UP Rajya Sabha Election : उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया मंगलवार को समाप्त हो गई। इसके साथ ही राज्य की 10 राज्यसभा सीटों पर भारतीय जनता पार्टी के आठ और समाजवादी पार्टी के दो उम्मीदवारों का निर्विरोध निर्वाचन लगभग तय माना जा रहा है। दो निर्दलीय उम्मीदवारों के नामांकन में जरूरी औपचारिकताएं पूरी नहीं होने के कारण चुनाव की स्थिति लगभग साफ हो गई है।
तकनीकी रूप से मैदान में 12 उम्मीदवार
राज्यसभा चुनाव के निर्वाचन अधिकारी अजीत वर्मा के अनुसार, तकनीकी तौर पर 12 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया है। इनमें भाजपा के आठ, सपा के दो और दो निर्दलीय उम्मीदवार शामिल हैं। हालांकि निर्दलीय उम्मीदवार कंटे स्याना और ओंकार नाथ चौरसिया के नामांकन पत्रों में जरूरी 10 विधायकों के प्रस्तावक हस्ताक्षर नहीं हैं। ऐसे में जांच के दौरान उनके नामांकन खारिज होने की संभावना है।
7 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की होगी जांच
निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि नामांकन पत्रों की जांच 7 अक्टूबर को होगी। उम्मीदवार 9 अक्टूबर तक अपना नामांकन वापस ले सकते हैं। यदि चुनाव की आवश्यकता पड़ती है तो 16 अक्टूबर को मतदान कराया जाएगा। हालांकि निर्दलीय उम्मीदवारों के नामांकन में जरूरी औपचारिकताएं पूरी नहीं होने के कारण फिलहाल मतदान की संभावना कम दिखाई दे रही है।
भाजपा ने आठ उम्मीदवारों को मैदान में उतारा
भाजपा की ओर से धर्मपाल सिंह, प्रकाश पाल, श्रुति गंगवार, विद्यासागर सोनकर, प्रियंका रावत, राधाकांत ओझा, गोपी कृष्ण पांडेय और राम प्रताप सिंह चौहान को उम्मीदवार बनाया गया है। नामांकन के अंतिम दिन इन सभी उम्मीदवारों ने उत्तर प्रदेश विधान भवन में अपने-अपने नामांकन पत्र दाखिल किए।
योगी समेत कई वरिष्ठ नेता रहे मौजूद
नामांकन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भाजपा उम्मीदवारों को शुभकामनाएं दीं। इस मौके पर उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और मंत्री मौजूद रहे। उम्मीदवार नामांकन से पहले पार्टी कार्यालय पहुंचे और वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात करने के बाद विधान भवन के लिए रवाना हुए।
सपा ने दो उम्मीदवार उतारे
समाजवादी पार्टी की ओर से वरिष्ठ नेता राम गोपाल यादव और रिलायंस इंडस्ट्रीज के कार्यकारी धनराज परिमल नाथवाणी पहले ही नामांकन दाखिल कर चुके हैं। सपा द्वारा तीसरा उम्मीदवार उतारे जाने की अटकलें थीं, लेकिन पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मंगलवार को इन चर्चाओं पर विराम लगा दिया। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि अब पार्टी का ध्यान तीन नहीं, बल्कि 403 सीटों पर है।
2027 विधानसभा चुनाव पर अखिलेश का संकेत
अखिलेश यादव का यह बयान उत्तर प्रदेश की 403 विधानसभा सीटों पर होने वाले 2027 के विधानसभा चुनाव की ओर संकेत माना गया। उनके बयान पर उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सपा के तीसरा उम्मीदवार नहीं उतारने से संकेत मिलता है कि पार्टी ने 2027 के चुनाव को लेकर अपनी स्थिति स्वीकार कर ली है।
भाजपा उम्मीदवारों ने सामाजिक प्रतिनिधित्व पर दिया जोर
भाजपा उम्मीदवार प्रकाश पाल ने कहा कि पार्टी ने उम्मीदवारों के चयन में सामाजिक प्रतिनिधित्व का ध्यान रखा है। उन्होंने सपा के पीडीए यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक समीकरण पर भी सवाल उठाए। विद्यासागर सोनकर ने कहा कि उनकी पहली पहचान भाजपा कार्यकर्ता की है और उम्मीदवारों की सूची पार्टी के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका सम्मान’ के संकल्प को दर्शाती है।
2027 में दो-तिहाई बहुमत का लक्ष्य
राधाकांत ओझा ने कहा कि भाजपा की नजर 2027 के विधानसभा चुनाव में दो-तिहाई बहुमत हासिल करने पर है। राम प्रताप सिंह चौहान ने भी सपा के पीडीए मुद्दे पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा सभी वर्गों को समान महत्व देने की बात करती है। राज्यसभा चुनाव के मौजूदा घटनाक्रम के बाद अब सभी की नजर 7 अक्टूबर की नामांकन जांच पर है।
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