Zelensky UNGA Speech : न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें अधिवेशन को संबोधित करते हुए यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने रूस पर गंभीर आरोप लगाए। जेलेंस्की ने दावा किया कि यूक्रेन के खिलाफ जारी युद्ध में रूस 47 देशों के नागरिकों का इस्तेमाल कर रहा है। उन्होंने संबंधित देशों की सरकारों से अपील की कि वे अपने नागरिकों को इस संघर्ष में शामिल होने से रोकने के लिए समय रहते कदम उठाएं।
भारत समेत 47 देशों का जेलेंस्की ने किया जिक्र
जेलेंस्की ने अपने संबोधन के दौरान भारत समेत कई देशों के नाम लिए। उन्होंने भारत, नेपाल, घाना, ताजिकिस्तान, यमन, केन्या, जिम्बाब्वे, क्यूबा, बेलारूस, सूडान और दक्षिण अफ्रीका का उल्लेख किया। यूक्रेनी राष्ट्रपति ने कहा कि इन देशों के नागरिक रूस के युद्ध प्रयासों का हिस्सा बन रहे हैं। हालांकि, यह बयान जेलेंस्की का दावा है और इसमें बताए गए आंकड़े तथा परिस्थितियां संबंधित देशों की ओर से अलग-अलग तरीके से देखी जा सकती हैं।
देशों से अपने नागरिकों की सुरक्षा की अपील
जेलेंस्की ने महासभा में मौजूद 47 देशों के प्रतिनिधियों को सीधे संबोधित करते हुए उनसे अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संबंधित सरकारों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनके नागरिकों को युद्ध के मैदान में भेजे जाने से पहले आवश्यक कदम उठाए जाएं। उनका कहना था कि दूसरे देशों के लोगों को रूस-यूक्रेन संघर्ष का हिस्सा बनने से रोकना जरूरी है।
पुतिन को लेकर जेलेंस्की ने दिया संदेश
यूक्रेनी राष्ट्रपति ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पर भी निशाना साधा। जेलेंस्की ने देशों से अपील की कि वे रूस को अपने नागरिकों को युद्ध में खींचने की अनुमति न दें। उन्होंने कहा कि किसी भी देश के नागरिकों की जान का इस्तेमाल रूस के युद्ध प्रयासों और सैन्य अभियान की कीमत चुकाने के लिए नहीं किया जाना चाहिए।
रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच बढ़ी सैन्य गतिविधियां
जेलेंस्की का यह संबोधन ऐसे समय में हुआ है जब रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध जारी है। दोनों पक्षों की ओर से हमलों और जवाबी कार्रवाई की खबरें लगातार सामने आती रही हैं। रूस यूक्रेन के विभिन्न हिस्सों में मिसाइल और ड्रोन हमले करता रहा है, जबकि यूक्रेन की ओर से भी रूस के सैन्य और ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाने वाली कार्रवाई की जाती रही है।
रूस के राजस्व स्रोतों पर जेलेंस्की का जोर
जेलेंस्की ने अपने संबोधन में रूस के आर्थिक स्रोतों को सीमित करने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को रूस के राजस्व के उन स्रोतों पर ध्यान देना चाहिए, जिनसे उसके युद्ध प्रयासों को आर्थिक समर्थन मिल सकता है। उनका तर्क था कि रूस के साथ व्यापार से उसे मिलने वाला अतिरिक्त धन युद्ध को लंबे समय तक जारी रखने में मदद कर सकता है।
रूस के साथ व्यापार सीमित करने की अपील
यूक्रेनी राष्ट्रपति ने दुनिया के देशों से रूस के साथ व्यापारिक संबंधों पर प्रतिबंध और सीमाएं बढ़ाने की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि यूक्रेन खुद रूस के राजस्व स्रोतों को सीमित करने की दिशा में कदम उठा रहा है। जेलेंस्की के मुताबिक, रूस की आर्थिक क्षमता को प्रभावित करना उसके सैन्य अभियान पर दबाव बनाने के प्रयासों का हिस्सा होना चाहिए।
रूस की ओर से महासभा में लावरोव करेंगे प्रतिनिधित्व
रूस की ओर से संयुक्त राष्ट्र महासभा में विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पिछले कई वर्षों से महासभा के उच्चस्तरीय सत्र में व्यक्तिगत रूप से शामिल नहीं हुए हैं। इस बीच लावरोव ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक में कहा कि रूस स्थायी शांति के लिए बातचीत करने को तैयार है, लेकिन वह केवल युद्ध को अस्थायी रूप से रोकने के बजाय स्थायी समाधान की दिशा में चर्चा चाहता है।
युद्ध खत्म करने को लेकर दोनों पक्षों के अलग रुख
UNGA में जेलेंस्की के बयान और रूस की ओर से लावरोव के रुख से साफ है कि युद्ध को लेकर दोनों पक्षों की प्राथमिकताएं अलग हैं। यूक्रेन रूस पर दबाव बढ़ाने और उसके संसाधनों को सीमित करने की मांग कर रहा है, जबकि मॉस्को बातचीत के लिए तैयार होने की बात कह रहा है। ऐसे में संयुक्त राष्ट्र मंच पर रूस-यूक्रेन संघर्ष को लेकर कूटनीतिक गतिविधियां महत्वपूर्ण बनी हुई हैं।
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