Balrampur opium raid: छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में अवैध गतिविधियों और मादक पदार्थों के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने अब तक की सबसे बड़ी साझा कार्रवाई को अंजाम दिया है। मंगलवार को जिले के कुसमी विकासखंड के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत त्रिपुरी के सरना टोली क्षेत्र में अफीम की अवैध खेती का सनसनीखेज मामला सामने आया। कलेक्टर राजेंद्र कटारा और पुलिस अधीक्षक बैंकर वैभव के संयुक्त नेतृत्व में प्रशासन और पुलिस की एक विशेष टीम ने मुखबिर की सटीक सूचना पर छापेमारी की। इस कार्रवाई ने इलाके के उन तस्करों और भू-माफियाओं के बीच हड़कंप मचा दिया है, जो कानून की नजरों से बचकर प्रतिबंधित फसलों की खेती कर रहे थे।

2 एकड़ से अधिक भूमि पर अफीम की फसल: प्रारंभिक जांच में बड़ा खुलासा
जब प्रशासनिक और पुलिस की संयुक्त टीम सरना टोली पहुंची, तो वहां का नजारा देखकर अधिकारी भी दंग रह गए। जांच के दौरान प्रथम दृष्टया यह पाया गया कि लगभग 2 एकड़ से अधिक की उपजाऊ भूमि पर अफीम (Poppy) की अवैध खेती योजनाबद्ध तरीके से की जा रही थी। पौधों की स्थिति और खेती के विस्तार को देखते हुए यह स्पष्ट था कि इसे एक बड़े गिरोह द्वारा संचालित किया जा रहा था। टीम ने तुरंत संबंधित पूरे क्षेत्र को अपनी अभिरक्षा में ले लिया है और प्रारंभिक साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रशासन के अनुसार, यह इलाका घने जंगलों और सुदूर अंचलों के करीब होने के कारण अवैध खेती के लिए चुना गया था।
रात भर पुलिस का कड़ा पहरा: अंधेरे के कारण कल सुबह होगी वैधानिक कार्रवाई
चूंकि छापेमारी की प्रक्रिया शाम के वक्त पूरी हुई, इसलिए सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए टीम ने तत्काल पौधों को नष्ट करने के बजाय क्षेत्र की घेराबंदी करने का निर्णय लिया। कलेक्टर के निर्देशानुसार, कल सुबह यानी बुधवार को वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में विधिवत वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। रात के समय किसी भी प्रकार की साक्ष्य मिटाने की कोशिश या अवैध गतिविधि को रोकने के लिए प्रशासन ने क्षेत्र में रात्रिकालीन निगरानी और पुलिस गश्त को बढ़ा दिया है। पूरे खेत को छावनी में तब्दील कर दिया गया है ताकि कोई भी संदिग्ध व्यक्ति मौके से भाग न सके या सबूतों के साथ छेड़छाड़ न कर सके।
NCB और FSL की टीम भी होगी शामिल: NDPS एक्ट के तहत दर्ज होगा मामला
मामले की गंभीरता और नशीले पदार्थों के अंतरराष्ट्रीय एवं अंतरराज्यीय संबंधों को देखते हुए, जिला प्रशासन ने नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) और फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम को भी सूचित कर दिया है। कल सुबह इन विशेषज्ञों की उपस्थिति में पौधों के सैंपल लिए जाएंगे और वैज्ञानिक पुष्टि के बाद पूरी फसल को नष्ट किया जाएगा। दोषियों के खिलाफ NDPS एक्ट (नारकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जा रहा है। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य न केवल खेती को नष्ट करना है, बल्कि उस मुख्य सरगना तक पहुँचना भी है जिसने स्थानीय स्तर पर इस अवैध कारोबार को बढ़ावा दिया।
अवैध गतिविधियों पर कड़ा प्रहार: दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा
बलरामपुर जिला प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि जिले के भीतर किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि, चाहे वह मादक पदार्थों की तस्करी हो या प्रतिबंधित फसलों की खेती, उसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कलेक्टर राजेंद्र कटारा ने कहा कि मुखबिर तंत्र को और अधिक मजबूत किया जा रहा है ताकि भविष्य में भी ऐसी किसी भी कोशिश को शुरुआत में ही नाकाम किया जा सके। पुलिस अधीक्षक ने आम जनता से भी अपील की है कि यदि उनके आसपास कोई संदिग्ध गतिविधि या खेती देखी जाए, तो उसकी सूचना तुरंत नजदीकी थाने में दें। प्रशासन की इस सक्रियता ने संदेश दे दिया है कि बलरामपुर में अब कानून का राज पूरी सख्ती से लागू होगा।
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