Jharkhand Bus Accident: झारखंड के सिमडेगा जिले से छत्तीसगढ़ की ओर जा रही यात्रियों से भरी एक बस शुक्रवार को भीषण हादसे का शिकार हो गई। यह हृदयविदारक घटना झारखंड-छत्तीसगढ़ बॉर्डर के पास स्थित करडेगा घाटी में हुई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस सड़क दुर्घटना में अब तक 5 यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई है, जबकि 20 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हैं। घायलों में करीब आधा दर्जन यात्रियों की स्थिति अत्यंत नाजुक बनी हुई है, जिससे मृतक संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। इस घटना ने पूरे सीमावर्ती क्षेत्र में मातम पसरा दिया है।
कैसे हुआ हादसा: ढलान पर अनियंत्रित होकर पलटी ‘अनमोल’ बस
प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, ‘अनमोल’ नाम की यह बस सिमडेगा जिले के कुरडेग से छत्तीसगढ़ के कुनकुरी की ओर अपनी मंजिल के लिए रवाना हुई थी। जैसे ही बस झारखंड-छत्तीसगढ़ सीमा पर स्थित करडेगा चौकी क्षेत्र के गोड़ाअंबा गांव के पास पहुंची, ढलान वाली सड़क पर अचानक बस का ब्रेक फेल हो गया। चालक ने बस को नियंत्रित करने की पूरी कोशिश की, लेकिन तेज ढलान होने के कारण वाहन बेकाबू होकर सड़क किनारे गहरी खाई की ओर पलट गया। बस के पलटते ही यात्रियों की चीख-पुकार से पूरा इलाका गूंज उठा।
हादसे के बाद अफरा-तफरी: ग्रामीणों और प्रशासन ने संभाला मोर्चा
हादसे के तुरंत बाद मौके पर भारी अफरा-तफरी मच गई। चीख-पुकार सुनकर आस-पास के ग्रामीण तुरंत मदद के लिए दौड़े और स्थानीय प्रशासन को सूचित किया। पुलिस और बचाव दल के पहुंचने से पहले ही ग्रामीणों ने बस की खिड़कियों और शीशों को तोड़कर फंसे हुए यात्रियों को बाहर निकालना शुरू कर दिया था। एंबुलेंस के पहुंचने के बाद राहत कार्यों में तेजी आई। मामूली रूप से घायल यात्रियों को प्राथमिक उपचार के लिए कुनकुरी के अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि गंभीर चोटों वाले मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा के लिए अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है।
जांच में जुटी पुलिस: यातायात बहाली के लिए किए गए कड़े प्रयास
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने सबसे पहले घटनास्थल पर उमड़ी भीड़ को नियंत्रित किया ताकि बचाव कार्य में बाधा न आए। इस भीषण दुर्घटना के कारण कुछ समय के लिए झारखंड-छत्तीसगढ़ मुख्य मार्ग पर यातायात पूरी तरह ठप रहा, जिससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। क्रेन की मदद से दुर्घटनाग्रस्त बस को सड़क से हटाए जाने के बाद यातायात को धीरे-धीरे बहाल किया गया। पुलिस अब बस की फिटनेस और दुर्घटना के सटीक तकनीकी कारणों की गहनता से जांच कर रही है।
घाटी में बार-बार हो रहे हादसे: पिछली घटनाओं ने ताजा कीं पुरानी यादें
करडेगा घाटी का यह क्षेत्र अपनी कठिन भौगोलिक बनावट और ढलानों के कारण हमेशा से दुर्घटना-संभावित रहा है। इस हादसे ने इसी साल जनवरी में लातेहार में हुए उस बस हादसे की यादें ताजा कर दीं, जिसमें छत्तीसगढ़ के बलरामपुर से आ रही एक बारात बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। उस घटना में 9 लोगों ने अपनी जान गंवाई थी। बार-बार होने वाले इन हादसों ने अंतरराज्यीय परिवहन सुरक्षा और बसों के रखरखाव पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि ऐसी खतरनाक घाटियों में सुरक्षा बैरियर और चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं।
प्रशासनिक आश्वासन और शोक की लहर
सिमडेगा और कुनकुरी प्रशासन ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है और घायलों को हर संभव सरकारी सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक तौर पर यह तकनीकी खराबी यानी ब्रेक फेल होने का मामला प्रतीत होता है, लेकिन चालक की लापरवाही या ओवरलोडिंग के पहलुओं की भी जांच की जाएगी। इस दुर्घटना ने एक बार फिर यात्रियों की सुरक्षा और लंबी दूरी की बसों की मैकेनिकल जांच की अनिवार्यता को रेखांकित किया है।
















