S Jaishankar UNGA 2026: संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के दौरान न्यूयॉर्क में विदेश मंत्री एस. जयशंकर और एक पाकिस्तानी पत्रकार के बीच आतंकवाद को लेकर सवाल-जवाब हुआ। प्रेस वार्ता के दौरान पत्रकार ने भारत पर पाकिस्तान में आतंकवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए सवाल किया। इस पर जयशंकर ने बेहद संक्षिप्त और तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “एक आतंकवादी देश मुझसे यह सवाल पूछ रहा है।” इस बयान की रिपोर्ट कई मीडिया संस्थानों ने की है।
पाकिस्तानी पत्रकार ने भारत पर लगाया आरोप
रिपोर्ट के मुताबिक, प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पाकिस्तानी पत्रकार ने जयशंकर से सवाल किया कि भारत सरकार पाकिस्तान में कथित तौर पर आतंकवाद को प्रायोजित करना कब बंद करेगी। पत्रकार के इस सवाल के बाद विदेश मंत्री ने पाकिस्तान को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान भारत और पाकिस्तान दोनों ही आतंकवाद तथा क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर अपने-अपने पक्ष अंतरराष्ट्रीय मंचों पर रखते रहे हैं।
भारत लगातार सीमा पार आतंकवाद का मुद्दा उठाता रहा है
भारत लंबे समय से पाकिस्तान पर सीमा पार आतंकवाद को समर्थन देने का आरोप लगाता रहा है। वहीं पाकिस्तान इन आरोपों को खारिज करता है और भारत पर भी आरोप लगाता रहा है। दोनों देशों के बीच आतंकवाद, सीमा सुरक्षा और जम्मू-कश्मीर समेत कई मुद्दों पर लंबे समय से मतभेद हैं। ऐसे में UNGA के दौरान हुई यह सवाल-जवाब की घटना दोनों देशों के बीच जारी कूटनीतिक तनाव की पृष्ठभूमि में सामने आई।
जयशंकर ने आतंकवाद पर भारत का रुख दोहराया
विदेश मंत्री एस. जयशंकर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर आतंकवाद के खिलाफ भारत की स्थिति को लगातार सामने रखते रहे हैं। UNGA के इतर भी उन्होंने वैश्विक चुनौतियों, सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय सहयोग से जुड़े विषयों पर भारत का पक्ष रखा है। इस दौरान आतंकवाद से मुकाबला और वैश्विक सुरक्षा जैसे मुद्दे भी चर्चा के प्रमुख विषयों में शामिल रहे।
समुद्री सुरक्षा पर भी जयशंकर ने जताई चिंता
UNGA से जुड़े कार्यक्रमों में जयशंकर ने समुद्री सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय व्यापार की सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया। भारत ने स्पष्ट किया है कि व्यावसायिक जहाजों को भू-राजनीतिक तनाव का निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए और समुद्री मार्गों पर आवाजाही की स्वतंत्रता सुरक्षित रहनी चाहिए। भारत के संयुक्त राष्ट्र मिशन के अनुसार, समुद्री मार्गों में व्यवधान से माल ढुलाई, बीमा, ऊर्जा और खाद्य आपूर्ति जैसी व्यवस्थाओं पर असर पड़ सकता है।
समुद्री व्यापार पर निर्भर है वैश्विक अर्थव्यवस्था
समुद्री मार्ग वैश्विक व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। UN Trade and Development के अनुसार, दुनिया के 80 प्रतिशत से अधिक माल व्यापार की मात्रा समुद्र के रास्ते होती है। किसी महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग या चोकपॉइंट पर तनाव बढ़ने से परिवहन लागत, बीमा और सप्लाई चेन पर असर पड़ सकता है। यही वजह है कि समुद्री सुरक्षा को केवल सैन्य या रणनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि वैश्विक आर्थिक स्थिरता से जुड़ा विषय भी माना जाता है।
नाविकों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता
जयशंकर ने समुद्री मार्गों पर काम करने वाले नाविकों की सुरक्षा को भी महत्वपूर्ण बताया है। संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों में व्यावसायिक जहाजों और उनके चालक दल की सुरक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी व्यवस्थाओं की जरूरत बताई गई है। भारत का कहना है कि समुद्री व्यापार की निर्बाध आवाजाही और नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना वैश्विक अर्थव्यवस्था तथा आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण है।
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