Custom Milling Scam : ईडी ने रामगोपाल अग्रवाल को कस्टम राइस मिलिंग मामले में गिरफ्तार करने के बाद पूछताछ के लिए पांच दिन की कस्टोडियल रिमांड हासिल की थी। मंगलवार, 13 अक्टूबर को रिमांड की अवधि समाप्त होने पर उन्हें विशेष अदालत में पेश किया गया। सुनवाई के बाद अदालत ने उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। अब वह न्यायिक हिरासत में रहेंगे। मामले में आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।
करीब 140 करोड़ रुपये की कथित अवैध वसूली का मामला
यह मामला छत्तीसगढ़ में खरीफ विपणन वर्ष 2021-22 के दौरान धान की कस्टम मिलिंग के लिए दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि से जुड़ा है। कस्टम मिलिंग के तहत राइस मिलों में धान से चावल तैयार किया जाता है। ईडी की जांच के अनुसार, उस समय प्रोत्साहन राशि 40 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 120 रुपये प्रति क्विंटल की गई थी। एजेंसी का आरोप है कि इस व्यवस्था के तहत राइस मिल संचालकों से कथित तौर पर अवैध रकम वसूली गई। मामले में कुल वसूली की राशि को लेकर विभिन्न रिपोर्टों में करीब 140 करोड़ से 147 करोड़ रुपये तक के आंकड़े सामने आए हैं।
प्रत्येक क्विंटल पर 20 रुपये वसूली का आरोप
जांच एजेंसी के मुताबिक, प्रोत्साहन राशि के भुगतान के दौरान राइस मिल संचालकों से कथित तौर पर प्रति क्विंटल 20 रुपये की रकम वसूली गई। आरोप है कि भुगतान प्रक्रिया को प्रभावित करके मिल मालिकों पर रकम देने का दबाव बनाया गया। ईडी इस कथित वसूली, धन के लेनदेन और उससे जुड़े लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। एजेंसी के आरोपों के अनुसार, इस तरह एकत्र की गई राशि का इस्तेमाल निजी लाभ और अन्य उद्देश्यों के लिए किया गया। हालांकि, इन आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष अदालत की न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।
वर्ष 2024 से जांच के दायरे में है मामला
कस्टम मिलिंग मामले में ईडी ने वर्ष 2024 में विशेष अदालत के समक्ष अभियोजन शिकायत दाखिल की थी। शुरुआती कार्रवाई में तत्कालीन मार्कफेड प्रबंध निदेशक मनोज सोनी और राइस मिलर्स एसोसिएशन के पदाधिकारी रोशन चंद्राकर सहित अन्य लोगों की भूमिका की जांच की गई। बाद की जांच में रामगोपाल अग्रवाल का नाम भी सामने आया। जांच एजेंसी ने अलग-अलग चरणों में दस्तावेजों, वित्तीय लेनदेन और अन्य साक्ष्यों की पड़ताल की है। अब पांच दिन की पूछताछ पूरी होने के बाद अग्रवाल को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।
आगे की जांच और अदालत की कार्यवाही पर नजर
रामगोपाल अग्रवाल को न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के बाद मामले की अगली कानूनी प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी। ईडी कथित वित्तीय अनियमितताओं और रकम के प्रवाह से संबंधित पहलुओं की जांच कर रही है। करीब 140 करोड़ रुपये की कथित वसूली से जुड़े इस मामले में जांच एजेंसी के आरोपों और अदालत में प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्यवाही होगी। फिलहाल, न्यायिक हिरासत में भेजे जाने का आदेश किसी आरोप को अंतिम रूप से साबित नहीं करता। मामले में दोष या निर्दोष होने का निर्णय अदालत द्वारा साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर किया जाएगा।
Read More : CGPSC SI Main Exam 2026 : CGPSC SI मुख्य परीक्षा स्थगित, अब अभ्यर्थियों को कब मिलेगी नई परीक्षा तारीख?