Delhi Protest News : दिल्ली में लगातार हो रहे प्रदर्शनों और सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए गृह मंत्रालय ने बड़ा फैसला लिया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, राजधानी में तैनात करीब 20 हजार अर्धसैनिक जवानों की तैनाती की अवधि चार सप्ताह के लिए बढ़ा दी गई है। इस फैसले के बाद दिल्ली में अगले एक महीने तक अतिरिक्त सुरक्षा बलों की मौजूदगी बनी रह सकती है। इसका उद्देश्य प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना और किसी अप्रिय घटना की आशंका को कम करना बताया जा रहा है। हालांकि, तैनाती की सटीक अवधि और आदेश की आधिकारिक पुष्टि संबंधित सरकारी सूचना से की जानी चाहिए।
गृह मंत्रालय के कंट्रोल रूम से मिल रहे इनपुट के आधार पर फैसला
प्रदर्शनों से जुड़ी स्थिति पर नजर रखने के लिए गृह मंत्रालय में संचालित कंट्रोल रूम से मिलने वाले रियल टाइम इनपुट को निर्णय का आधार बताया गया है। अधिकारियों के स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा और संभावित भीड़ प्रबंधन को लेकर आकलन किए जाने की जानकारी सामने आई है। राजधानी में कई दिनों से राजनीतिक गतिविधियां और विरोध प्रदर्शन जारी हैं। ऐसे में सुरक्षा एजेंसियां सार्वजनिक स्थलों, प्रमुख मार्गों और संवेदनशील क्षेत्रों में व्यवस्था बनाए रखने पर ध्यान दे रही हैं।
जंतर-मंतर की जगह अब तीन नए प्रदर्शन स्थल
प्रदर्शन स्थलों को लेकर भी बदलाव की जानकारी दी गई है। रिपोर्ट के अनुसार, जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल की सूची से हटाने और तीन अन्य स्थानों को निर्धारित करने के संबंध में अधिसूचना जारी की गई है। इन स्थानों में रामलीला मैदान, बुराड़ी ग्राउंड और पूर्वी दिल्ली का सीबीडी ग्राउंड शामिल बताए गए हैं। इन जगहों पर प्रदर्शन आयोजित करने की व्यवस्था, सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण से संबंधित नियम लागू हो सकते हैं। किसी आयोजन से पहले संबंधित प्रशासन से अनुमति और नवीनतम दिशा-निर्देशों की जानकारी लेना जरूरी होगा।
दिल्ली में कहां स्थित हैं ये तीनों प्रदर्शन स्थल?
बुराड़ी ग्राउंड उत्तर दिल्ली में स्थित है, जबकि सीबीडी ग्राउंड पूर्वी दिल्ली के कड़कड़डूमा क्षेत्र के पास बताया जाता है। रामलीला मैदान पुरानी दिल्ली के नजदीक स्थित प्रमुख सार्वजनिक मैदानों में से एक है। इन स्थानों को प्रदर्शन के लिए चिन्हित करने का उद्देश्य अलग-अलग क्षेत्रों में भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाना हो सकता है। हालांकि, प्रत्येक स्थल पर प्रदर्शन की अनुमति, समय और अन्य शर्तें प्रशासन के आदेशों पर निर्भर करेंगी।
सुप्रीम कोर्ट तक विपक्षी गठबंधन का मार्च
इसी बीच, इंडिया गठबंधन के नेताओं और समर्थकों ने चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों को लेकर सुप्रीम कोर्ट की ओर मार्च किया। इस प्रदर्शन में कांग्रेस नेता राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे, प्रियंका गांधी, अखिलेश यादव, तेजस्वी यादव, योगेंद्र यादव और केसी वेणुगोपाल सहित कई नेता शामिल हुए। विपक्षी दल विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अपनी मांगों को लेकर लगातार विरोध दर्ज करा रहे हैं।
ज्ञानेश कुमार के खिलाफ याचिका, सुनवाई पर नजर
रिपोर्ट के अनुसार, राहुल गांधी की कानूनी टीम सुप्रीम कोर्ट पहुंची और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ याचिका दाखिल की। याचिका में राहुल गांधी के अलावा 11 अन्य लोगों के नाम शामिल बताए गए हैं। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की पीठ के समक्ष मामले की सुनवाई मंगलवार को होने की संभावना जताई गई है। हालांकि, सुनवाई की तारीख और याचिका की स्थिति की पुष्टि सुप्रीम कोर्ट की आधिकारिक सूची से की जानी चाहिए। दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था और विपक्षी प्रदर्शन से जुड़े घटनाक्रम पर अब सबकी नजर बनी हुई है।
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