Rahul Gandhi Residence Delhi : लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने विपक्षी दलों के सभी सांसदों को हाई-टी के लिए आमंत्रित किया है। उन्होंने सांसदों को मंगलवार शाम अपने आवास पर आने का न्योता दिया है। इस मुलाकात को विपक्षी दलों के बीच संवाद और एकजुटता मजबूत करने के अवसर के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, इस बैठक के एजेंडे और इसमें शामिल होने वाले सांसदों की संख्या को लेकर विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।
संसद मार्च के बाद विपक्षी नेताओं की अहम पहल
राहुल गांधी का यह निमंत्रण ऐसे समय आया है, जब सोमवार को राजधानी दिल्ली में विपक्षी नेताओं ने संसद मार्च निकाला था। इस दौरान चुनाव आयोग की विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR प्रक्रिया और कथित चुनावी अनियमितताओं को लेकर विरोध दर्ज कराया गया। मार्च में राहुल गांधी समेत इंडिया गठबंधन के कई नेता शामिल हुए। विपक्षी दलों ने चुनाव प्रक्रिया से जुड़े अपने सवालों को उठाते हुए इस मुद्दे पर आगे भी राजनीतिक और कानूनी लड़ाई जारी रखने के संकेत दिए।
SIR के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचा इंडिया गठबंधन
सोमवार को दिनभर चले राजनीतिक घटनाक्रम के बीच राहुल गांधी और विपक्षी दलों के नेताओं की ओर से चुनाव आयोग की SIR प्रक्रिया को चुनौती देने वाली याचिका सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गई। इस याचिका में राहुल गांधी मुख्य याचिकाकर्ता हैं। उनके अलावा विपक्ष के दस अन्य प्रमुख नेताओं के नाम भी शामिल बताए गए हैं। इस तरह कुल 11 नेताओं ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण से जुड़े फैसलों और प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं।
निर्धारित समय से पहले दाखिल की गई याचिका
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, राहुल गांधी शाम 4:30 बजे की निर्धारित समय-सीमा तक सुप्रीम कोर्ट नहीं पहुंच सके। इसके बाद कांग्रेस की कानूनी टीम के वकील एस. प्रसन्ना ने उनकी ओर से याचिका दाखिल की। याचिका में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी शामिल है। इसके अलावा विपक्ष ने अदालत से दस प्रमुख राहतें देने का अनुरोध किया है। इन मांगों का उद्देश्य SIR प्रक्रिया से संबंधित निर्णयों और उनके कानूनी आधार की न्यायिक समीक्षा कराना है।
SIR से जुड़े सभी रिकॉर्ड पेश करने की मांग
याचिका में चुनाव आयोग को निर्देश देने की मांग की गई है कि वह 24 जून 2025 से शुरू हुई SIR प्रक्रिया से संबंधित सभी जरूरी रिकॉर्ड सुप्रीम कोर्ट के सामने पेश करे। इनमें संबंधित फाइलें, समझौते, बैठकों का विवरण, आपत्तियों के रिकॉर्ड और ECINET तथा ERONET प्रणालियों के एक्सेस लॉग शामिल हैं। इसके साथ ही फाइल नोटिंग्स उपलब्ध कराने की मांग भी की गई है। विपक्ष का कहना है कि इन दस्तावेजों के आधार पर प्रक्रिया और उससे जुड़े निर्णयों की जांच की जा सकेगी।
संवैधानिक प्रावधानों के तहत फैसलों की जांच
याचिका में यह भी जांचने का अनुरोध किया गया है कि SIR से संबंधित फैसले संविधान के अनुच्छेद 324, चुनाव आयुक्त अधिनियम 2023 की धारा 18 और टी.एन. शेषन बनाम भारत संघ के 1995 के मामले में निर्धारित कानूनी मानकों के अनुरूप हैं या नहीं। याचिकाकर्ताओं ने मांग की है कि यदि कोई निर्णय कानूनी अधिकार के बिना लिया गया पाया जाता है, तो उसे रद्द करने पर विचार किया जाए।
हाई-टी बैठक पर रहेंगी राजनीतिक निगाहें
संसद मार्च और सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल होने के बाद राहुल गांधी की हाई-टी बैठक को विपक्षी रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस मुलाकात में सांसदों के बीच आगे की रणनीति, SIR का मुद्दा और चुनाव आयोग को लेकर उठाए जा रहे सवाल चर्चा में आ सकते हैं। हालांकि, बैठक के वास्तविक एजेंडे की आधिकारिक पुष्टि के बिना किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।
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