Yemen Houthi War: यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार से जुड़ी सेना ने हूती विद्रोहियों के खिलाफ बड़े सैन्य अभियान का दावा किया है। सरकारी बलों के मुताबिक, उन्होंने बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य और धुबाब जिले के आसपास कई रणनीतिक ठिकानों पर कब्जा कर लिया है। इसके साथ ही राजधानी सना की दिशा में एक नए ‘स्ट्रेटेजिक ऑपरेशन’ की शुरुआत करने की घोषणा की गई है।
होमलैंड शील्ड और जायंट्स ब्रिगेड ने संभाला मोर्चा
यमन की सरकारी समाचार एजेंसी सबा न्यूज में सोमवार, 5 अक्टूबर को जारी बयान के अनुसार, सऊदी अरब के समर्थन वाली यमनी सेना ने धुबाब जिले में अभियान चलाया। इसमें होमलैंड शील्ड फोर्सेज और जायंट्स ब्रिगेड शामिल थीं। सेना ने दावा किया कि अभियान का उद्देश्य हूतियों के ठिकानों और उनकी सैन्य गतिविधियों को निशाना बनाना था। ऑपरेशन में हवाई सहायता भी शामिल रही।
हूतियों की सप्लाई लाइन काटने का दावा
यमनी सैन्य सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट में बताया गया कि अभियान के दौरान सरकारी बलों ने कई महत्वपूर्ण स्थानों पर नियंत्रण हासिल किया। सेना का दावा है कि इस कार्रवाई से हूतियों की सप्लाई लाइन प्रभावित हुई है और बाब अल-मंडेब की ओर जाने वाला महत्वपूर्ण सड़क मार्ग भी बाधित हुआ है। संघर्ष में कई हूती लड़ाकों के मारे जाने और घायल होने का भी दावा किया गया है।
सैन्य उपकरणों को नुकसान पहुंचाने का दावा
सरकारी सेना ने कहा कि अभियान के दौरान हूतियों के कई सैन्य उपकरण नष्ट या क्षतिग्रस्त किए गए। कब्जे में लिए गए इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और हूती लड़ाकों के लिए इस्तेमाल होने वाले सप्लाई रूट को बंद करने की कार्रवाई जारी है। हालांकि, इन सैन्य दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
सऊदी गठबंधन ने शुरू की एयरस्ट्राइक
यमनी सरकारी बलों की कार्रवाई के बाद सऊदी नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन ने भी हूतियों के खिलाफ हवाई हमले शुरू किए। गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मलिकी ने दावा किया कि यमनी सेना को समर्थन देने के लिए करीब 100 युद्धक विमानों को तैनात किया गया। उन्होंने बाब अल-मंडेब के ऊपर हवाई क्षेत्र की सुरक्षा मजबूत करने और सैकड़ों हूती ठिकानों को नष्ट करने का दावा भी किया।
सना की ओर नए अभियान की घोषणा
इसके बाद यमन की सरकारी सेना ने राजधानी सना की ओर एक ‘स्ट्रेटेजिक ऑपरेशन’ शुरू करने की घोषणा की। सना लंबे समय से हूती विद्रोहियों के नियंत्रण में है। हालांकि, युद्ध क्षेत्र से सामने आए कब्जे और सैन्य कार्रवाई से जुड़े दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है।
2014 से जारी है यमन का गृहयुद्ध
यमन में मौजूदा संघर्ष की शुरुआत 2014 में हुई थी, जब हूती विद्रोहियों ने राजधानी सना पर कब्जा कर लिया था। इसके बाद सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने सरकार के समर्थन में सैन्य हस्तक्षेप किया। 2022 में सरकार और हूतियों के बीच अस्थायी युद्धविराम समाप्त होने के बाद संघर्ष को लेकर तनाव फिर बढ़ा।
क्षेत्रीय कूटनीति में यमन संकट प्रमुख मुद्दा
इसी बीच पाकिस्तान के उपप्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार सऊदी अरब पहुंच चुके हैं। रियाद में सऊदी और तुर्की के साथ होने वाली बैठकों में यमन संकट प्रमुख मुद्दों में शामिल रहने की संभावना है। बातचीत के दौरान हूतियों के साथ राजनीतिक संवाद की संभावनाओं पर भी चर्चा हो सकती है।
नए अभियान से मानवीय संकट बढ़ने की आशंका
यमन में नए सैन्य अभियान को लेकर मानवीय संकट गहराने की चिंता भी जताई जा रही है। विश्लेषकों के मुताबिक, लंबे समय से संघर्ष झेल रही आम आबादी पर नए हमलों का असर पड़ सकता है। इससे विस्थापन, भोजन की कमी और मानवीय सहायता की जरूरत बढ़ने का खतरा है। ऐसे में सैन्य कार्रवाई के साथ राजनीतिक समाधान की कोशिशें भी महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं।
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