ASF Vaccine Trial : सरगुजा संभाग में अफ्रीकन स्वाइन फीवर के खिलाफ विकसित वैक्सीन के ट्रायल को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। आईसीएआर की भोपाल स्थित हाई सिक्योरिटी एनिमल डिजीज लैब के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. सेंथिल और डॉ. फतेह ने सरगुजा संभागायुक्त नरेंद्र दुग्गे से सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान वैज्ञानिकों ने सकलो-अंबिकापुर स्थित शासकीय पिग फार्म में चलाए गए वैक्सीन ट्रायल और उसके परिणामों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
सकलो-अंबिकापुर के शासकीय पिग फार्म में हुआ ट्रायल
जानकारी के मुताबिक, अफ्रीकन स्वाइन फीवर की वैक्सीन का ट्रायल मार्च 2026 से सकलो-अंबिकापुर स्थित शासकीय पिग फार्म में चल रहा था। इस दौरान वैक्सीन की प्रभावशीलता और उपयोग से संबंधित विभिन्न पहलुओं का परीक्षण किया गया। वैज्ञानिकों ने संभागायुक्त को बताया कि फार्म में चलाया गया ट्रायल सफल रहा है। इस उपलब्धि को बीमारी से प्रभावित होने वाले शूकर पालन क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
16 जुलाई को देश को समर्पित की गई वैक्सीन
ट्रायल सफल होने के बाद इस वैक्सीन को 16 जुलाई 2026 को आईसीएआर के फाउंडेशन डे के अवसर पर देश को समर्पित किया गया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस अवसर पर वैक्सीन को देश के लिए समर्पित किया। वैक्सीन के विकास और परीक्षण से जुड़ी वैज्ञानिक टीम की भूमिका इस पूरी प्रक्रिया में महत्वपूर्ण रही है।
अफ्रीकन स्वाइन फीवर शूकरों के लिए गंभीर बीमारी
अफ्रीकन स्वाइन फीवर एक वायरल बीमारी है, जो घरेलू और जंगली दोनों तरह के शूकरों को प्रभावित कर सकती है। यह बीमारी शूकर पालन क्षेत्र के लिए गंभीर चुनौती मानी जाती है। बीमारी के फैलने की स्थिति में बड़ी संख्या में पशुओं की मौत होने से पशुपालकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। इसी वजह से लंबे समय से इस बीमारी के प्रभावी नियंत्रण के उपायों की आवश्यकता महसूस की जाती रही है।
बीमारी से पशुपालकों को होता रहा है आर्थिक नुकसान
अफ्रीकन स्वाइन फीवर के कारण शूकर पालकों को पशुधन के नुकसान के साथ आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता रहा है। संक्रमित पशुओं की मौत होने से किसानों और पशुपालकों की आय प्रभावित होती है। बीमारी का प्रकोप बढ़ने पर इसका असर स्थानीय शूकर पालन कारोबार पर भी पड़ सकता है। ऐसे में वैक्सीन का सफल विकास इस क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
वैक्सीन से बीमारी नियंत्रण की उम्मीद
वैक्सीन के सफल ट्रायल और इसके देश को समर्पित किए जाने के बाद शूकर पालन क्षेत्र में बीमारी के नियंत्रण को लेकर उम्मीद बढ़ी है। यदि वैक्सीन का प्रभावी उपयोग व्यापक स्तर पर होता है तो अफ्रीकन स्वाइन फीवर से होने वाले पशुधन नुकसान को कम करने में मदद मिल सकती है। इससे शूकर पालकों को संभावित आर्थिक नुकसान से बचाने में भी सहायता मिलने की उम्मीद है।
मुलाकात में कई अधिकारी और विशेषज्ञ रहे मौजूद
संभागायुक्त नरेंद्र दुग्गे के साथ हुई मुलाकात के दौरान डॉ. सेंथिल और डॉ. फतेह के अलावा डॉ. अजय अग्रवाल और डॉ. सीके मिश्रा भी मौजूद रहे। बैठक में वैक्सीन के ट्रायल, बीमारी के प्रभाव और शूकर पालन क्षेत्र में इसके संभावित उपयोग से जुड़े विषयों पर जानकारी साझा की गई। सरगुजा के शासकीय पिग फार्म में हुए इस सफल ट्रायल को क्षेत्र में पशु स्वास्थ्य और शूकर पालन के लिए एक महत्वपूर्ण वैज्ञानिक पहल के रूप में देखा जा रहा है।
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