Delhi Protest FIR: दिल्ली में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जारी विरोध प्रदर्शनों को लेकर दिल्ली पुलिस ने अब तक 25 मामले दर्ज किए हैं। इन मामलों में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी सहित कई लोगों के नाम शामिल बताए जा रहे हैं। इसके अलावा कुछ अज्ञात प्रदर्शनकारियों के खिलाफ भी मुकदमे दर्ज किए गए हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, ये प्रदर्शन 2 अक्टूबर से शुरू हुए थे। पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था से जुड़ी कई घटनाएं सामने आईं, जिनके आधार पर कार्रवाई की गई है।
प्रदर्शनकारियों पर तोड़फोड़ और सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों पर सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट और धक्कामुक्की करने तथा सरकारी कामकाज में बाधा डालने जैसे आरोप हैं। पुलिस का यह भी कहना है कि नई दिल्ली जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता यानी BNSS की धारा 163 लागू होने के बावजूद कुछ प्रदर्शनकारियों ने प्रतिबंधों का उल्लंघन किया। इन आरोपों के आधार पर पुलिस ने अलग-अलग मामले दर्ज किए हैं। हालांकि, प्रत्येक मामले में आरोपों की पुष्टि जांच और संबंधित कानूनी प्रक्रिया के आधार पर ही होगी।
राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के नाम भी FIR में शामिल होने का दावा
रिपोर्ट के अनुसार, गुरुवार तक दिल्ली पुलिस 25 FIR दर्ज कर चुकी थी। इन मामलों में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के नाम भी शामिल बताए गए हैं। प्रदर्शन से जुड़े अन्य लोगों और कुछ अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है। हालांकि, किसी FIR में नाम दर्ज होना अपने आप में अपराध साबित होने के समान नहीं है। आरोपों की वास्तविक स्थिति, संबंधित व्यक्तियों की भूमिका और आगे की कार्रवाई का निर्धारण जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के तहत किया जाएगा।
दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर भी उठे सवाल
प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई के बीच दिल्ली पुलिस खुद भी एक अलग मामले को लेकर सवालों के घेरे में आ गई है। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग यानी NHRC ने जंतर-मंतर पर हुए एक प्रदर्शन के दौरान तीन महिला पत्रकारों के कथित यौन उत्पीड़न से संबंधित मामले में दिल्ली पुलिस आयुक्त को नोटिस जारी किया है। आयोग ने इस मामले में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब राजधानी में चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों और पुलिस की कार्रवाई को लेकर राजनीतिक तथा सार्वजनिक बहस जारी है।
तीन महिला पत्रकारों के कथित उत्पीड़न पर NHRC ने लिया संज्ञान
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने बताया कि उसने एक मीडिया रिपोर्ट का स्वतः संज्ञान लिया है। रिपोर्ट में आरोप लगाया गया था कि 3 अक्टूबर को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस के कर्मियों ने तीन महिला पत्रकारों का कथित यौन उत्पीड़न किया। आयोग ने दिल्ली के पुलिस आयुक्त को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है। इस कार्रवाई का उद्देश्य सामने आए आरोपों के संबंध में तथ्यात्मक जानकारी प्राप्त करना और मामले की स्थिति का आकलन करना है।
शिकायतें मिलने के बाद जांच अपराध शाखा को सौंपे जाने की जानकारी
आयोग के अनुसार, 5 अक्टूबर को प्रकाशित मीडिया रिपोर्ट में बताया गया था कि नई दिल्ली जिला पुलिस को कथित घटनाओं के संबंध में शिकायतें मिली थीं। रिपोर्ट के मुताबिक, इन शिकायतों को जांच के लिए दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा को सौंप दिया गया। फिलहाल इस मामले में आरोपों की अंतिम पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इसे कथित घटना और जारी जांच के रूप में ही देखा जाना चाहिए। आने वाले दिनों में पुलिस की रिपोर्ट और जांच से जुड़े तथ्यों के सामने आने के बाद मामले की स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकती है।
विरोध प्रदर्शन और मानवाधिकार संबंधी शिकायतें बनीं चर्चा का विषय
एक तरफ दिल्ली पुलिस प्रदर्शन के दौरान कथित कानून उल्लंघन के मामलों में कार्रवाई कर रही है, वहीं दूसरी तरफ महिला पत्रकारों की शिकायतों पर मानवाधिकार आयोग की निगरानी भी अहम हो गई है। इन दोनों घटनाक्रमों में जांच और कानूनी प्रक्रिया की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। फिलहाल 25 FIR दर्ज होने की जानकारी और NHRC के नोटिस ने दिल्ली में चल रहे विरोध प्रदर्शनों को लेकर चर्चा तेज कर दी है।
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