UNGA 2026 : संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद यानी UNSC में भारत की स्थायी सदस्यता की मांग को रूस का एक बार फिर समर्थन मिला है। संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र में रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने सुरक्षा परिषद में सुधार की जरूरत पर बात करते हुए भारत और ब्राजील को स्थायी सदस्य बनाए जाने का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि बदलती वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र की सबसे महत्वपूर्ण संस्था की संरचना में सुधार जरूरी है।
एशिया, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका को मिले ज्यादा प्रतिनिधित्व
लावरोव ने सुरक्षा परिषद में सुधार के दौरान एशिया, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका जैसे क्षेत्रों की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया। रूस का कहना है कि मौजूदा UNSC संरचना आज की वैश्विक वास्तविकताओं का पूरी तरह प्रतिनिधित्व नहीं करती। ऐसे में सुधार की प्रक्रिया में उन क्षेत्रों और देशों को पर्याप्त प्रतिनिधित्व दिया जाना चाहिए, जिनकी वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था में भूमिका लगातार बढ़ी है।
पश्चिमी देशों की अतिरिक्त स्थायी सीटों पर रूस की आपत्ति
रूसी विदेश मंत्री ने UNSC में पश्चिमी देशों के लिए अतिरिक्त स्थायी सीटें बढ़ाने के विचार पर असहमति जताई। उन्होंने विशेष रूप से जर्मनी और जापान का उल्लेख करते हुए कहा कि सुरक्षा परिषद के विस्तार के नाम पर इन देशों को अतिरिक्त स्थायी सदस्यता नहीं दी जानी चाहिए। इसके बजाय रूस ने भारत और ब्राजील की स्थायी सदस्यता की उम्मीदवारी का समर्थन किया।
G4 समूह की मांग से जुड़ा है यह मुद्दा
भारत, ब्राजील, जर्मनी और जापान लंबे समय से G4 समूह के तहत संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता के विस्तार की मांग करते रहे हैं। चारों देश UNSC में स्थायी और अस्थायी दोनों श्रेणियों में प्रतिनिधित्व बढ़ाने की जरूरत पर जोर देते हैं। रूस का भारत और ब्राजील के पक्ष में रुख G4 देशों के बीच मौजूद अलग-अलग प्राथमिकताओं के संदर्भ में महत्वपूर्ण है।
भारत को अन्य देशों से भी मिला समर्थन
UNGA के मौजूदा सत्र के दौरान भारत की स्थायी सदस्यता की दावेदारी के समर्थन में अन्य देशों की ओर से भी बयान सामने आए हैं। मॉरीशस के विदेश मंत्री धनंजय रामफल ने भारत की उम्मीदवारी का समर्थन किया और UNSC सुधार को लेकर G4 तथा L69 समूह की मांगों के प्रति समर्थन जताया। L69 समूह में विकासशील देशों का एक व्यापक समूह शामिल है, जो सुरक्षा परिषद में सुधार और अधिक प्रतिनिधित्व की मांग करता रहा है।
पुर्तगाल ने भी स्थायी प्रतिनिधित्व बढ़ाने की वकालत की
पुर्तगाल के प्रधानमंत्री लुइस मोंटेनेग्रो ने भी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को अधिक प्रतिनिधित्व वाला बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने भारत के साथ अफ्रीका और ब्राजील को स्थायी प्रतिनिधित्व दिए जाने की बात कही। इस तरह UNSC सुधार का मुद्दा UNGA के मौजूदा सत्र में प्रमुख वैश्विक चर्चा का हिस्सा बना हुआ है।
जयशंकर ने भी UN सुधार पर रखा भारत का पक्ष
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र में अपने संबोधन के दौरान बहुपक्षीय व्यवस्था में सुधार की जरूरत को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि दुनिया की मौजूदा वास्तविकताओं के अनुरूप वैश्विक संस्थाओं को अधिक प्रभावी और प्रतिनिधित्वपूर्ण बनाने की आवश्यकता है। भारत लंबे समय से UNSC में व्यापक सुधार की मांग करता रहा है।
बदलती दुनिया के अनुरूप जरूरी है UNSC सुधार
भारत का तर्क रहा है कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की वर्तमान संरचना वैश्विक शक्ति संतुलन और बदलती अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों को पर्याप्त रूप से प्रतिबिंबित नहीं करती। भारत अधिक प्रतिनिधित्व वाली बहुपक्षीय व्यवस्था की वकालत करता है। UNSC में स्थायी सदस्यता को लेकर विभिन्न देशों के अलग-अलग रुख के बीच सुधार की प्रक्रिया पर आने वाले समय में भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा जारी रहने की संभावना है।
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