Modi Cabinet Expansion : भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने उत्तर प्रदेश में होने वाले राज्यसभा चुनाव के लिए अपने आठ उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है। पार्टी ने इस बार सभी आठ सीटों पर नए चेहरों को मौका दिया है। घोषित उम्मीदवारों में धर्मपाल सिंह, राधाकांत ओझा, प्रकाश पाल, विद्यासागर सोनकर, गोपी कृष्ण पांडेय, प्रियंका सिंह रावत, राम प्रताप सिंह चौहान और श्रुति गंगवार शामिल हैं। उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों पर 16 अक्टूबर को चुनाव होना है।
हरदीप सिंह पुरी और बीएल वर्मा को नहीं मिला टिकट
बीजेपी की सूची में केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी और केंद्रीय राज्य मंत्री बीएल वर्मा का नाम नहीं है। दोनों नेताओं का मौजूदा राज्यसभा कार्यकाल 25 नवंबर 2026 को समाप्त हो रहा है। ऐसे में पार्टी की ओर से उन्हें दोबारा उम्मीदवार नहीं बनाए जाने के बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल में संभावित बदलाव को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि, मंत्रिमंडल में बदलाव को लेकर अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
2018 में पहली बार राज्यसभा पहुंचे थे हरदीप पुरी
हरदीप सिंह पुरी पहली बार जनवरी 2018 में उत्तर प्रदेश से राज्यसभा पहुंचे थे। वह मनोहर पर्रिकर के इस्तीफे के बाद खाली हुई सीट पर उपचुनाव में निर्विरोध चुने गए थे। इसके बाद नवंबर 2020 में वह एक बार फिर उत्तर प्रदेश से निर्विरोध राज्यसभा सदस्य चुने गए। उनके मौजूदा कार्यकाल की अवधि नवंबर 2026 में पूरी हो रही है।
मोदी सरकार में अहम मंत्रालय संभाल चुके हैं पुरी
राज्यसभा सदस्य बनने के बाद हरदीप सिंह पुरी केंद्र सरकार में मंत्री की जिम्मेदारी संभालते रहे हैं। उन्हें पहले केंद्रीय राज्य मंत्री के तौर पर जिम्मेदारी मिली और बाद में पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय का कार्यभार सौंपा गया। अब राज्यसभा के लिए दोबारा नाम नहीं आने से उनके अगले राजनीतिक दायित्व को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
बीएल वर्मा भी बीजेपी की नई सूची से बाहर
केंद्रीय राज्य मंत्री बीएल वर्मा भी उन मौजूदा राज्यसभा सदस्यों में शामिल हैं, जिन्हें बीजेपी ने इस बार दोबारा उम्मीदवार नहीं बनाया। वह नवंबर 2020 में उत्तर प्रदेश से निर्विरोध राज्यसभा पहुंचे थे। इस बार पार्टी ने उनके स्थान पर नए चेहरों को मौका दिया है।
कैबिनेट फेरबदल की अटकलों को मिला नया आधार
हरदीप पुरी और बीएल वर्मा को राज्यसभा टिकट नहीं मिलने के बाद केंद्र सरकार में संभावित फेरबदल की चर्चाओं ने जोर पकड़ा है। इससे पहले भी जिन केंद्रीय मंत्रियों का राज्यसभा कार्यकाल समाप्त हुआ और उन्हें दोबारा उच्च सदन नहीं भेजा गया, उनके भविष्य को लेकर राजनीतिक अटकलें सामने आती रही हैं। हालांकि, किसी मंत्री के भविष्य पर अंतिम स्थिति प्रधानमंत्री और सरकार के आधिकारिक फैसले से ही स्पष्ट होगी।
पंकज चौधरी और हर्ष मल्होत्रा पर भी नजर
बीजेपी में संगठन और सरकार की जिम्मेदारियों को लेकर भी चर्चा है। केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी उत्तर प्रदेश बीजेपी के अध्यक्ष हैं, जबकि केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा को मई 2026 में दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष बनाया गया था। दोनों नेता फिलहाल संगठनात्मक और सरकारी जिम्मेदारियां साथ संभाल रहे हैं।
एक व्यक्ति एक पद को लेकर भी चर्चा
बीजेपी में ‘एक व्यक्ति, एक पद’ की नीति को लेकर समय-समय पर चर्चा होती रही है, लेकिन व्यवहार में इसके अपवाद भी देखने को मिले हैं। पंकज चौधरी के मामले में भी वह यूपी बीजेपी अध्यक्ष बनने के बाद केंद्रीय राज्य मंत्री के पद पर बने हुए हैं। इसलिए उन्हें या हर्ष मल्होत्रा को मंत्रिमंडल से हटाए जाने की चर्चाओं को फिलहाल केवल राजनीतिक अटकल के तौर पर ही देखा जा सकता है।
16 अक्टूबर को होगा राज्यसभा चुनाव
उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए 16 अक्टूबर 2026 को मतदान प्रस्तावित है। बीजेपी ने आठ उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं, जबकि समाजवादी पार्टी ने भी अपने उम्मीदवारों की घोषणा की है। अब नामांकन और चुनावी प्रक्रिया के अगले चरण में तस्वीर और स्पष्ट होगी।
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