Pakistan News : पाकिस्तान में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के खिलाफ कानूनी कार्रवाई तेज हो गई है। इस्लामाबाद की एक आतंकवाद-रोधी अदालत ने पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं और विधायकों के पासपोर्ट तत्काल प्रभाव से ब्लॉक करने का आदेश दिया है। अदालत के इस फैसले से PTI के भीतर राजनीतिक और कानूनी दबाव और बढ़ गया है।
मुख्यमंत्री सुहेल अफरीदी समेत 25 नेताओं पर कार्रवाई
अदालत के आदेश के मुताबिक खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री मोहम्मद सुहेल अफरीदी समेत PTI से जुड़े 24 अन्य नेताओं और विधायकों के पासपोर्ट ब्लॉक किए जाएंगे। विशेष जज अबुल हसनात मोहम्मद जुल्करनैन ने इस्लामाबाद पुलिस की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए यह निर्देश जारी किया।
FIA को पासपोर्ट ब्लॉक रखने का निर्देश
अदालत ने फेडरल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (FIA) को निर्देश दिया है कि संबंधित सभी नेताओं के पासपोर्ट अगले आदेश तक ब्लॉक रखे जाएं। इस आदेश का उद्देश्य आरोपियों की संभावित विदेश यात्रा पर रोक लगाना बताया गया है। अदालत के निर्देश के बाद संबंधित एजेंसियों के लिए इन नेताओं के यात्रा दस्तावेजों पर कार्रवाई करना अनिवार्य हो गया है।
पुलिस ने अदालत में गैरहाजिरी का मुद्दा उठाया
सुनवाई के दौरान जांच अधिकारी ने अदालत को बताया कि नामजद आरोपी लगातार न्यायिक कार्यवाही से अनुपस्थित रह रहे हैं। पुलिस के अनुसार, कुछ नेताओं को अंतरिम जमानत मिली हुई है, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने जांच प्रक्रिया में अपेक्षित सहयोग नहीं किया। इसी आधार पर पुलिस ने अदालत से उनके खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग की थी।
सरकारी संस्थानों पर हमले के गंभीर आरोप
पुलिस ने अदालत को बताया कि संबंधित PTI नेताओं के खिलाफ सरकारी संस्थानों पर हमले और आतंकवाद को बढ़ावा देने जैसे गंभीर आरोप दर्ज हैं। जांच एजेंसी का कहना है कि इन मामलों की जांच जारी है और आरोपियों की गैरहाजिरी से कानूनी प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। हालांकि, इन आरोपों पर अंतिम फैसला अदालत की न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।
विदेश भागने की आशंका जताई गई
जांच एजेंसी ने अदालत के सामने यह आशंका भी जताई कि कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए आरोपी देश छोड़कर विदेश जा सकते हैं। इसी संभावित स्थिति को रोकने के लिए उनके पासपोर्ट ब्लॉक करने की मांग की गई थी। अदालत ने पुलिस की दलीलों पर विचार करने के बाद FIA को पासपोर्ट ब्लॉक रखने का निर्देश दिया।
इन प्रमुख नेताओं के नाम भी शामिल
इस कार्रवाई की जद में मुख्यमंत्री सुहेल अफरीदी के अलावा पूर्व नेशनल असेंबली स्पीकर असद कैसर भी शामिल हैं। इसके साथ ही विधायक शहरम खान तरकई, शाह अहमद, शेर अली अरबाब और मोहम्मद इकबाल अफरीदी के नाम भी सामने आए हैं। डॉ. अमजद अली, जुनैद अकबर, शाहिद खट्टक और जुबैर वजीर समेत कई अन्य PTI नेता भी आदेश के दायरे में हैं।
कई अन्य PTI नेताओं पर भी कार्रवाई
अदालत के आदेश में अरशद उमरजई, जर आलम, मियां उमर और अख्तर खान समेत अन्य नेताओं के पासपोर्ट ब्लॉक करने का निर्देश दिया गया है। इस फैसले से पार्टी के उन नेताओं की विदेश यात्रा प्रभावित हो सकती है, जिनके दस्तावेज अदालत के आदेश के तहत प्रतिबंधित किए गए हैं।
27 सितंबर के प्रदर्शन से पहले बढ़ा तनाव
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब PTI ने 27 सितंबर को देशव्यापी विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है। पार्टी की ओर से सरकार के खिलाफ समर्थन जुटाने की कोशिशें जारी हैं। इसी सिलसिले में मुख्यमंत्री सुहेल अफरीदी पंजाब प्रांत का दौरा कर रहे थे। ऐसे में अदालत का आदेश पार्टी के लिए महत्वपूर्ण राजनीतिक और कानूनी घटनाक्रम माना जा रहा है।
पंजाब पुलिस पर अफरीदी ने लगाए गंभीर आरोप
पंजाब दौरे के दौरान मुख्यमंत्री सुहेल अफरीदी ने पंजाब पुलिस पर बदसलूकी और मारपीट करने के गंभीर आरोप लगाए। उनका दावा है कि पुलिस ने उन्हें कथित तौर पर अगवा करने की कोशिश की और मारपीट के बाद सड़क किनारे छोड़ दिया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में नहीं हुई है।
दूसरे प्रांत के मुख्यमंत्री से व्यवहार पर सवाल
अफरीदी ने घटना को लेकर पंजाब सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि एक प्रांत के मुख्यमंत्री के साथ दूसरे प्रांत की पुलिस का इस तरह का व्यवहार बेहद शर्मनाक है। उन्होंने पंजाब सरकार से इस घटना का जवाब देने की मांग की है। PTI के लिए यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है, जब पार्टी पहले से ही कई कानूनी मामलों का सामना कर रही है।
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