Shabana Mahmood Statement : ब्रिटेन की होम सेक्रेटरी शबाना महमूद ने उत्तरी फ्रांस से छोटी नावों के जरिए ब्रिटेन पहुंचने की कोशिश करने वाले प्रवासियों की स्थिति को लेकर गंभीर दावा किया है। ‘द रेस्ट इज़ पॉलिटिक्स’ पॉडकास्ट में उन्होंने कहा कि उत्तरी फ्रांस में नावों से ब्रिटेन जाने की तैयारी कर रही लगभग हर महिला के साथ यात्रा के दौरान यौन हिंसा होने की आशंका है। उन्होंने कुछ पुरुषों के साथ भी दुर्व्यवहार और धमकी दिए जाने की बात कही।
तस्करी गिरोहों के नियंत्रण पर उठाए सवाल
महमूद के मुताबिक, उत्तरी फ्रांस में मौजूद प्रवासियों में से कौन छोटी नाव के जरिए ब्रिटेन पहुंचेगा, इसका फैसला आपराधिक गिरोह और मानव तस्कर करते हैं। उन्होंने कहा कि ब्रिटेन की सीमा व्यवस्था ऐसी नहीं होनी चाहिए, जिसमें लोगों की तस्करी करने वाले गिरोह यह तय करें कि किस व्यक्ति को देश में प्रवेश मिलेगा।
यौन हिंसा के दावे को लेकर जरूरी तथ्य
होम सेक्रेटरी ने अपने बयान में महिलाओं के साथ रेप की संभावना को बेहद गंभीर बताया, लेकिन उपलब्ध रिपोर्टिंग में उनके इस दावे के समर्थन में कोई आधिकारिक आंकड़ा सामने नहीं आया है। ब्रिटेन के उपलब्ध आंकड़े मुख्य रूप से छोटी नावों से पहुंचने वाले लोगों की संख्या, उम्र, लिंग और राष्ट्रीयता दर्ज करते हैं, उनके पूरे सफर के दौरान हुए यौन अपराधों का आंकड़ा नहीं देते।
सुरक्षित और कानूनी रास्तों पर सरकार का जोर
महमूद ने कहा कि ब्रिटेन को यह तय करने में अधिक भूमिका निभानी चाहिए कि किन लोगों को शरण और सुरक्षा के लिए देश में आने का अवसर दिया जाए। उन्होंने सुरक्षित और कानूनी रास्ते उपलब्ध कराने की जरूरत पर भी जोर दिया। पॉडकास्ट में उन्होंने कहा कि सरकार ऐसे रास्ते खोलने की दिशा में काम कर रही है, ताकि जरूरतमंद लोगों को तस्करों के सहारे खतरनाक यात्रा न करनी पड़े।
कट्टर दक्षिणपंथी विरोध को लेकर भी बोलीं
इंटरव्यू के दौरान शबाना महमूद ने ब्रिटेन में उनके खिलाफ हो रहे कट्टर दक्षिणपंथी प्रदर्शनों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कुछ प्रदर्शनकारी उनकी नीतियों के विरोध में बंदरगाहों को बंद करने की कोशिश कर रहे हैं। महमूद ने यह भी कहा कि कुछ दक्षिणपंथी समूह उन्हें मुस्लिम होने के कारण ‘असली ब्रिटिश’ नहीं मानते और उनके प्रति शत्रुतापूर्ण रवैया रखते हैं।
फिलिस्तीन एक्शन को लेकर महमूद की प्रतिक्रिया
होम सेक्रेटरी ने फिलिस्तीन के समर्थन में चल रहे आंदोलन और प्रतिबंधित संगठन Palestine Action से जुड़े मामलों पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने खुद को लंबे समय से फिलिस्तीन समर्थक बताया। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार को कानून लागू करते समय अपने निर्धारित सिद्धांतों का पालन करना चाहिए, भले ही किसी कार्रवाई से वह व्यक्तिगत रूप से असहज क्यों न हों।
रिफ्यूजी काउंसिल ने सुरक्षित रास्ते बढ़ाने की मांग की
ब्रिटिश रिफ्यूजी काउंसिल के निदेशक इमरान हुसैन ने महमूद की ओर से प्रवासियों के साथ होने वाली यौन हिंसा के जोखिम को स्वीकार किए जाने का स्वागत किया। हालांकि, उन्होंने सुरक्षित और कानूनी इमिग्रेशन रूट्स को सीमित करने की आलोचना की। उनका कहना है कि युद्ध और उत्पीड़न से भागने वाली महिलाओं और बच्चों को सुरक्षित विकल्प नहीं मिलने पर वे मानव तस्करों और शोषण करने वालों के खतरे में रह सकते हैं।
सुरक्षित रूट्स बढ़ाने पर सरकार की तैयारी
ब्रिटेन सरकार पहले ही नए सुरक्षित और कानूनी शरणार्थी मार्ग शुरू करने की योजना बता चुकी है। इनमें संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों से आने वाले जरूरतमंद लोगों के लिए नियंत्रित और कानूनी रास्ते उपलब्ध कराने पर जोर है। सरकार का तर्क है कि इससे खतरनाक चैनल क्रॉसिंग और मानव तस्करों पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है।
चैनल क्रॉसिंग और मानव तस्करी बना बड़ा मुद्दा
इंग्लिश चैनल के जरिए छोटी नावों से ब्रिटेन पहुंचने का मुद्दा लगातार ब्रिटिश राजनीति में प्रमुख बना हुआ है। सरकार सीमा नियंत्रण मजबूत करने के साथ-साथ सुरक्षित रास्तों के विकल्प पर भी जोर दे रही है। महमूद के ताजा बयान ने इस बहस में प्रवासियों की सुरक्षा और मानव तस्करी से जुड़े जोखिमों को फिर केंद्र में ला दिया है।
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