Share Market Today : भारतीय शेयर बाजार में सोमवार, 12 अक्टूबर 2026 को कारोबार की शुरुआत तेजी के साथ हुई। रुपये में मजबूती, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नए कदमों से निवेशकों का रुझान बेहतर दिखाई दिया। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स करीब 411 अंक चढ़ गया, जबकि एनएसई निफ्टी में लगभग 130 अंकों की तेजी दर्ज की गई। हालांकि, कुछ ही समय बाद बाजार में बिकवाली शुरू हुई और दोनों प्रमुख सूचकांकों ने अपनी शुरुआती बढ़त का बड़ा हिस्सा गंवा दिया।
सेंसेक्स और निफ्टी के शुरुआती आंकड़े क्या रहे?
पिछले कारोबारी सत्र में सेंसेक्स 72,472.33 अंक पर बंद हुआ था। सोमवार को इसने 72,771.32 अंक पर शुरुआत की और शुरुआती कारोबार में 72,884.25 अंक का उच्चतम स्तर छुआ। यह पिछले बंद स्तर से करीब 411 अंक ऊपर था। दूसरी ओर, निफ्टी शुक्रवार के 22,520.45 अंक के बंद स्तर की तुलना में 22,593.20 अंक पर खुला। कारोबार के शुरुआती दौर में यह 22,651.10 अंक तक पहुंच गया। बाद में बाजार का रुख बदल गया। सेंसेक्स 72,412.41 अंक पर कारोबार करता दिखा, जो पिछले बंद स्तर से 59.92 अंक नीचे था। वहीं, निफ्टी 22,524.15 अंक पर पहुंचकर 4.75 अंक की मामूली बढ़त में रहा।
रुपये में मजबूती से बाजार को मिला समर्थन
डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये में सुधार सोमवार के कारोबार का प्रमुख संकेत रहा। RBI ने विदेशी मुद्रा बाजार में डॉलर की मांग और रुपये से जुड़े कुछ लेनदेन में सट्टेबाजी को नियंत्रित करने के लिए नए उपाय किए हैं। इनमें रद्द किए गए रुपये से जुड़े विदेशी मुद्रा डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट की दोबारा बुकिंग पर रोक और कुछ लेनदेन के नियम सख्त करना शामिल है। इसके अलावा, बैंकों को चुनिंदा विदेशी मुद्रा कॉन्ट्रैक्ट पर 20 प्रतिशत नकद रिजर्व रखने की व्यवस्था की गई है। सरकारी व्यवस्था के तहत तेल विपणन कंपनियों को सीधे RBI से डॉलर खरीदने की सुविधा भी दी जाएगी। इन उपायों का उद्देश्य खुले बाजार में डॉलर की मांग का दबाव घटाना है।
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से राहत
अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमतों में नरमी ने भारतीय बाजार को कुछ राहत दी। सुबह करीब 9:19 बजे ब्रेंट क्रूड लगभग 103.08 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था, जो पिछले बंद स्तर से करीब 1.56 प्रतिशत नीचे था। रूस और यूक्रेन के बीच ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने को लेकर संभावित सहमति से आपूर्ति संबंधी चिंताएं कुछ कम होने की उम्मीद बनी। हालांकि, पश्चिम एशिया में तनाव के चलते कच्चा तेल 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बना हुआ था। ऊंची तेल कीमतें भारत के आयात बिल, महंगाई और कंपनियों की उत्पादन लागत को प्रभावित कर सकती हैं।
मीडिया और ऑटो शेयरों में खरीदारी, IT सेक्टर दबाव में
सेक्टरवार कारोबार में मीडिया, ऑटो और मेटल शेयरों में बढ़त देखने को मिली। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, निफ्टी मीडिया करीब 2.41 प्रतिशत, निफ्टी ऑटो 1.12 प्रतिशत और निफ्टी मेटल 0.54 प्रतिशत ऊपर थे। स्मॉलकैप शेयरों में भी खरीदारी का रुझान रहा। इसके उलट, निफ्टी IT में 0.57 प्रतिशत, FMCG में 0.26 प्रतिशत, PSU बैंक में 0.29 प्रतिशत और निजी बैंक सूचकांक में 0.37 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
व्यापक बाजार में बढ़त, लेकिन उतार-चढ़ाव जारी
NSE के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 2,118 शेयर बढ़त में और 725 शेयर गिरावट में कारोबार कर रहे थे। इससे व्यापक बाजार में सकारात्मक रुझान का संकेत मिला। हालांकि, सेंसेक्स और निफ्टी में शुरुआती तेजी के बाद आई बिकवाली बताती है कि निवेशक सतर्क भी रहे। आगे बाजार की दिशा रुपये की चाल, कच्चे तेल की कीमतों, वैश्विक घटनाक्रम और निवेशकों की खरीद-बिक्री पर निर्भर कर सकती है।
Read More : Petrol Diesel Price Hike: पेट्रोल 5 रुपये और डीजल 3 रुपये महंगा, जानें आपके शहर में क्या है नया रेट