CGSSB Bharti 2026 : छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल यानी CGSSB भर्ती परीक्षाओं में अभ्यर्थियों की पहचान को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी कर रहा है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत अभ्यर्थी की पहचान केवल फोटो पहचान पत्र के आधार पर नहीं होगी, बल्कि भर्ती प्रक्रिया के अलग-अलग चरणों में डिजिटल माध्यम से भी सत्यापन किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य फर्जी अभ्यर्थियों और किसी दूसरे व्यक्ति के स्थान पर परीक्षा देने जैसी गड़बड़ियों को रोकना है।
आवेदन से नौकरी जॉइनिंग तक होगी पहचान की जांच
नई प्रक्रिया में अभ्यर्थी की पहचान आवेदन से लेकर परीक्षा केंद्र में प्रवेश और चयन के बाद नियुक्ति तक सत्यापित किए जाने की व्यवस्था होगी। यानी भर्ती प्रक्रिया के दौरान अलग-अलग चरणों में उपलब्ध पहचान संबंधी रिकॉर्ड का मिलान किया जा सकेगा। इससे यह सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी कि परीक्षा देने वाला व्यक्ति वही है, जिसने भर्ती के लिए आवेदन किया है और चयन के बाद नियुक्ति भी उसी अभ्यर्थी को मिल रही है।
परीक्षा केंद्र पर डिजिटल तरीके से होगा सत्यापन
परीक्षा केंद्र में प्रवेश के समय अभ्यर्थियों की पहचान डिजिटल माध्यम से सत्यापित किए जाने की तैयारी है। इसके लिए बायोमेट्रिक तकनीक का इस्तेमाल किया जा सकता है। फिंगरप्रिंट और आईरिस स्कैन जैसे विकल्पों के जरिए अभ्यर्थी की पहचान की पुष्टि की जाएगी। इस व्यवस्था से पारंपरिक दस्तावेजों के साथ तकनीकी स्तर पर भी पहचान का मिलान संभव होगा।
Fingerprint और Iris Scan से होगी पहचान
प्रस्तावित व्यवस्था के तहत परीक्षा केंद्र पर अभ्यर्थी के फिंगरप्रिंट का रिकॉर्ड लेकर उसका सत्यापन किया जा सकता है। इसके अलावा आईरिस स्कैन यानी आंख की पुतली से संबंधित डिजिटल पहचान का भी इस्तेमाल किया जाएगा। इन दोनों माध्यमों से व्यक्ति की पहचान को अधिक सटीक तरीके से सत्यापित करने में मदद मिल सकती है। चयन के बाद नियुक्ति के समय भी उपलब्ध रिकॉर्ड के साथ पहचान का मिलान किया जाएगा।
आधार प्रमाणीकरण शुरुआती चरण में स्वैच्छिक रहेगा
CGSSB की नई व्यवस्था में आधार आधारित प्रमाणीकरण को शुरुआती तौर पर स्वैच्छिक रखने की बात कही गई है। यानी अभ्यर्थी की सहमति के बाद ही आधार के माध्यम से उसकी पहचान सत्यापित की जाएगी। इसका उद्देश्य पहचान सत्यापन की प्रक्रिया को मजबूत करना है, लेकिन साथ ही यह सुनिश्चित करना भी है कि तकनीकी कारणों से किसी योग्य अभ्यर्थी को परेशानी न हो।
Aadhaar Verification फेल होने पर नहीं होगा नुकसान
अगर सर्वर डाउन होने, तकनीकी खराबी या किसी अन्य वैध कारण से आधार प्रमाणीकरण पूरा नहीं हो पाता है, तो अभ्यर्थी को केवल इसी वजह से भर्ती प्रक्रिया से बाहर नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में ई-KYC अथवा अन्य मान्य सरकारी दस्तावेजों के माध्यम से पहचान की पुष्टि करने का विकल्प उपलब्ध रहेगा। इससे तकनीकी समस्या के कारण उम्मीदवार के अवसर प्रभावित होने की आशंका कम होगी।
परीक्षा ड्यूटी में तैनात कर्मचारियों का भी सत्यापन
नई व्यवस्था का दायरा केवल परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों तक सीमित नहीं रहेगा। परीक्षा संचालन से जुड़े अधिकारियों, केंद्र पर्यवेक्षकों और अन्य कर्मचारियों की पहचान का भी प्रमाणीकरण किए जाने की तैयारी है। इसका उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाना और परीक्षा केंद्र के भीतर किसी भी तरह की अनियमितता या मिलीभगत की आशंका को कम करना है।
व्यापमं की जगह CGSSB संभाल रहा भर्ती परीक्षाओं की जिम्मेदारी
छत्तीसगढ़ में कर्मचारी चयन मंडल को विभिन्न विभागों के तृतीय और चतुर्थ श्रेणी पदों की भर्ती के साथ प्रवेश एवं पात्रता परीक्षाओं के आयोजन की जिम्मेदारी दी गई है। इससे पहले इन परीक्षाओं का आयोजन छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल यानी व्यापमं के माध्यम से किया जाता था। नई पहचान सत्यापन व्यवस्था लागू होने के बाद भर्ती परीक्षाओं में अभ्यर्थियों की पहचान सुनिश्चित करने की प्रक्रिया और अधिक तकनीकी एवं व्यवस्थित होने की उम्मीद है।
फर्जी अभ्यर्थियों पर रोक लगाने की तैयारी
CGSSB की प्रस्तावित व्यवस्था का सबसे बड़ा उद्देश्य भर्ती परीक्षाओं में फर्जीवाड़े की संभावनाओं को कम करना है। आवेदन, परीक्षा और नियुक्ति के अलग-अलग चरणों में पहचान का मिलान होने से किसी दूसरे व्यक्ति के अभ्यर्थी की जगह परीक्षा देने की आशंका पर रोक लगाने में मदद मिल सकती है। इससे भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने और वास्तविक अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा करने की दिशा में कदम मजबूत होगा।
Read More : Raipur Municipal Corporation : रायपुर में बिना अनुमति पंडाल लगाने पर नोटिस, 24 घंटे में हटाने के निर्देश, होगी कार्रवाई