Sex Racket Busted: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में पुलिस प्रशासन ने अपराध और अनैतिक गतिविधियों के खिलाफ एक कड़ा रुख अख्तियार किया है। हाल ही में पुलिस ने जिले की पॉश कॉलोनी ‘केलो बिहार’ में चल रहे एक हाई-प्रोफाइल सेक्स रैकेट का पर्दाफाश किया है। यह कार्रवाई पुलिस को मिली गुप्त सूचना के आधार पर की गई, जिसमें बताया गया था कि एक किराये के मकान को देह व्यापार के अड्डे के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। इस छापेमारी ने शहर के भीतर छिपे अवैध नेटवर्क की पोल खोल दी है और स्थानीय निवासियों के बीच सुरक्षा को लेकर चर्चा तेज कर दी है।
रिहायशी इलाके में चल रहा था देह व्यापार का काला कारोबार
केलो बिहार कॉलोनी, जो सामान्यतः एक शांत रिहायशी इलाका माना जाता है, वहां एक किराये के मकान में यह अवैध धंधा फल-फूल रहा था। स्थानीय स्तर पर पुलिस को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि इस मकान में संदिग्ध लोगों की आवाजाही बढ़ गई है। जांच में पता चला कि इस गिरोह के सरगना बाहर के शहरों और राज्यों से महिलाओं को लाकर यहां अनैतिक कार्यों में धकेल रहे थे। रिहायशी इलाके में इस तरह की गतिविधि के संचालन ने पुलिस विभाग को सतर्क कर दिया, क्योंकि इससे न केवल कानून-व्यवस्था बल्कि सामाजिक माहौल भी प्रभावित हो रहा था।
पुलिस की रणनीतिक कार्रवाई: पाइंटर भेजकर जाल में फंसे आरोपी
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) शशि मोहन सिंह के कुशल मार्गदर्शन में इस पूरी कार्रवाई को अंजाम देने के लिए एक ठोस रणनीति तैयार की गई। पुलिस ने सीधे छापेमारी करने के बजाय पहले एक ‘पाइंटर’ (फर्जी ग्राहक) को संदिग्ध मकान में भेजा। जब पाइंटर ने अंदर चल रही अवैध गतिविधियों की पुष्टि कर दी और सौदा तय हो गया, तब पुलिस टीम को ग्रीन सिग्नल दिया गया। इस पेशेवर तरीके से की गई कार्रवाई ने आरोपियों को भागने या सबूत मिटाने का कोई भी मौका नहीं दिया।
देर रात संयुक्त टीम की छापेमारी और मौके से गिरफ्तारी
जैसे ही अवैध गतिविधि की पुष्टि हुई, नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) मयंक मिश्रा के नेतृत्व में चक्रधरनगर थाना और साइबर सेल की एक संयुक्त टीम ने देर रात मकान की घेराबंदी की। अचानक हुई इस छापेमारी से वहां मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। पुलिस ने मौके से तीन महिलाओं और दो पुरुष आरोपियों को आपत्तिजनक स्थिति में गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान पुलिस को भारी मात्रा में नकद राशि, कई मोबाइल फोन और अन्य आपत्तिजनक सामग्रियां बरामद हुई हैं, जिन्हें साक्ष्य के तौर पर जब्त कर लिया गया है।
मुख्य सरगना और सहयोगियों का हुआ पर्दाफाश
पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ और जांच में इस पूरे रैकेट के संचालकों की पहचान हो गई है। इस गिरोह का मुख्य सरगना डिंपी उर्फ राहुल इजारदार है, जो अपने सहयोगी नागेंद्र विश्वकर्मा के साथ मिलकर इस नेटवर्क को चला रहा था। ये दोनों आरोपी मिलकर डिमांड के आधार पर महिलाओं को बुलाते थे और ग्राहकों से मोटी रकम वसूलते थे। पुलिस अब इनके कॉल रिकॉर्ड्स और मोबाइल डेटा खंगाल रही है ताकि इस नेटवर्क के अन्य संपर्कों और इसमें शामिल बड़े चेहरों का पता लगाया जा सके।
PITA एक्ट के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई और चेतावनी
पकड़े गए सभी आरोपियों के खिलाफ अनैतिक देह व्यापार निवारण अधिनियम (PITA एक्ट) की विभिन्न धाराओं, विशेषकर धारा 3, 4 और 5 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट संदेश दिया है कि जिले में किसी भी प्रकार की अनैतिक गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुलिस ने मकान मालिकों से भी अपील की है कि वे किरायेदारों को मकान देने से पहले उनका उचित पुलिस वेरिफिकेशन जरूर करवाएं। प्रशासन ने जनता को आश्वस्त किया है कि ऐसी सूचना देने वालों की पहचान गुप्त रखी जाएगी और अवैध धंधों पर यह प्रहार भविष्य में भी जारी रहेगा।
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