UP Politics : लखनऊ में उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव की रायबरेली से शुरू हुई PDA यात्रा को लेकर प्रतिक्रिया दी है। अखिलेश यादव ने गुरुवार 24 सितंबर को रायबरेली से अपनी यात्रा की शुरुआत की। उनके इस कदम के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर संभावित समीकरणों पर चर्चा तेज हो गई है।
अखिलेश कहीं भी जा सकते हैं: अजय राय
अजय राय ने मीडिया से बातचीत में कहा कि अखिलेश यादव देश में कहीं भी जा सकते हैं और उन्हें किसी स्थान पर जाने से रोकने जैसी कोई बात नहीं है। उन्होंने कहा कि अखिलेश रायबरेली और अमेठी जा सकते हैं, जबकि कांग्रेस नेता भी कन्नौज, इटावा और सैफई जैसे क्षेत्रों में जा सकते हैं। अजय राय ने इस यात्रा को लेकर किसी तरह की परेशानी नहीं होने की बात कही।
राहुल गांधी को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष का बयान
अजय राय ने बातचीत के दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में पूरा देश राहुल गांधी की ओर देख रहा है। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब राहुल गांधी ने एक दिन पहले दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुनाव प्रक्रिया और चुनाव आयोग को लेकर कई सवाल उठाए थे।
राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर लगाए आरोप
राहुल गांधी ने 24 सितंबर को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने चुनाव आयोग और भाजपा पर वोट चोरी तथा चुनाव चोरी से जुड़े आरोप लगाए। इन आरोपों को लेकर राजनीतिक बहस तेज हुई है। संबंधित पक्षों की ओर से इन मुद्दों पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं।
रायबरेली से अखिलेश ने शुरू की PDA यात्रा
अखिलेश यादव ने अपनी PDA यात्रा की शुरुआत रायबरेली से की है। रायबरेली को कांग्रेस और विशेष रूप से गांधी परिवार का महत्वपूर्ण राजनीतिक क्षेत्र माना जाता रहा है। वर्तमान में राहुल गांधी रायबरेली से लोकसभा सांसद हैं। इससे पहले उनकी मां और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी भी रायबरेली लोकसभा सीट का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं।
यात्रा के लिए रायबरेली का चयन चर्चा में
अखिलेश यादव की यात्रा शुरू होने से पहले दिए गए बयानों के साथ-साथ यात्रा के लिए रायबरेली को चुने जाने की भी राजनीतिक चर्चा हुई। समाजवादी पार्टी और कांग्रेस उत्तर प्रदेश में गठबंधन का हिस्सा हैं। ऐसे में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले दोनों दलों के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर बातचीत और संभावित सहमति महत्वपूर्ण राजनीतिक मुद्दा बनी हुई है।
रायबरेली की पांच विधानसभा सीटों का समीकरण
रायबरेली जिले में विधानसभा की कुल पांच सीटें हैं। उपलब्ध राजनीतिक जानकारी के मुताबिक समाजवादी पार्टी के पास फिलहाल हरचंदपुर, बछरावां और सरेनी सीटें हैं। इसके अलावा ऊंचाहार सीट को लेकर भी समाजवादी पार्टी की राजनीतिक दिलचस्पी बताई जा रही है। इस क्षेत्र का विधानसभा समीकरण आगामी चुनाव की तैयारियों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
2022 में सपा ने जीती थीं चार सीटें
2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच गठबंधन नहीं था। इसके बावजूद समाजवादी पार्टी ने रायबरेली जिले की पांच विधानसभा सीटों में से चार सीटों पर जीत दर्ज की थी। उस चुनाव के परिणाम जिले में सपा के मजबूत राजनीतिक प्रदर्शन को दर्शाते हैं।
ऊंचाहार सीट पर बदला राजनीतिक समीकरण
ऊंचाहार विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी के टिकट पर डॉ. मनोज पांडेय लगातार तीन बार चुनाव जीत चुके हैं। हालांकि, बाद में उन्होंने समाजवादी पार्टी से अलग होकर भाजपा का रुख किया और वर्तमान में भाजपा सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं। ऐसे में ऊंचाहार का राजनीतिक समीकरण भी आगामी विधानसभा चुनाव से पहले चर्चा में है।
2027 से पहले गठबंधन की चुनौती
रायबरेली से PDA यात्रा की शुरुआत को लेकर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच राजनीतिक संदेशों पर चर्चा जारी है। दोनों दलों के सामने 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले सीट बंटवारे और क्षेत्रीय राजनीतिक समीकरणों को लेकर सहमति बनाने की चुनौती होगी। अजय राय के बयान के बाद यह भी स्पष्ट है कि कांग्रेस नेतृत्व अपने संगठनात्मक और राजनीतिक कार्यक्रमों को अलग-अलग क्षेत्रों में आगे बढ़ाने की तैयारी कर रहा है।
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