Balen Shah: नेपाल की राजनीति में एक ऐतिहासिक मोड़ आ गया है। हाल ही में संपन्न हुए संसदीय चुनावों में राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) ने अप्रत्याशित सफलता हासिल करते हुए पुराने राजनीतिक समीकरणों को ध्वस्त कर दिया है। 165 सीटों वाली प्रतिनिधि सभा में आरएसपी ने 125 सीटों पर अपना परचम लहराया है, जो स्पष्ट रूप से नेपाल की जनता द्वारा बदलाव की मांग को दर्शाता है। इस प्रचंड बहुमत के साथ ही अब काठमांडू के मेयर बालेंद्र शाह (बालेन शाह) का नाम देश के अगले प्रधानमंत्री के रूप में सबसे आगे चल रहा है।

आरएसपी का ऐतिहासिक बहुमत और चुनावी परिणाम की स्थिति
नेपाल चुनाव आयोग द्वारा जारी किए गए प्रारंभिक आंकड़ों ने पारंपरिक राजनीतिक दलों को सकते में डाल दिया है। आरएसपी की 125 सीटों पर जीत यह बताती है कि जनता ने पारंपरिक नेतृत्व के बजाय नए और युवा चेहरों पर भरोसा जताया है। नेपाल चुनाव आयोग द्वारा अंतिम चुनावी परिणामों की विस्तृत रिपोर्ट 15 या 16 मार्च को राष्ट्रपति को सौंपे जाने की प्रबल संभावना है। इसके बाद ही औपचारिक रूप से नई सरकार के गठन की प्रक्रिया तेज होगी।
19 मार्च: संसदीय दल की बैठक और नए नेता का चयन
नई सरकार के गठन की दिशा में 19 मार्च की तारीख बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इस दिन राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) अपने नवनिर्वाचित सांसदों के साथ संसदीय दल की बैठक करेगी। इसी बैठक में संसदीय दल के नेता का चुनाव होगा, जो संवैधानिक रूप से नेपाल के अगले प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेगा। यद्यपि पार्टी के भीतर कई वरिष्ठ नेता हैं, लेकिन बालेंद्र शाह की स्वीकार्यता और लोकप्रियता उन्हें इस दौड़ में सबसे आगे रखती है।
बालेन शाह: युवाओं की पसंद और पहले ‘मधेसी’ पीएम की उम्मीद
प्रधानमंत्री पद के लिए बालेंद्र शाह का नाम न केवल उनकी पार्टी के भीतर बल्कि पूरे नेपाल में चर्चा का विषय बना हुआ है। ‘जेन-जी’ (Gen-Z) आंदोलन के बाद बालेन शाह की लोकप्रियता युवाओं के बीच चरम पर है। यदि वे प्रधानमंत्री चुने जाते हैं, तो वे नेपाल के इतिहास में ‘मधेसी’ मूल के पहले प्रधानमंत्री होंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि बालेन शाह का आधुनिक दृष्टिकोण और प्रशासनिक अनुभव नेपाल को विकास की नई दिशा दे सकता है। उनकी लोकप्रियता का ही परिणाम है कि आरएसपी को इतनी बड़ी जीत हासिल हुई है।
भारत-नेपाल संबंधों पर बालेन शाह का दृष्टिकोण
बालेन शाह के प्रधानमंत्री बनने की संभावनाओं के बीच भारत के साथ रिश्तों को लेकर भी सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, बालेन शाह ने भारत और नेपाल के बीच ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों को और प्रगाढ़ करने की बात कही है। उनका मानना है कि दोनों देशों के बीच करीबी सहयोग से आर्थिक और सामाजिक लाभ मिल सकता है। कूटनीतिक जानकारों का मानना है कि बालेन शाह के नेतृत्व में भारत और नेपाल के बीच सीमा विवादों और व्यापारिक मुद्दों पर एक नई और रचनात्मक वार्ता शुरू हो सकती है।
20-21 मार्च को हो सकता है नए प्रधानमंत्री का शपथ ग्रहण
नेपाल में नई सरकार के गठन की समयरेखा लगभग स्पष्ट हो गई है। यदि चुनाव आयोग द्वारा राष्ट्रपति को रिपोर्ट सौंपने और संसदीय दल की बैठक की प्रक्रिया तय समय पर पूरी होती है, तो 20 या 21 मार्च को नेपाल के नए प्रधानमंत्री का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित हो सकता है। सूत्रों का दावा है कि आरएसपी के भीतर बालेन शाह के नाम पर लगभग सहमति बन चुकी है और अब केवल औपचारिक घोषणा का इंतजार है। नेपाल की जनता को उम्मीद है कि यह नया नेतृत्व देश में स्थिरता और समृद्धि लेकर आएगा।


















