Election Commission Controversy : कांग्रेस ने चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अपने विरोध प्रदर्शन को और व्यापक बनाने का फैसला किया है। सोमवार को पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने बताया कि कांग्रेस नेतृत्व की महत्वपूर्ण बैठक हुई, जिसमें पार्टी महासचिव, प्रदेश प्रभारी, प्रदेश अध्यक्ष और फ्रंटल संगठनों के प्रमुख शामिल हुए। बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी मौजूद रहे।
‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान को विस्तार
बैठक में पार्टी के प्रदेश अध्यक्षों और प्रभारियों को ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान को जिला स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक ले जाने का निर्देश दिया गया। कांग्रेस का कहना है कि चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर उसका आंदोलन अब केवल राजधानी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे स्थानीय स्तर तक पहुंचाया जाएगा।
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक जारी रहेगा प्रदर्शन
केसी वेणुगोपाल ने कहा कि पार्टी नेतृत्व ने स्पष्ट कर दिया है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के पद पर रहते हुए कांग्रेस का आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने चुनाव आयोग पर तीखी टिप्पणी करते हुए उसे “चिटिंग कमीशन” बताया और आरोप लगाया कि आयोग देश को गुमराह कर रहा है। ये कांग्रेस के आरोप हैं, जबकि चुनाव आयोग ने मतदाता सूची से जुड़े आरोपों का खंडन किया है।
चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची पर सवाल
कांग्रेस लंबे समय से विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल उठा रही है। पार्टी का आरोप है कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता को लेकर गंभीर चिंताएं सामने आई हैं। इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने देशभर में चरणबद्ध आंदोलन चलाने की रणनीति तैयार की है।
10 से 20 अक्टूबर तक पैदल मार्च और साइकिल रैली
कांग्रेस के घोषित कार्यक्रम के मुताबिक अभियान का अगला चरण 10 से 20 अक्टूबर के बीच चलेगा। इस दौरान देश के अलग-अलग हिस्सों में पैदल मार्च, साइकिल रैलियां और अन्य स्थानीय कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। पार्टी का उद्देश्य अपने संगठनात्मक ढांचे को सक्रिय करते हुए ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ संदेश को ब्लॉक और जिला स्तर तक पहुंचाना है।
गांव-गांव चौपाल से लोगों से संवाद
अभियान के तीसरे चरण की शुरुआत 25 अक्टूबर से होगी, जो 25 नवंबर तक चलेगा। कांग्रेस के अनुसार, इस दौरान गांवों में चौपाल आयोजित की जाएंगी। इन कार्यक्रमों के माध्यम से स्थानीय लोगों से सीधे संवाद किया जाएगा और मतदाता सूची तथा चुनाव प्रक्रिया से जुड़े पार्टी के सवालों को उनके बीच रखा जाएगा।
25 और 26 नवंबर को ‘दिल्ली चलो’ अभियान
कांग्रेस ने आंदोलन के बड़े चरण के रूप में 25 और 26 नवंबर को ‘दिल्ली चलो’ कार्यक्रम की भी योजना बनाई है। पार्टी के अनुसार, देश के अलग-अलग हिस्सों से पांच यात्राएं दिल्ली की ओर निकाली जाएंगी। इन यात्राओं की अगुवाई कांग्रेस के वरिष्ठ नेता करेंगे। इसके जरिए कार्यकर्ताओं और समर्थकों को राष्ट्रीय स्तर के आंदोलन से जोड़ने की तैयारी है।
जिला से बूथ स्तर तक पहुंचाने की रणनीति
कांग्रेस नेतृत्व का जोर अभियान को केवल दिल्ली या बड़े शहरों तक सीमित नहीं रखने पर है। पार्टी की योजना इसे जिला, गांव और बूथ स्तर तक ले जाने की है। इसके लिए प्रदेश इकाइयों, स्थानीय नेताओं और फ्रंटल संगठनों को सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए गए हैं। पार्टी का कहना है कि लोकतंत्र और मताधिकार से जुड़े मुद्दों पर जनता के बीच लगातार संवाद किया जाएगा।
चुनाव आयोग पर कांग्रेस का लगातार हमला
कांग्रेस पहले भी चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची में बदलाव को लेकर सवाल उठाती रही है। पार्टी ने CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे, SIR से जुड़े मुद्दों और मतदाता सूची की प्रक्रिया पर अपनी आपत्तियां सार्वजनिक की हैं। दूसरी ओर, चुनाव आयोग इन आरोपों को खारिज करता रहा है और सुप्रीम कोर्ट ने भी संबंधित मामलों में रिकॉर्ड व पक्षों से जवाब मांगा है।
आने वाले दिनों में बढ़ सकता है राजनीतिक दबाव
‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान के अगले चरणों के साथ कांग्रेस इस मुद्दे को और जमीनी स्तर तक ले जाने की तैयारी में है। पार्टी का कहना है कि जब तक उसकी प्रमुख मांगों पर कार्रवाई नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा। अक्टूबर और नवंबर में प्रस्तावित कार्यक्रमों के जरिए कांग्रेस अपने संगठन और कार्यकर्ताओं को देशव्यापी अभियान से जोड़ने पर जोर दे रही है।
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