख्यमंत्री ने डॉ. दर्शन सिंह राणा को मध्यप्रदेश में उपलब्ध निवेश संभावनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि राज्य में विभिन्न सेक्टरों के लिए अनुकूल परिस्थितियां मौजूद हैं। उन्होंने ग्रीन और रिन्युएबल एनर्जी के क्षेत्र में हो रहे कार्यों का उल्लेख किया। साथ ही राज्य में बिजली की उपलब्धता और लैंड बैंक को भी निवेश के लिए महत्वपूर्ण आधार बताया। मुख्यमंत्री ने राणा को आगामी ग्लोबल इन्वेस्टर समिट (GIS) 2027 में शामिल होने का निमंत्रण भी दिया।
राणा होल्डिंग्स का वैश्विक कारोबार
डॉ. दर्शन सिंह राणा ने मुख्यमंत्री को कंपनी के कारोबार और निवेश मॉडल की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राणा होल्डिंग्स अपनी पूंजी से निवेश करने वाली कंपनी है और सब्सिडियरी कंपनियों के माध्यम से निवेश का प्रबंधन करती है। कंपनी का पोर्टफोलियो करीब 1 लाख 76 हजार करोड़ रुपये का बताया गया है। कंपनी स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग, डेटा सेंटर, क्लीन एनर्जी, ग्रीन हाइड्रोजन, मोबिलिटी और एग्रीकल्चरल मशीनरी जैसे क्षेत्रों में काम करती है।
कई देशों में मौजूद है कंपनी
राणा होल्डिंग्स का कारोबार कई अंतरराष्ट्रीय बाजारों में फैला हुआ है। कंपनी यूएई, अमेरिका, अफ्रीका, पुर्तगाल, पैराग्वे और थाईलैंड में काम करती है। ऐसे में मध्यप्रदेश में प्रस्तावित निवेश कार्यक्रम राज्य को वैश्विक निवेश नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है। बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने भविष्य में सहयोग और निवेश संभावनाओं को आगे बढ़ाने पर जोर दिया।
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