Shamik Bhattacharya : पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस से अलग होकर नए राजनीतिक मंच NCPI में पहुंचे सांसदों को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। कूच बिहार के सांसद जगदीश चंद्र वर्मा बसुनिया ने दावा किया है कि NCPI में शामिल हुए 20 सांसदों में से 17 आगामी दुर्गापूजा के पहले या उसके बाद भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो सकते हैं। हालांकि, प्रदेश BJP अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने इस दावे को लेकर स्पष्ट संकेत दिया है कि पार्टी में सभी के प्रवेश का रास्ता खुला नहीं है।
शमिक भट्टाचार्य ने बसुनिया की मांग को किया खारिज
राज्य BJP अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने जगदीश चंद्र वर्मा बसुनिया की BJP में शामिल होने की इच्छा को सीधे तौर पर खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि पार्टी को 2021 के विधानसभा चुनाव के बाद BJP कार्यकर्ताओं के साथ हुई कथित ज्यादतियों को नहीं भूलना चाहिए। शमिक ने संकेत दिया कि केवल BJP में शामिल होने की इच्छा जताने भर से किसी व्यक्ति को पार्टी में जगह मिलना तय नहीं है।
‘मंगल की BJP’ वाले बयान से साधा निशाना
शमिक भट्टाचार्य ने बसुनिया के दावे पर व्यंग्य करते हुए कहा कि जिस BJP में शामिल होने की बात की जा रही है, वह शायद ‘मंगल की BJP’ हो सकती है। उनके इस बयान को राजनीतिक हलकों में बसुनिया की मांग को लेकर पार्टी की नाराजगी के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। प्रदेश अध्यक्ष ने साफ किया कि संगठन अपने कार्यकर्ताओं और पुराने राजनीतिक संघर्षों को नजरअंदाज करके कोई फैसला नहीं करेगा।
2021 के बाद BJP कार्यकर्ताओं का मुद्दा उठाया
शमिक ने विशेष रूप से 2021 के विधानसभा चुनाव के बाद BJP कार्यकर्ताओं के खिलाफ हुई कथित हिंसा और ज्यादतियों का उल्लेख किया। उनका कहना है कि उस दौर को भुलाकर तृणमूल से आए नेताओं को आसानी से पार्टी में शामिल करना कार्यकर्ताओं के प्रति उचित संदेश नहीं होगा। BJP नेतृत्व के भीतर भी पुराने कार्यकर्ताओं की भावनाओं को लेकर चर्चा होने की बात सामने आ रही है।
बसुनिया ने 17 सांसदों के BJP में जाने का किया दावा
जगदीश चंद्र वर्मा बसुनिया का दावा है कि तृणमूल कांग्रेस छोड़कर NCPI में शामिल हुए 20 सांसदों में से 17 सीधे BJP में शामिल होने वाले हैं। उनके मुताबिक, यह प्रक्रिया दुर्गापूजा से पहले या फिर पूजा के बाद हो सकती है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि तीन अल्पसंख्यक सांसद BJP में शामिल नहीं होंगे और NCPI में रहते हुए NDA का समर्थन जारी रखेंगे।
तीन अल्पसंख्यक सांसदों को लेकर अलग स्थिति
बसुनिया के मुताबिक, मुर्शिदाबाद से जुड़े अबू ताहिर खान, खलीलुर रहमान और यूसुफ पठान सीधे BJP में शामिल होने के इच्छुक नहीं थे। उन्होंने दावा किया कि इन सांसदों की BJP नेतृत्व से बातचीत हुई थी और बाद में उन्हें NCPI में शामिल होने की सलाह दी गई। इस दावे के मुताबिक, इसके पीछे दल-बदल विरोधी कानून से जुड़ी परिस्थितियों को भी ध्यान में रखा गया था।
दल-बदल कानून को लेकर भी किया गया दावा
बसुनिया ने दावा किया कि BJP की सलाह पर कई सांसद NCPI में शामिल हुए थे, ताकि दल-बदल विरोधी कानून से जुड़ी संभावित मुश्किलों से बचा जा सके। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। अब BJP में शामिल होने को लेकर अलग-अलग सांसदों की स्थिति और पार्टी नेतृत्व के रुख पर राजनीतिक नजरें टिकी हैं।
BJP के कोर वोट बैंक को लेकर चिंता
NCPI के सांसदों के BJP के करीब आने की चर्चाओं ने पार्टी के अंदर एक अलग बहस भी खड़ी कर दी है। कुछ स्तरों पर यह सवाल उठ रहा है कि तृणमूल से आने वाले नेताओं को शामिल करने से BJP के पारंपरिक और कोर वोट बैंक पर क्या असर पड़ेगा। पुराने कार्यकर्ताओं के बीच भी ऐसे नेताओं को लेकर स्वीकार्यता महत्वपूर्ण मुद्दा बन सकती है।
शमिक के बयान से फिलहाल तस्वीर साफ
फिलहाल शमिक भट्टाचार्य ने 17 सांसदों के BJP में शामिल होने की संभावना पर कोई उत्साह नहीं दिखाया है। उनके बयान से संकेत मिलता है कि पार्टी नेतृत्व पुराने राजनीतिक घटनाक्रम और कार्यकर्ताओं की भावनाओं को ध्यान में रखकर ही किसी बाहरी नेता को संगठन में शामिल करने का फैसला करेगा। ऐसे में बसुनिया का दावा फिलहाल राजनीतिक चर्चा का विषय जरूर है, लेकिन BJP में औपचारिक प्रवेश को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।
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