Amroha Election 2027 : क्रिकेटर मोहम्मद शमी और राष्ट्रीय लोकदल (RLD) अध्यक्ष जयंत चौधरी की मुलाकात के बाद अमरोहा की राजनीति में चर्चाएं तेज हो गई हैं। इसी बीच शमी की पत्नी हसीन जहां ने भी चुनावी मैदान में उतरने की इच्छा जाहिर की है। अमर उजाला से बातचीत में हसीन जहां ने कहा कि यदि मोहम्मद शमी या उनके बड़े भाई मोहम्मद हसीब चुनाव लड़ते हैं, तो वह उनके सामने चुनाव लड़ेंगी। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी से टिकट नहीं मिलने की स्थिति में निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ने का विकल्प उनके सामने रहेगा। हालांकि, अभी किसी राजनीतिक दल ने उनकी उम्मीदवारी की आधिकारिक घोषणा नहीं की है।
शमी और जयंत चौधरी की मुलाकात से बढ़ी चर्चा
दरअसल, 21 सितंबर को मोहम्मद शमी और जयंत चौधरी की दिल्ली में मुलाकात की तस्वीर सामने आई थी। जयंत चौधरी ने सोशल मीडिया पर तस्वीर साझा करते हुए शमी से मुलाकात को सुखद अनुभव बताया था। इसके बाद 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में शमी के संभावित राजनीतिक पदार्पण को लेकर अटकलें तेज हो गईं। अमरोहा से शमी के साथ उनके बड़े भाई हसीब के चुनाव लड़ने की संभावना की भी चर्चा होने लगी। हालांकि, अभी तक किसी की आधिकारिक उम्मीदवारी सामने नहीं आई है।
अमरोहा से चुनाव लड़ने की अटकलें तेज
मोहम्मद शमी मूल रूप से अमरोहा के सहसपुर अलीनगर गांव से जुड़े हैं। जयंत चौधरी से उनकी मुलाकात के बाद स्थानीय राजनीतिक हलकों में यह सवाल उठने लगा कि क्या वह आगामी विधानसभा चुनाव के जरिए सक्रिय राजनीति में प्रवेश करेंगे। कुछ रिपोर्टों में यह भी चर्चा है कि यदि शमी खुद चुनाव मैदान में नहीं उतरते हैं, तो परिवार से किसी अन्य सदस्य को उम्मीदवार बनाया जा सकता है। हसीन जहां के बयान के बाद अब इस संभावित मुकाबले को लेकर चर्चाओं का दायरा और बढ़ गया है।
शमी और हसीन जहां लंबे समय से अलग
मोहम्मद शमी और हसीन जहां पिछले करीब आठ वर्षों से अलग रह रहे हैं। मार्च 2018 में दोनों के बीच विवाद सार्वजनिक हुआ था। हसीन जहां ने उस समय शमी और उनके परिवार पर कई गंभीर आरोप लगाए थे, जिसके बाद पुलिस शिकायत और कानूनी विवाद की स्थिति बनी। शमी पर मैच फिक्सिंग से जुड़े आरोप भी लगाए गए थे, लेकिन बाद की जांच में उन्हें इस मामले में क्लीन चिट मिली थी। दोनों के बीच वैवाहिक विवाद से जुड़े मामले अभी भी कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा हैं।
अमरोहा सदर सीट पर लंबे समय से महबूब अली
अमरोहा सदर विधानसभा सीट पर समाजवादी पार्टी के महबूब अली का लंबे समय से राजनीतिक प्रभाव रहा है। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, महबूब अली 2002 से इस सीट से विधानसभा चुनाव जीतते आए हैं। 2022 के चुनाव में उन्हें 1,28,735 वोट मिले थे, जबकि भाजपा के राम सिंह को 57,699 वोट प्राप्त हुए थे। दोनों के बीच जीत का अंतर 71,036 वोट रहा था। ऐसे में आगामी चुनाव को लेकर इस सीट पर नए राजनीतिक समीकरणों की चर्चा शुरू हो गई है।
हसीन जहां के बयान से चुनावी चर्चा को नया मोड़
हसीन जहां के ताजा बयान ने अमरोहा की चुनावी चर्चाओं में एक नया पहलू जोड़ दिया है। यदि भविष्य में शमी या हसीब की उम्मीदवारी की औपचारिक घोषणा होती है और हसीन जहां भी चुनाव लड़ती हैं, तो मुकाबले का स्वरूप क्या होगा, यह उम्मीदवारों और दलों की आधिकारिक घोषणाओं के बाद ही स्पष्ट होगा। फिलहाल शमी, हसीब या हसीन जहां में से किसी की भी अमरोहा सदर सीट से आधिकारिक उम्मीदवारी घोषित नहीं हुई है।
Read More : Xi Jinping White House: जिनपिंग ने ट्रंप-मेलानिया को कहा थैंक्यू, बोले- आपने घर जैसा अनुभव कराया