PoK News : पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच शनिवार, 26 सितंबर को LoC यानी नियंत्रण रेखा को खत्म करने और भारतीय जम्मू-कश्मीर के साथ रास्ते खोलने की मांग सामने आई। दावा किया गया कि LoC से करीब सात किलोमीटर दूर मंढोल गांव में अवामी एक्शन कमेटी की ओर से एक दिवसीय धरना आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। PoK में इससे पहले भी अवामी एक्शन कमेटी के समर्थन में मंढोल समेत कई इलाकों में बड़े प्रदर्शन हो चुके हैं।
सरदार अमान खान ने भीड़ से पूछे कई सवाल
धरने के दौरान अवामी एक्शन कमेटी के प्रमुख नेताओं में शामिल सरदार अमान खान ने सभा को संबोधित किया। उनके मुताबिक, पाकिस्तान की ओर से लंबे समय से जरूरी सामान और राशन की आपूर्ति प्रभावित होने से स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सभा में मौजूद लोगों से पूछा कि क्या PoK और जम्मू-कश्मीर के बीच मौजूद LoC को खत्म किया जाना चाहिए। खबर के मुताबिक, भीड़ ने इस सवाल के जवाब में समर्थन जताया।
पुंछ और मेंढर के रास्ते खोलने की भी मांग
अमान खान ने इसके बाद लोगों से पूछा कि क्या LoC के नजदीक धरना देकर इसे खत्म करने की मांग उठाई जानी चाहिए। उन्होंने भारतीय जम्मू-कश्मीर के पुंछ और मेंढर से जुड़े पुराने रास्तों को खोलने के सवाल पर भी सभा की राय जानी। उनके सवालों पर मौजूद लोगों की ओर से समर्थन में आवाज उठाने का दावा किया गया। यह मांग PoK में जारी आंदोलन के उन पहलुओं को सामने लाती है, जिनमें स्थानीय आवाजाही और आर्थिक संपर्क का मुद्दा प्रमुख है।
पाकिस्तान सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
अमान खान ने अपने भाषण में पाकिस्तान की सरकार और सुरक्षा व्यवस्था पर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि PoK के लोगों को लंबे समय से राजनीतिक और आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने पाकिस्तानी प्रशासन पर स्थानीय संसाधनों और जमीनों पर नियंत्रण रखने के आरोप भी लगाए। ये आरोप प्रदर्शनकारी नेताओं के बयान हैं और इनके अलग-अलग पहलुओं की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
प्रदर्शनकारियों ने हिंसा को लेकर उठाए सवाल
अमान खान ने PoK में सुरक्षा बलों की कार्रवाई का मुद्दा भी उठाया। उनके अनुसार, प्रदर्शनकारियों की मांगें बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और आवश्यक वस्तुओं से जुड़ी थीं, लेकिन आंदोलन के दौरान लोगों पर बल प्रयोग किया गया। JAAC और उससे जुड़े नेताओं ने पहले भी सुरक्षा बलों की कार्रवाई में लोगों के घायल होने और मौतों के आरोप लगाए हैं। हालांकि, मृतकों की संख्या को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं और कुछ आंकड़े स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हुए हैं।
राशन आपूर्ति को लेकर भी नाराजगी
प्रदर्शन के दौरान पाकिस्तान से राशन की कथित बाधित आपूर्ति का मुद्दा भी उठाया गया। अमान खान ने दावा किया कि LoC पर नियंत्रण और आवाजाही से जुड़ी पाबंदियों के कारण स्थानीय लोगों को जरूरी सामान हासिल करने में मुश्किल हो रही है। उन्होंने कहा कि पहले क्षेत्र के लोगों के पारंपरिक व्यापारिक और सामाजिक संपर्क जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती इलाकों से रहे हैं। इसी आधार पर प्रदर्शनकारियों ने पुराने रास्तों को खोलने की मांग दोहराई।
PoK में आंदोलन का दायरा लगातार बढ़ा
PoK में जारी आंदोलन की शुरुआत बिजली दरों और जरूरी वस्तुओं की कीमतों से जुड़े मुद्दों से हुई थी, लेकिन बाद में इसमें राजनीतिक सुधार, जवाबदेही और प्रतिनिधित्व जैसे मुद्दे भी शामिल होते गए। अगस्त में मुजफ्फराबाद, रावलाकोट, बोखारा और मंढोल समेत कई क्षेत्रों में JAAC के समर्थन में बड़े प्रदर्शन हुए थे। इनमें महिलाओं और बच्चों की भागीदारी की भी रिपोर्ट सामने आई थी।
चुनाव और स्थानीय सरकार को लेकर भी सवाल
प्रदर्शनकारी नेताओं ने PoK की राजनीतिक व्यवस्था और चुनाव प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए हैं। खबर में दावा किया गया है कि कुछ विधानसभा सीटों पर आंदोलन के कारण मतदान नहीं हो सका, जबकि अन्य सीटों पर चुनाव कराया गया। इन दावों के संबंध में आधिकारिक चुनावी आंकड़ों और संबंधित प्रशासनिक पक्ष की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है। अमान खान ने कहा कि स्थानीय लोगों की सहमति के बिना राजनीतिक प्रक्रिया को आगे बढ़ाना स्वीकार्य नहीं होगा।
आगे भी आंदोलन जारी रखने का दावा
धरने के अंत में अमान खान ने कहा कि PoK के लोगों की मांगें केवल राशन या आर्थिक समस्याओं तक सीमित नहीं हैं, बल्कि राजनीतिक अधिकार और क्षेत्रीय संपर्क भी आंदोलन के प्रमुख मुद्दे बन चुके हैं। JAAC पहले भी आंदोलन जारी रखने और नागरिक विरोध को व्यापक बनाने की बात कह चुकी है। फिलहाल PoK में विरोध प्रदर्शन, सुरक्षा बलों के साथ तनाव और स्थानीय राजनीतिक मांगों को लेकर स्थिति पर नजर बनी हुई है।
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