Bhupesh Baghel Convoy Attack : असम में कांग्रेस के चुनावी अभियान के दौरान पूर्व छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और कांग्रेस नेताओं के काफिले पर कथित पथराव का मामला सामने आया है। कांग्रेस नेता और असम प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा कर दावा किया कि उनके काफिले को निशाना बनाकर पत्थर फेंके गए। घटना के बाद कांग्रेस ने सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाए हैं।
काफिले में कई वरिष्ठ कांग्रेस नेता मौजूद
कांग्रेस के मुताबिक, जिस काफिले पर कथित तौर पर हमला हुआ, उसमें भूपेश बघेल के अलावा गौरव गोगोई, कांग्रेस सचिव मनोज चौहान और पार्टी की उम्मीदवार सिवामोनी बोरा समेत कई नेता मौजूद थे। यह काफिला चुनावी कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए जा रहा था। घटना के संबंध में कांग्रेस की ओर से साझा किए गए वीडियो और बयानों में वाहनों को लेकर पथराव के आरोप लगाए गए हैं।
गौरव गोगोई ने वीडियो शेयर कर लगाया आरोप
गौरव गोगोई ने सोशल मीडिया पोस्ट में एक वीडियो साझा करते हुए इसे अपने काफिले पर हुए कथित हमले का स्पष्ट वीडियो बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि वाहनों की ओर पत्थर फेंके गए। कांग्रेस नेता ने दावा किया कि पुलिस को पहले से भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कहा गया था, लेकिन उनके अनुसार स्थिति बिगड़ने दी गई। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।
हिमंता बिस्वा सरमा और पुलिस पर सवाल
घटना के बाद गौरव गोगोई ने असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा और राज्य पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री दूसरे राज्यों में पुलिस भेजने की बात कर सकते हैं, लेकिन असम में काफिले पर पत्थर फेंकने वालों की पहचान को लेकर कार्रवाई का सवाल खड़ा हो रहा है। कांग्रेस नेता ने इस मामले में पुलिस से कार्रवाई की मांग की है।
चुनाव आयोग की भूमिका पर भी उठे सवाल
गौरव गोगोई ने चुनाव आयोग की भूमिका पर भी सवाल उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावी माहौल में हुई इस घटना पर आयोग को कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग करते हुए तबादले या निलंबन जैसी संभावित कार्रवाई का मुद्दा भी उठाया। कांग्रेस नेता ने असम के पुलिस महानिदेशक से घटना की जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की अपील की है।
समागुरी इलाके में घटना की जानकारी
स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, घटना समागुरी विधानसभा क्षेत्र के बरमा इलाके में हुई, जब कांग्रेस नेता नगांव में चुनावी कार्यक्रम के लिए जा रहे थे। कांग्रेस के अनुसार, कुछ लोगों ने काफिले के सामने काले झंडे दिखाए और ‘गो बैक’ के नारे लगाए। इसके बाद वाहनों की ओर कथित तौर पर पत्थर फेंके गए। इलाके में सुरक्षा बलों की तैनाती की सूचना भी सामने आई है।
मनोज चौहान को चोट लगने का कांग्रेस का दावा
कांग्रेस की ओर से यह भी दावा किया गया कि एक वाहन को नुकसान पहुंचा और उसमें मौजूद एआईसीसी सचिव मनोज चौहान को पत्थर लगने से चोट आई। पार्टी ने घटना को लेकर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। हालांकि, घटना के प्रत्येक पहलू और चोट से जुड़े दावों की पुष्टि के लिए पुलिस या प्रशासन की विस्तृत आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।
नगांव उपचुनाव के बीच बढ़ी राजनीतिक सक्रियता
यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब असम में नगांव लोकसभा उपचुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं। कांग्रेस ने सिवामोनी बोरा को उम्मीदवार बनाया है, जबकि बीजेपी ने पूर्व नगांव उपायुक्त देबाशीष शर्मा को मैदान में उतारा है। एआईयूडीएफ प्रमुख बदरुद्दीन अजमल भी चुनाव लड़ रहे हैं। उपचुनाव 6 अक्टूबर को होना है, जिसके कारण प्रमुख दलों का प्रचार अभियान तेज हो चुका है।
असम प्रभारी बनने के बाद बघेल का पहला दौरा
भूपेश बघेल 21 सितंबर को असम के दौरे पर हैं। असम कांग्रेस के प्रभारी बनाए जाने के बाद यह उनका पहला दौरा है। इस दौरान उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों के साथ संगठनात्मक बैठकों और चुनावी रणनीति पर चर्चा की। कांग्रेस की ओर से नगांव उपचुनाव को लेकर सहयोगी दलों के साथ मिलकर चुनाव लड़ने और स्थानीय मुद्दों को प्रमुखता देने की बात भी कही गई है।
पुलिस की कार्रवाई और आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार
काफिले पर कथित पथराव को लेकर कांग्रेस ने गंभीर आरोप लगाए हैं, लेकिन घटना की पूरी तस्वीर सामने आने के लिए पुलिस जांच और आधिकारिक प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण होगी। फिलहाल उपलब्ध रिपोर्टों में सुरक्षा बलों की तैनाती और घटना की जांच से जुड़ी जानकारी सामने आई है। ऐसे में पथराव की परिस्थितियों, इसमें शामिल लोगों और जिम्मेदारी तय करने से जुड़े अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही स्पष्ट होंगे।
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