Punjab Congress : पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस संगठन में बड़ा बदलाव सामने आया है। पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस हाईकमान की ओर से नेतृत्व परिवर्तन का संकेत मिलने के बाद वड़िंग ने इस्तीफा भेजा। यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है, जब राज्य कांग्रेस में पिछले कई सप्ताह से संगठनात्मक मतभेद और गुटीय खींचतान की खबरें सामने आती रही हैं।
इस्तीफे के बाद कांग्रेस में तेज हुई संगठनात्मक हलचल
राजा वड़िंग के इस्तीफे के बाद अब पंजाब कांग्रेस के नए अध्यक्ष को लेकर चर्चा तेज हो गई है। रिपोर्टों के मुताबिक, कांग्रेस अगले एक-दो दिनों में नए प्रदेश अध्यक्ष के नाम की घोषणा कर सकती है। पार्टी नेतृत्व की ओर से संगठन को चुनाव से पहले दोबारा व्यवस्थित करने पर जोर दिया जा रहा है। वड़िंग अप्रैल 2022 में पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष बने थे और करीब साढ़े चार साल तक इस पद पर रहे।
विजय इंदर सिंगला का नाम सबसे आगे
नए प्रदेश अध्यक्ष के लिए पूर्व मंत्री और कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्य विजय इंदर सिंगला का नाम प्रमुखता से सामने आया है। कई रिपोर्टों के मुताबिक, सिंगला इस पद की दौड़ में आगे बताए जा रहे हैं। सिंगला को जुलाई 2026 में कांग्रेस की चुनाव प्रबंधन एवं समन्वय समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। हालांकि, औपचारिक घोषणा होने तक प्रदेश अध्यक्ष के नाम को अंतिम नियुक्ति नहीं माना जा सकता।
कई वरिष्ठ नेताओं के नाम भी चर्चा में
विजय इंदर सिंगला के अलावा कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं के नाम नए प्रदेश अध्यक्ष की दौड़ में बताए जा रहे हैं। इनमें जालंधर कैंट से विधायक परगट सिंह, गुरदासपुर से सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा, पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और पूर्व विधायक राणा केपी सिंह के नाम शामिल हैं। कुछ रिपोर्टों में सुखबिंदर सिंह सरकारिया और अमृतसर के सांसद गुरजीत सिंह औजला का नाम भी संभावित दावेदारों में बताया गया है।
पार्टी के अंदर लंबे समय से चल रही थी खींचतान
पंजाब कांग्रेस में नेतृत्व को लेकर मतभेद पिछले कुछ समय से चर्चा में रहे हैं। रिपोर्टों के अनुसार, राजा वड़िंग और चरणजीत सिंह चन्नी के समर्थक खेमों के बीच राजनीतिक मतभेदों का असर संगठन पर भी दिखाई देता रहा है। जुलाई में पार्टी ने वड़िंग को प्रदेश अध्यक्ष बनाए रखने के साथ चन्नी को चुनाव अभियान समिति की जिम्मेदारी दी थी। इसके बावजूद संगठन के भीतर मतभेद पूरी तरह खत्म नहीं हुए।
सचिन पायलट की रिपोर्ट के बाद बदली तस्वीर
पंजाब कांग्रेस के संगठनात्मक मामलों में हालिया बदलाव के बीच सचिन पायलट की भूमिका भी चर्चा में है। पायलट को सितंबर में पंजाब कांग्रेस का प्रभारी बनाया गया था। रिपोर्टों के मुताबिक, उन्होंने राज्य संगठन के नेताओं और पदाधिकारियों से बातचीत कर पार्टी की स्थिति का आकलन किया था। इसके बाद हाईकमान के स्तर पर नेतृत्व परिवर्तन को लेकर चर्चा आगे बढ़ी।
2 अक्टूबर को हो सकता है नए अध्यक्ष का ऐलान
कांग्रेस के नए प्रदेश अध्यक्ष को लेकर आधिकारिक घोषणा का इंतजार है। कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया है कि विजय इंदर सिंगला के नाम पर हाईकमान की सहमति बन चुकी है और 2 अक्टूबर को औपचारिक ऐलान हो सकता है। हालांकि, अंतिम निर्णय की आधिकारिक पुष्टि होने तक अन्य नेताओं के नाम भी चर्चा में बने हुए हैं।
2027 चुनाव से पहले कांग्रेस के सामने संगठन मजबूत करने की चुनौती
राजा वड़िंग के इस्तीफे के बाद पंजाब कांग्रेस के सामने सबसे बड़ी चुनौती संगठन में समन्वय बनाए रखने और आगामी विधानसभा चुनाव के लिए तैयारियां तेज करने की होगी। 2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को 117 में से 18 सीटें मिली थीं। अब नए प्रदेश अध्यक्ष के सामने पार्टी संगठन, स्थानीय नेतृत्व और चुनावी तैयारियों से जुड़े कई मुद्दों पर काम करने की जिम्मेदारी होगी।
Read More : Uttarakhand Politics: जुबिन नौटियाल के पिता रामशरण ने छोड़ी BJP, कांग्रेस में वापसी की अटकलें तेज