Greater Noida Bus Fire : ग्रेटर नोएडा के यमुना एक्सप्रेसवे पर सोमवार को एक दर्दनाक हादसे ने यात्रियों में दहशत पैदा कर दी। दिल्ली से महोबा जा रही यात्रियों से भरी स्लीपर बस में अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही देर में पूरी बस आग की लपटों में घिर गई। हादसे के वक्त बस में करीब 40 से 50 यात्री सवार बताए जा रहे हैं।
देखते ही देखते आग की लपटों में घिर गई पूरी बस
प्रत्यक्ष जानकारी के मुताबिक बस में आग लगते ही यात्रियों के बीच अफरा-तफरी मच गई। बस के अंदर धुआं तेजी से भरने लगा और यात्रियों को बाहर निकलने का रास्ता तलाशना पड़ा। कई यात्रियों ने अपनी जान बचाने के लिए बस के दरवाजे और खिड़कियों का सहारा लिया। कुछ लोग खिड़कियों से कूदकर बाहर निकले, जबकि अन्य यात्रियों ने धक्का-मुक्की के बीच दरवाजे से निकलकर अपनी जान बचाई।
हादसे में नौ यात्रियों की जलकर मौत
इस भीषण अग्निकांड में नौ यात्रियों की मौत होने की पुष्टि अधिकारियों की ओर से की गई है। आग इतनी विकराल थी कि बस का बड़ा हिस्सा पूरी तरह जल गया। आशंका जताई गई कि कुछ यात्री आग और धुएं के कारण बस के भीतर फंस गए थे। हादसे के बाद घटनास्थल पर राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया।
जीरो प्वाइंट से 32 किलोमीटर आगे हुआ हादसा
यह दुर्घटना जेवर थाना क्षेत्र में यमुना एक्सप्रेसवे पर हुई। बताया जा रहा है कि हादसा जीरो प्वाइंट से करीब 32 किलोमीटर आगे हुआ। बस दिल्ली से महोबा की ओर जा रही थी। आग लगने के कारण एक्सप्रेसवे पर कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया और मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस तथा राहतकर्मी पहुंच गए।
यात्री ने बताया, चारों तरफ धुआं और मची थी भगदड़
हादसे से सुरक्षित बाहर निकली एक महिला यात्री ने समाचार एजेंसी ANI को बताया कि वह घटना के समय बस में सो रही थी। अचानक दरवाजा खटखटाने की आवाज से उसकी आंख खुली तो बस में भगदड़ मची थी। यात्री के मुताबिक चारों तरफ घना धुआं था और सांस लेना मुश्किल हो रहा था। उसने सामान छोड़कर केवल अपना फोन लिया और बाहर निकलने की कोशिश की।
दरवाजे पर यात्रियों के बीच हुई धक्का-मुक्की
महिला यात्री के अनुसार बस के दरवाजे के पास यात्रियों की भारी भीड़ जमा थी। बाहर निकलने की कोशिश में लोग एक-दूसरे से टकरा रहे थे और कई यात्री गिर भी रहे थे। उसने बताया कि पीछे से किसी व्यक्ति ने उसे धक्का देकर बाहर निकालने में मदद की। उसके मुताबिक जो लोग समय रहते बाहर निकल सके, वे बच गए, जबकि पीछे मौजूद कई यात्रियों के लिए आग और धुएं के बीच बाहर निकलना संभव नहीं हो पाया।
फायर ब्रिगेड और पुलिस ने संभाला मोर्चा
हादसे की जानकारी मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। स्थानीय जेवर थाना पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंची और राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। दमकलकर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद बस में लगी आग पर काबू पाया। आग बुझने के बाद टीम बस को ठंडा करने और घटनास्थल की जांच में जुटी रही।
मुख्यमंत्री योगी ने हादसे का लिया संज्ञान
घटना की जानकारी मिलने के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे का संज्ञान लिया। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और अधिकारियों को घायलों के इलाज की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। प्रशासन की ओर से हादसे के कारणों और अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है।
हादसे के कारणों की जांच में जुटा प्रशासन
फिलहाल आग लगने की सटीक वजह सामने नहीं आई है। पुलिस और संबंधित विभाग हादसे के कारणों की जांच कर रहे हैं। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि बस में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम मौजूद थे या नहीं। प्रशासन की प्राथमिकता घायलों को उपचार उपलब्ध कराने, मृतकों की पहचान और हादसे से जुड़े अन्य तथ्यों की पुष्टि करना है।
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