Ambikapur News : गणेश विसर्जन के दौरान तेज आवाज में डीजे बजाकर सड़क पर रास्ता रोकने को लेकर विवाद इतना बढ़ गया कि छह युवकों ने पुलिस अधिकारी से ही झूमाझटकी कर दी। आरोप है कि आरोपियों ने शासकीय कार्य से अंबिकापुर जा रहे प्रशिक्षु डीएसपी के वाहन को रोककर विवाद किया और वाहन के कांच तोड़कर उसे क्षतिग्रस्त कर दिया। मामले में मणीपुर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है।
जानकारी अनुसार प्रशिक्षु डीएसपी निशांत कुर्रे वर्तमान में दरिमा थाना प्रभारी के रूप में पदस्थ हैं। वे ड्यूटी से गुरुवार की रात निजी वाहन से अंबिकापुर लौट रहे थे। इस दौरान अंबिकापुर-दरिमा मार्ग पर ग्राम कंठी और जगदीशपुर के बीच गणेश प्रतिमा का विसर्जन करने गांव के लोग जा रहे थे। इस दौरान पूरा रास्ता जाम था। इसमें डीएसपी की गाड़ी भी फंस गई थी।
पुलिस के अनुसार, घटना ग्राम जगदीशपुर मेन रोड की है। दरिमा थाना प्रभारी शासकीय कार्य से अंबिकापुर जा रहे थे। इसी दौरान सड़क पर गणेश विसर्जन का कार्यक्रम चल रहा था। आरोप है कि विसर्जन में शामिल पिकअप वाहन में तेज आवाज में डीजे बजाया जा रहा था, जिससे आम रास्ता बाधित हो गया था।
प्रशिक्षु डीएसपी निशांत कुर्रे ने रास्ता देने और स्थिति को समझाने का प्रयास किया। इसी दौरान वहां मौजूद लोगों से विवाद शुरू हो गया। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने प्रशिक्षु डीएसपी के शासकीय कार्य में बाधा डालते हुए उनके साथ झूमाझटकी की। इसके बाद उनके वाहन के कांच तोड़कर वाहन को क्षतिग्रस्त कर दिया गया।
घटना के बाद प्रशिक्षु डीएसपी निशांत कुर्रे की रिपोर्ट पर थाना मणीपुर में संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम ने आरोपियों की पहचान कर उन्हें हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान पुलिस के अनुसार आरोपियों ने घटना में शामिल होना स्वीकार किया। अपराध में पर्याप्त साक्ष्य पाए जाने पर सभी छह आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया गया।
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अनिल राजवाड़े (42), धनेश्वर राजवाड़े उर्फ धन्नू (22), रामदेव राजवाड़े उर्फ चुटुल (19), शिवशंकर राजवाड़े उर्फ शिव (44), नीरज राजवाड़े (20) और मुकेश दास (18) के रूप में बताई है। सभी आरोपी जगदीशपुर क्षेत्र के अलग-अलग मोहल्लों के निवासी बताए गए हैं।
कार्रवाई में थाना प्रभारी मणीपुर उप निरीक्षक सीपी तिवारी, सहायक उप निरीक्षक अनिल सिंह, प्रधान आरक्षक नरेंद्र जांगड़े, प्रधान आरक्षक मालती तिवारी, महिला आरक्षक शांति लकड़ा, आरक्षक अनिल सिंह, निरंजन बड़ा, अतुल सिंह, अनिल परिहार, रामकेश्वर, अरविंद सिंह सहित अन्य पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों की भूमिका रही।