Trump on Iran War : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर कहा है कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। एक सभा को संबोधित करते हुए ट्रंप ने दावा किया कि ईरान के साथ चल रहा युद्ध जल्द खत्म हो सकता है और संघर्ष समाप्त होने के बाद तेल की कीमतों में भी गिरावट आने की संभावना है। ट्रंप ने ईरान की सैन्य क्षमता को लेकर भी कई टिप्पणियां कीं और अमेरिकी कार्रवाई का बचाव किया।
ट्रंप बोले, युद्ध जल्द खत्म होने की उम्मीद
ट्रंप ने कहा कि ईरान के पास कभी परमाणु हथियार नहीं होगा। उन्होंने यह भी दावा किया कि युद्ध बहुत जल्द समाप्त हो सकता है। उनके मुताबिक, संघर्ष खत्म होने के बाद वैश्विक ऊर्जा बाजार पर दबाव कम होगा और तेल की कीमतें नीचे आ सकती हैं। हालांकि, दूसरी ओर पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैन्य मौजूदगी बढ़ाई जा रही है, जिससे क्षेत्रीय तनाव को लेकर चर्चाएं जारी हैं।
महंगाई को लेकर डेमोक्रेट्स पर साधा निशाना
अपने संबोधन के दौरान ट्रंप ने अमेरिका में महंगाई और रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों को लेकर डेमोक्रेटिक पार्टी पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि डेमोक्रेट्स ने ‘एफोर्डेबिलिटी’ यानी चीजों को आम लोगों की पहुंच में रखने की चर्चा शुरू की, जबकि उनके अनुसार पिछली नीतियों के दौरान महंगाई बढ़ी। ट्रंप ने कहा कि उनका प्रशासन कीमतों को कम करने के लिए काम कर रहा है।
पश्चिम एशिया भेजे जा रहे करीब 9 हजार अतिरिक्त सैनिक
ट्रंप के युद्ध जल्द खत्म होने के दावे के बीच अमेरिका पश्चिम एशिया में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ा रहा है। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, करीब 9,000 अतिरिक्त सैनिकों को जहाजों के जरिए क्षेत्र में भेजा जा रहा है। इस तैनाती में 7,000 से अधिक नाविक और 2,000 से अधिक मरीन शामिल हैं। इसके बाद क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ताकत और बढ़ने की संभावना है।
तीन विमानवाहक पोतों की मौजूदगी की संभावना
रिपोर्टों के अनुसार, इस तैनाती के बाद अक्टूबर के अंत तक पश्चिम एशिया क्षेत्र में अमेरिका के तीन विमानवाहक पोत समूह मौजूद हो सकते हैं। भेजे जा रहे जहाजों में यूएसएस थियोडोर रूजवेल्ट कैरियर स्ट्राइक ग्रुप और यूएसएस मेकिन आइलैंड एम्फीबियस रेडीनेस ग्रुप शामिल हैं। इस घटनाक्रम को ईरान के खिलाफ संभावित अमेरिकी सैन्य कार्रवाई की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है।
युद्ध खत्म होने के दावे के बीच तनाव जारी
एक तरफ ट्रंप युद्ध जल्द समाप्त होने की बात कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ अमेरिकी सैन्य तैनाती बढ़ रही है। ट्रंप ने पहले भी संकेत दिया है कि संघर्ष नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनावों के आसपास या उससे पहले समाप्त हो सकता है। हालांकि, क्षेत्र में सैन्य गतिविधियों और संभावित नए हमलों को लेकर स्थिति लगातार बदल रही है।
फ्लाईदुबई मामले में ईरान कनेक्शन पर ट्रंप का दावा
इस बीच ट्रंप ने फ्लाईदुबई विमान में हुई घटना को लेकर भी ईरान से संभावित संबंध की बात कही है। 30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाइट में ओमानी सह-पायलट ने कथित तौर पर भारतीय कप्तान पर हमला किया था और विमान को संकट की स्थिति में डाल दिया था। यात्रियों और अन्य पायलटों की मदद से विमान को संभाला गया और बाद में सऊदी अरब के तबुक में आपात लैंडिंग कराई गई।
ईरान से संबंध की जांच अभी जारी
व्हाइट हाउस में पत्रकारों के सवाल पर ट्रंप ने कहा कि उन्हें जो जानकारी मिल रही है, उसके आधार पर ईरान से संभावित संबंध हो सकता है, लेकिन जांच अभी जारी है। उन्होंने इस संबंध में कोई ठोस सार्वजनिक सबूत या विस्तृत जानकारी नहीं दी। वहीं, इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि इस स्तर पर ईरान से संबंध की पुष्टि करना जल्दबाजी होगी।
जांच पूरी होने तक तस्वीर साफ होना बाकी
फ्लाईदुबई घटना की जांच में सऊदी अरब, यूएई, इजराइल, अमेरिका और ओमान से जुड़ी एजेंसियां शामिल हैं। सह-पायलट की मंशा और संभावित बाहरी संपर्कों की जांच की जा रही है। ऐसे में ईरान की किसी प्रत्यक्ष भूमिका की पुष्टि अभी नहीं हुई है। दूसरी ओर, ईरान के साथ जारी सैन्य तनाव और अमेरिकी सैनिकों की नई तैनाती के बीच आने वाले दिनों में पश्चिम एशिया की स्थिति पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नजर बनी रहेगी।
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