FIFA World Cup 2026: मेक्सिको से एक ऐसी खबर आई है जिसने न केवल अंतरराष्ट्रीय अपराध जगत को हिला दिया है, बल्कि खेल जगत की चिंताओं को भी बढ़ा दिया है। दुनिया के सबसे बदनाम ड्रग माफियाओं में से एक, नेमेसियो रूबेन ओसेगुएरा सर्वेंटेस, जिसे ‘एल मेंचो’ के नाम से जाना जाता था, एक भीषण सैन्य ऑपरेशन में मारा गया है। रविवार को मेक्सिको के जलिस्को राज्य में सैनिकों के साथ हुई मुठभेड़ में उसे गोली मार दी गई। इस घटना के बाद पूरे मेक्सिको में गृह युद्ध जैसी स्थिति पैदा हो गई है, जिसका सीधा असर वहां होने वाले आगामी आयोजनों और फुटबॉल मैचों पर पड़ा है।
सैन्य अभियान और 15 मिलियन डॉलर के ईनामी अपराधी का अंत
मेक्सिको की सेना ने ग्वाडलहारा शहर के तपल्पा इलाके में एल मेंचो को पकड़ने के लिए एक विशेष और गोपनीय ऑपरेशन चलाया था। खुफिया जानकारी के आधार पर की गई इस घेराबंदी के दौरान दोनों ओर से भारी गोलीबारी हुई, जिसमें मेंचो ढेर हो गया। एल मेंचो का ‘जलिस्को न्यू जनरेशन कार्टेल’ (CJNG) दुनिया के सबसे शक्तिशाली और हिंसक ड्रग गिरोहों में गिना जाता था। अमेरिका ने इसके सिर पर 15 मिलियन डॉलर का भारी-भरकम इनाम रखा था। मेक्सिको के रक्षा मंत्रालय ने इसे सुरक्षा बलों की ऐतिहासिक कामयाबी करार दिया है।
अमेरिकी खुफिया मदद और डोनाल्ड ट्रंप की प्रतिक्रिया
इस बड़े ऑपरेशन की सफलता के पीछे अमेरिकी खुफिया एजेंसियों का हाथ बताया जा रहा है। अमेरिकी दूतावास ने दावा किया कि मैक्सिकन सेना ने अमेरिका द्वारा साझा की गई सटीक जानकारी (इंटेलिजेंस) के आधार पर ही इस मिशन को अंजाम दिया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एल मेंचो की मौत पर खुशी जाहिर करते हुए इसे न्याय की जीत बताया है। हालांकि, अमेरिका के इस हस्तक्षेप ने मेक्सिको के भीतर एक नए विवाद को जन्म दे दिया है, जिससे वहां की जनता और कार्टेल समर्थकों में रोष है।
मैदानी खेल ठप: मेक्सिको में फुटबॉल लीग सस्पेंड
एल मेंचो की मौत के बाद मेक्सिको की सड़कों पर उपद्रवियों ने कोहराम मचा दिया है। स्थिति इतनी बिगड़ गई है कि देश की टॉप फुटबॉल लीग के मैच तुरंत प्रभाव से रद्द करने पड़े। ‘क्वेरेटारो’ और ‘जुआरेज़’ के बीच होने वाले मुकाबलों के साथ-साथ महिलाओं के प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में ‘चिवास बनाम अमेरिका’ का मैच भी कैंसिल कर दिया गया है। 25 फरवरी को आइसलैंड के खिलाफ होने वाले मेक्सिको के अंतरराष्ट्रीय वार्म-अप मैच पर भी अब काले बादल मंडरा रहे हैं। हालांकि, आयोजकों ने अभी तक ‘मेक्सिको ओपन’ टेनिस टूर्नामेंट को रद्द नहीं किया है।
विश्व कप 2026 की मेजबानी पर मंडराता खतरा
इस साल जुलाई-अगस्त में अमेरिका, मेक्सिको और कनाडा मिलकर फुटबॉल वर्ल्ड कप की मेजबानी करने वाले हैं। लेकिन वर्तमान हालातों ने सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। एल मेंचो के समर्थकों ने सड़कों पर कारों और सार्वजनिक संपत्तियों में आग लगा दी है। मेक्सिको की सड़कों पर हिंसा का आलम यह है कि लोग ट्रंप के पुतलों के सिर से फुटबॉल खेल रहे हैं। फीफा (FIFA) लगातार सुरक्षा स्थिति की निगरानी कर रहा है। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि डोनाल्ड ट्रंप खुद मेक्सिको से मैचों को शिफ्ट कर अमेरिका या कनाडा ले जाने के लिए दबाव बना सकते हैं।
अराजकता का माहौल और भविष्य की अनिश्चितता
एल मेंचो की मौत ने मेक्सिको को एक ऐसे दोराहे पर लाकर खड़ा कर दिया है जहाँ एक तरफ अपराधियों का खात्मा हुआ है, तो दूसरी तरफ अराजकता का नया दौर शुरू हो गया है। कार्टेल के सदस्यों द्वारा फैलाई गई हिंसा ने आम जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। यदि अगले कुछ महीनों में स्थिति सामान्य नहीं होती, तो मेक्सिको से विश्व कप जैसे बड़े आयोजन का छिनना लगभग तय माना जा रहा है। फिलहाल, पूरी दुनिया की नजरें मेक्सिको की सड़कों और वहां की सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं।
















