Chhattisgarh Startup : इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित यूथ इनोवेशन एवं एंटरप्रेन्योरशिप कॉन्क्लेव-2026 में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने युवा इनोवेटर्स, स्टार्टअप उद्यमियों और विद्यार्थियों से सीधे संवाद किया। कार्यक्रम के दौरान युवाओं ने कृषि, रोजगार, कारोबार, एक्सपोर्ट और स्थानीय संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल से जुड़े सवाल मुख्यमंत्री के सामने रखे। मुख्यमंत्री ने सरकार की योजनाओं और प्रदेश में उपलब्ध संभावनाओं की जानकारी साझा करते हुए युवाओं को उद्यमिता और नवाचार से जुड़ने पर जोर दिया।
कृषि उत्पादों के निर्यात पर युवाओं का सवाल
कॉन्क्लेव के दौरान एक युवा ने छत्तीसगढ़ के चावल ‘विष्णु भोग’ को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने का मुद्दा उठाया। युवा ने इसके लिए आवश्यक फंडिंग और निर्यात से जुड़ी संभावनाओं को लेकर सवाल किया। जवाब में मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ कृषि प्रधान राज्य है और प्रदेश में धान की अनेक प्रजातियां मौजूद हैं। उन्होंने कृषि उत्पादों के लिए बड़े बाजार की संभावनाओं पर भी बात की।
100 से अधिक एक्सपोर्टर और APEDA सेंटर का उल्लेख
मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ में 100 से अधिक एक्सपोर्टर काम कर रहे हैं। उन्होंने कृषि उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए शुरू किए गए APEDA सेंटर का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री के अनुसार गुणवत्तापूर्ण और खुशबूदार चावल को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने पर किसानों को बेहतर बाजार मिल सकता है। इससे स्थानीय कृषि उत्पादों की ब्रांडिंग और बाजार विस्तार के नए अवसर विकसित होने की संभावना है।
स्टार्टअप के लिए 500 करोड़ रुपये का प्रावधान
युवाओं ने मुख्यमंत्री से स्टार्टअप और नए कारोबार शुरू करने के लिए सरकार की सहायता को लेकर भी सवाल किए। मुख्यमंत्री साय ने बताया कि युवाओं और नए उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं निपुण योजना में 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का उद्देश्य युवाओं को उद्यमिता के लिए जरूरी सहयोग और अवसर उपलब्ध कराना है।
नई औद्योगिक नीति में निवेश को बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने नई औद्योगिक नीति का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेश में अलग-अलग क्षेत्रों में निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए इंसेंटिव दिए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए इंडस्ट्रियल पार्क विकसित किए जा रहे हैं। वहीं कारोबारियों के लिए प्रक्रियाओं को आसान बनाने के उद्देश्य से सिंगल विंडो सिस्टम लागू किया गया है। मुख्यमंत्री के अनुसार नई औद्योगिक नीति के बाद प्रदेश को करीब 8.23 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।
नौकरी तलाशने के बजाय रोजगार देने पर जोर
कॉन्क्लेव में युवाओं के नौकरी तलाशने वाले से रोजगार देने वाला बनने को लेकर भी सवाल पूछा गया। इस पर मुख्यमंत्री साय ने सरकार के 2047 विजन का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरकार 10 मिशन पर काम कर रही है और लंबे समय में छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था का विस्तार करने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के प्राकृतिक संसाधनों और बेहतर कनेक्टिविटी को निवेश और रोजगार के लिए महत्वपूर्ण आधार बताया।
स्थानीय युवाओं और प्रतिभाओं को बढ़ावा देने की बात
कार्यक्रम में स्थानीय संस्थाओं और प्रतिभाओं को सरकारी कामों में प्राथमिकता देने का सवाल भी सामने आया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता लोकल को बढ़ावा देना है। उन्होंने स्थानीय युवाओं, उद्यमियों और प्रतिभाओं को अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में काम करने की बात कही। स्टार्टअप के लिए लोन और इंफ्लुएंसर्स को प्रमोट करने से जुड़े सवालों पर भी सरकारी योजनाओं की जानकारी साझा की गई।
क्रिएटर्स के लिए नए अवसरों पर फोकस
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में प्रस्तावित फिल्म सिटी का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के युवाओं और क्रिएटर्स के लिए नए अवसर तैयार करने पर ध्यान दिया जा रहा है। कॉन्क्लेव में हुई चर्चा से कृषि, स्टार्टअप, निर्यात, उद्योग और रचनात्मक क्षेत्रों में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने से जुड़े मुद्दे सामने आए। कार्यक्रम में युवाओं ने अपने सवालों के जरिए प्रदेश में उपलब्ध अवसरों और सरकारी योजनाओं को लेकर संवाद किया।
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