Parliament Debate: संसद के बजट सत्र के चौथे दिन, यानी 2 फरवरी 2026 को लोकसभा में जबरदस्त राजनीतिक ड्रामा देखने को मिला। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान विपक्ष के नेता राहुल गांधी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बीच डोकलाम और चीन सीमा विवाद को लेकर तीखी नोकझोंक हुई। सदन का माहौल उस समय तनावपूर्ण हो गया जब राहुल गांधी ने एक पूर्व सेना प्रमुख की अप्रकाशित किताब के अंशों का हवाला देते हुए सरकार पर निशाना साधने की कोशिश की। इस पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृह मंत्री अमित शाह ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराई, जिससे सदन की कार्यवाही में बाधा उत्पन्न हुई।
तेजस्वी सूर्या का हमला: यूपीए के ‘पॉलिसी पैरालिसिस’ पर उठाए सवाल
हंगामे की शुरुआत बीजेपी सांसद तेजस्वी सूर्या के भाषण से हुई। उन्होंने आंकड़ों के जरिए दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता पिछले 12 वर्षों में लगातार बढ़ी है। सूर्या ने यूपीए के शासनकाल को ‘पॉलिसी पैरालिसिस’ का दौर बताया और राष्ट्रपति के पुराने अभिभाषणों का हवाला देते हुए कहा कि उस समय आंतरिक सुरक्षा और आतंकवाद देश के लिए बड़ी चुनौती थे। उन्होंने कहा कि आज मोदी सरकार की सैन्य कार्रवाई और जवाबी हमलों के कारण नक्सलवाद और आतंकवाद पर लगाम लगी है। सूर्या के इन आरोपों ने विपक्षी खेमे को आक्रोशित कर दिया।
राहुल गांधी का पलटवार: देशभक्ति और चरित्र पर छिड़ी जंग
तेजस्वी सूर्या के भाषण का जवाब देने के लिए जब राहुल गांधी खड़े हुए, तो उन्होंने सीधे बीजेपी सांसद के आरोपों पर प्रहार किया। राहुल ने कहा कि तेजस्वी सूर्या ने कांग्रेस की देशभक्ति और चरित्र पर सवाल उठाए हैं, जिसका जवाब देना जरूरी है। इसी क्रम में उन्होंने एक पत्रिका में प्रकाशित पूर्व सेना प्रमुख एम.एम. नरवणे के संस्मरण के कथित अंशों को पढ़ने की अनुमति मांगी। राहुल का तर्क था कि इन अंशों के माध्यम से वह चीन के मुद्दे पर सरकार की स्थिति और नेतृत्व के चरित्र को स्पष्ट करना चाहते हैं।
किताब का विवाद: अमित शाह और राजनाथ सिंह ने किया कड़ा विरोध
जैसे ही राहुल गांधी ने पूर्व आर्मी चीफ की किताब को कोट करना शुरू किया, सत्ता पक्ष के दिग्गज नेता उन्हें रोकने के लिए खड़े हो गए। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सीधा सवाल पूछा कि क्या जिस पुस्तक का नेता प्रतिपक्ष उल्लेख कर रहे हैं, वह आधिकारिक तौर पर प्रकाशित हुई भी है या नहीं? उन्होंने राहुल गांधी पर सदन को गुमराह करने का आरोप लगाया। वहीं गृह मंत्री अमित शाह ने नियमों का हवाला देते हुए कहा कि सदन के पटल पर ऐसी अप्रकाशित पत्रिकाओं या किताबों की सामग्री नहीं रखी जा सकती। उन्होंने जोर देकर कहा कि नेता प्रतिपक्ष को संसदीय व्यवस्था और मर्यादा का पालन करना चाहिए।
स्पीकर की फटकार: “आसन की अवमानना कर रहे हैं नेता प्रतिपक्ष”
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने इस पूरे घटनाक्रम के दौरान कई बार मध्यस्थता की। उन्होंने राहुल गांधी से बार-बार अपील की कि वे किसी पत्रिका या अप्रकाशित पुस्तक को सदन में कोट न करें और केवल राष्ट्रपति के अभिभाषण पर अपनी बात रखें। जब राहुल गांधी अपनी बात पर अड़े रहे, तो स्पीकर ने कड़े लहजे में कहा, “आप लगातार आसन की अवमानना कर रहे हैं।” इस पर राहुल गांधी ने सफाई दी कि वे आसन को चुनौती नहीं दे रहे हैं, बल्कि चीन के साथ भारत के रिश्तों और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषय पर देश के सामने सच रखना चाहते हैं। इस गतिरोध के कारण सदन की कार्यवाही में भारी व्यवधान पड़ा।
Read More : Jos Buttler: जोस बटलर ने रचा इतिहास, जेम्स एंडरसन का रिकॉर्ड तोड़ बने इंग्लैंड के ‘नंबर-1’
















