Shehbaz Sharif UN Speech : पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने संयुक्त राष्ट्र महासभा यानी UNGA के 81वें सत्र में अपने संबोधन के दौरान एक बार फिर कश्मीर मुद्दा उठाया। करीब 23 मिनट के भाषण में उन्होंने भारत-पाकिस्तान के बीच 2025 में हुए सैन्य संघर्ष का भी जिक्र किया। शरीफ ने ऑपरेशन सिंदूर से जुड़े पाकिस्तान के पक्ष को अंतरराष्ट्रीय मंच पर सामने रखा और अमेरिका की भूमिका का भी उल्लेख किया।
ऑपरेशन सिंदूर को लेकर पाकिस्तान का दावा
शरीफ ने अपने भाषण में 2025 के भारत-पाकिस्तान संघर्ष के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हस्तक्षेप की सराहना की। उन्होंने दावा किया कि ट्रंप के नेतृत्व और समय पर हस्तक्षेप से दक्षिण एशिया में बड़ी संख्या में लोगों की जान बचाई गई। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने संघर्ष के दौरान अपने देश की भूमिका और घटनाक्रम को अपने दृष्टिकोण से संयुक्त राष्ट्र के सामने रखा।
पहलगाम हमले के बाद भारत ने शुरू किया ऑपरेशन सिंदूर
गौरतलब है कि 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 नागरिकों की मौत हुई थी। इसके बाद भारत ने 7 मई 2025 को ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया। भारत की ओर से बताया गया था कि इस सैन्य कार्रवाई के दौरान पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में मौजूद आतंकवादी ढांचे को निशाना बनाया गया। दोनों देशों के बीच इसके बाद सैन्य तनाव बढ़ गया था।
ट्रंप के संघर्ष रोकने के दावे पर भारत का अलग रुख
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस सप्ताह संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने संबोधन के दौरान भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष रोकने में अपनी भूमिका का दावा किया। हालांकि, भारत ने पहले भी दोनों देशों के बीच किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता या हस्तक्षेप से इनकार किया है। नई दिल्ली का रुख रहा है कि भारत और पाकिस्तान के बीच मुद्दों का समाधान द्विपक्षीय तरीके से होना चाहिए।
कश्मीर समाधान की फिर उठाई मांग
शहबाज शरीफ ने कहा कि दक्षिण एशिया को भविष्य में 2025 जैसे संघर्ष की स्थिति से बचाने के लिए कश्मीर विवाद का न्यायसंगत और निष्पक्ष समाधान जरूरी है। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र के मंच से कश्मीर को लेकर पाकिस्तान की पुरानी नीति को दोहराया और इस मुद्दे को क्षेत्रीय शांति से जोड़कर पेश किया।
सिंधु जल संधि का भी किया जिक्र
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में सिंधु जल संधि का मुद्दा भी उठाया। पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने इस संधि को निलंबित करने का फैसला किया था। भारत ने आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान के खिलाफ कई कूटनीतिक और अन्य कदम उठाए हैं। पाकिस्तान लगातार अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सिंधु जल संधि के निलंबन का विरोध करता रहा है।
अमेरिका-ईरान तनाव पर पाकिस्तान का दावा
शहबाज शरीफ ने पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के दौरान पाकिस्तान की कथित कूटनीतिक भूमिका का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार ने वाशिंगटन और तेहरान को इस्लामाबाद में बातचीत के लिए साथ लाने में मध्यस्थता की। शरीफ ने इस प्रक्रिया को पाकिस्तान की कूटनीतिक पहल से जोड़ते हुए कई महत्वपूर्ण कदमों का जिक्र किया।
असीम मुनीर की भूमिका की शरीफ ने की तारीफ
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ और सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर के प्रयासों की भी सराहना की। शरीफ ने कहा कि चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में कूटनीति के लिए रास्ता बनाने में मुनीर की भूमिका महत्वपूर्ण रही। उनका यह बयान पाकिस्तान की विदेश और सुरक्षा नीति में सैन्य नेतृत्व की भूमिका को भी रेखांकित करता है।
भारत की ओर से राइट ऑफ रिप्लाई की तैयारी
कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान के बयान को लेकर भारत का रुख स्पष्ट रहा है। नई दिल्ली जम्मू-कश्मीर को भारत का अभिन्न और अटूट हिस्सा बताती है और पाकिस्तान द्वारा अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठाए जाने वाले दावों को स्वीकार नहीं करती। UNGA में पाकिस्तान के भाषण के बाद भारत अपने स्थायी मिशन के जरिए राइट ऑफ रिप्लाई के तहत जवाब देने की प्रक्रिया अपनाएगा।
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