Silver Gold Price : अमेरिकी डॉलर और बॉन्ड यील्ड में होने वाले बदलाव, पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के बीच इस सप्ताह भी सोने के भाव में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि सोना फिलहाल एक सीमित दायरे में कारोबार कर सकता है। पिछले सप्ताह मौद्रिक नीति और भू-राजनीतिक घटनाक्रमों पर बाजार की नजर रही, जबकि अब निवेशकों का ध्यान आने वाले आर्थिक आंकड़ों पर केंद्रित हो गया है।
आर्थिक आंकड़ों से तय होगी बाजार की अगली दिशा
निवेशकों की नजर प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर से जुड़े खरीद प्रबंधक सूचकांक यानी PMI आंकड़ों पर रहेगी। इन आंकड़ों से वैश्विक आर्थिक गतिविधियों की स्थिति का संकेत मिल सकता है। इसके अलावा बाजार यह भी आकलन करेगा कि प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में मांग और कारोबारी गतिविधियां किस दिशा में बढ़ रही हैं। इन संकेतकों का असर डॉलर, बॉन्ड यील्ड और सोने की कीमतों पर पड़ सकता है।
अमेरिकी हाउसिंग और कंज्यूमर डेटा भी महत्वपूर्ण
सप्ताह के आखिर में अमेरिका से जारी होने वाले हाउसिंग मार्केट, ड्यूरेबल कंज्यूमर गुड्स के ऑर्डर और उपभोक्ता धारणा से संबंधित आंकड़ों पर भी निवेशकों की नजर रहेगी। विशेषज्ञों के मुताबिक, इन आंकड़ों से अमेरिकी अर्थव्यवस्था की स्थिति और भविष्य की मौद्रिक नीति को लेकर संकेत मिल सकते हैं। इसके साथ ही सोने की मांग पर भी इन आंकड़ों का अप्रत्यक्ष असर देखने को मिल सकता है।
पिछले सप्ताह MCX पर सोना 1597 रुपये चढ़ा
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर पिछले सप्ताह अक्टूबर डिलीवरी वाला सोना 1,597 रुपये यानी 1.04 प्रतिशत की बढ़त के साथ 1.54 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। इसी अवधि में चांदी के वायदा भाव में भी जोरदार तेजी दर्ज की गई। चांदी 6,629 रुपये यानी करीब तीन प्रतिशत बढ़कर 2.41 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंच गई।
निचले स्तर पर खरीदारी से सोने को मिला सहारा
एलकेपी सिक्योरिटीज के कमोडिटी और करेंसी रिसर्च एनालिस्ट जतिन त्रिवेदी के अनुसार, MCX पर सोना पिछले सप्ताह करीब 1.50 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास कमजोरी के साथ खुला था। हालांकि, निचले स्तरों पर खरीदारी बढ़ने से कीमतों को समर्थन मिला और सोना बढ़कर 1.54 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया। उनके मुताबिक, यह तेजी बाजार में रहे तेज उतार-चढ़ाव के बाद देखने को मिली।
भू-राजनीतिक घटनाक्रम पर बाजार की लगातार नजर
सोने की कीमतों को वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक घटनाक्रमों से भी दिशा मिल रही है। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के बीच निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्पों पर भी नजर रखते हैं। दूसरी तरफ अमेरिकी डॉलर और बॉन्ड यील्ड में बदलाव सोने की कीमतों पर दबाव या समर्थन पैदा कर सकते हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में वैश्विक संकेत महत्वपूर्ण रहेंगे।
COMEX पर सोना मामूली बढ़त के साथ बंद
अंतरराष्ट्रीय बाजार में न्यूयॉर्क के COMEX पर दिसंबर डिलीवरी वाला सोना मामूली बढ़त के साथ 4,424.9 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुआ। वहीं, चांदी में करीब तीन प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई और यह 67.15 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार की यह चाल घरेलू सर्राफा बाजार के लिए भी महत्वपूर्ण संकेत मानी जाती है।
लगातार तीसरे सप्ताह मजबूत रहा सोने का कारोबार
जेएम फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट प्रणव मेर के अनुसार, सोने के वायदा कारोबार में लगातार स्थिरता बनी हुई है और कीमतें तीसरे सप्ताह भी मजबूत दायरे में रहीं। पिछले दो कारोबारी सत्रों में निचले स्तर पर कुछ खरीदारी देखने को मिली, जिससे सप्ताह का अंत बढ़त के साथ हुआ। अब बाजार की दिशा आर्थिक आंकड़ों और वैश्विक घटनाक्रमों से तय होने की संभावना है।
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