Women’s Asia Cup 2026 : महिला एशिया कप 2026 का खिताब जीतने के बाद भारतीय महिला क्रिकेट टीम के ट्रॉफी लेने से इनकार का मामला लगातार चर्चा में है। एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) के अध्यक्ष मोहसिन नकवी से विजेता ट्रॉफी नहीं लेने के फैसले पर भारतीय टीम के मुख्य कोच अमोल मजूमदार ने सफाई दी है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह फैसला भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) का है और पूरी टीम बोर्ड के निर्णय के साथ खड़ी है।
अमोल मजूमदार ने कहा, भारत चैंपियन बन चुका है
प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद अमोल मजूमदार ने कहा कि टीम के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि भारत को आधिकारिक तौर पर एशिया कप 2026 का चैंपियन घोषित किया गया है। उन्होंने कहा कि टीम के लिए टूर्नामेंट समाप्त हो चुका है और खिलाड़ी अपनी उपलब्धि से खुश हैं। कोच ने यह भी बताया कि अब टीम का ध्यान आने वाले एशियन गेम्स पर है।
BCCI के फैसले का टीम ने किया समर्थन
मजूमदार के मुताबिक, ट्रॉफी किसके हाथों से ली गई या नहीं ली गई, उससे ज्यादा महत्वपूर्ण टीम की चैंपियन बनने की उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि बड़े बोर्ड पर भारत को एशिया कप 2026 का विजेता लिखा गया और यही टीम के लिए पर्याप्त है। उनके बयान से साफ है कि खिलाड़ी और सपोर्ट स्टाफ इस मामले में BCCI के फैसले के साथ हैं।
प्रेजेंटेशन से पहले ड्रेसिंग रूम में हुई बातचीत
पुरस्कार समारोह शुरू होने से पहले भारतीय टीम के खिलाड़ी आपस में बातचीत कर रहे थे। इस दौरान मुख्य कोच अमोल मजूमदार ने खिलाड़ियों को संबोधित किया। वहीं BCCI सचिव देवजीत सैकिया और उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला भी टीम के साथ मौजूद थे। सैकिया और शुक्ला ने खिलाड़ियों को जीत की बधाई दी और तेज गेंदबाज नंदिनी शर्मा को ‘फील्डर ऑफ द मैच’ का मेडल प्रदान किया।
श्रीलंका को मिले रनर-अप मेडल, भारतीय खिलाड़ी रहे दूर
मैच के बाद आधिकारिक प्रेजेंटेशन शुरू हुआ तो श्रीलंकाई खिलाड़ियों ने मंच पर मौजूद अधिकारियों से रनर-अप मेडल और अन्य सम्मान हासिल किए। श्रीलंका की कप्तान चमारी अथापथु ने नकवी से उपविजेता पुरस्कार राशि का चेक भी लिया। इसके बाद उन्होंने मैच के बारे में इंटरव्यू दिया। इस दौरान भारतीय खिलाड़ी प्रेजेंटेशन सेरेमनी में दिखाई नहीं दिए।
हरमनप्रीत कौर भी प्रेजेंटेशन में नहीं पहुंचीं
फाइनल जीतने के बाद भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर ने ब्रॉडकास्टर्स से बातचीत की थी, लेकिन वह भी आधिकारिक प्रेजेंटेशन के लिए मंच पर नहीं गईं। आमतौर पर खिताबी जीत के बाद खिलाड़ियों को ट्रॉफी उठाते हुए दिखाया जाता है, लेकिन इस बार ऐसा कोई दृश्य देखने को नहीं मिला। आतिशबाजी और जश्न के बीच भारतीय टीम की ट्रॉफी उठाने की तस्वीर भी सामने नहीं आई।
पुरुष एशिया कप के विवाद की आई याद
महिला एशिया कप का यह घटनाक्रम पिछले साल हुए पुरुष एशिया कप के विवाद की याद दिलाता है। उस दौरान UAE में भारत ने पाकिस्तान को रोमांचक फाइनल में हराकर खिताब जीता था। मैच के बाद पुरस्कार समारोह में करीब 90 मिनट की देरी हुई थी। सीमा पार आतंकवाद को लेकर दोनों देशों के बीच तनाव के बीच भारतीय टीम ने मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेने से इनकार किया था।
ट्रॉफी लेकर चले गए थे नकवी
पिछले साल लंबे इंतजार के बाद मंच तैयार हुआ, लेकिन एशिया कप की ट्रॉफी को अचानक वहां से हटा दिया गया। टीम ने ट्रॉफी स्वीकार नहीं की, हालांकि भारतीय खिलाड़ियों ने मंच पर खिताब का जश्न जरूर मनाया था। कप्तान सूर्यकुमार यादव ने अपने साथियों के साथ काल्पनिक ट्रॉफी उठाकर जीत का जश्न मनाया था।
महिला टीम ने भी पाकिस्तान के खिलाफ नहीं मिलाया हाथ
पूरे टूर्नामेंट में भारत और पाकिस्तान के बीच संबंधों का असर क्रिकेट मैदान पर भी दिखाई दिया। भारतीय खिलाड़ियों और कप्तान ने टॉस या मुकाबले के बाद पाकिस्तानी खिलाड़ियों से हाथ नहीं मिलाया। भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन किया और जीत को भारतीय सशस्त्र बलों के जवानों को समर्पित किया।
भारत ने शानदार प्रदर्शन से जीता खिताब
ट्रॉफी विवाद से अलग भारतीय टीम ने फाइनल में बेहतरीन ऑलराउंड प्रदर्शन किया। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 183/5 रन बनाए। शैफाली वर्मा ने 39 गेंदों में 68 और स्मृति मंधाना ने 39 गेंदों में 59 रन बनाए। दोनों ने पहले विकेट के लिए रिकॉर्ड 129 रनों की साझेदारी की। इसके बाद गेंदबाजी में श्री चरणी ने 4/20 का शानदार प्रदर्शन किया और श्रीलंका को 111 रन पर ऑलआउट कर भारत को खिताब दिलाया।
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