Amit Shah Slams Rahul Gandhi : एसआईआर (SIR) और कथित वोट चोरी के मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव लगातार बढ़ रहा है। कांग्रेस समेत विपक्षी दल चुनाव प्रक्रिया और चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठा रहे हैं। इसी बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को मीडिया से बातचीत के दौरान विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने गुजरात के स्थानीय निकाय चुनावों के परिणामों के साथ-साथ दिल्ली में विपक्षी नेताओं की ओर से निकाले गए ‘सुप्रीम मार्च’ पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। शाह ने कांग्रेस की राजनीतिक पहुंच और चुनावी प्रदर्शन पर सवाल उठाते हुए पार्टी को आत्ममंथन करने की सलाह दी।
सुप्रीम मार्च में भीड़ को लेकर अमित शाह ने क्या कहा?
अमित शाह ने सोमवार को विपक्षी नेताओं की ओर से निकाले गए ‘सुप्रीम मार्च’ का जिक्र करते हुए उसमें शामिल लोगों की संख्या पर टिप्पणी की। उन्होंने दावा किया कि 14 राजनीतिक दल एकजुट होने के बावजूद करीब डेढ़ किलोमीटर के मार्च में लगभग 8,000 लोगों की भीड़ ही जुटा सके। शाह के मुताबिक, इतने सीमित जनसमर्थन के आधार पर कांग्रेस पूरे देश की आवाज बनने का दावा नहीं कर सकती।
गांवों और दूरदराज के इलाकों का जिक्र कर कांग्रेस पर निशाना
गृह मंत्री ने कहा कि देश की आवाज केवल बड़े शहरों या राजधानी में होने वाले प्रदर्शनों से तय नहीं होती। उनके अनुसार, भारत की आवाज गांवों, पहाड़ी क्षेत्रों और दूर-दराज के इलाकों से भी आती है। शाह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस की इन क्षेत्रों तक पर्याप्त पहुंच नहीं है। उनके इस बयान को विपक्ष के प्रदर्शन और उसके जनसमर्थन पर राजनीतिक सवाल उठाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, मार्च में शामिल लोगों की संख्या को लेकर शाह की ओर से दिए गए आंकड़े उनके दावे के रूप में सामने आए हैं।
गुजरात निकाय चुनाव में भाजपा की जीत का किया जिक्र
अमित शाह ने गुजरात के स्थानीय निकाय चुनावों में भाजपा के प्रदर्शन को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने दावा किया कि तीन स्थानीय निकायों की कुल 104 सीटों में से भाजपा ने 90 सीटों पर जीत हासिल की। शाह ने इस परिणाम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति गुजरात के मतदाताओं के समर्थन का संकेत बताया। उनके मुताबिक, चुनावी नतीजे राज्य में भाजपा की राजनीतिक पकड़ को दर्शाते हैं। इन चुनाव परिणामों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कांग्रेस पर भी निशाना साधा और पार्टी की चुनावी स्थिति पर सवाल उठाए।
गांधीनगर नगर निगम की सीटों और वोट शेयर पर बयान
गृह मंत्री ने अपने संसदीय क्षेत्र से जुड़े गांधीनगर नगर निगम के चुनाव परिणामों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि नगर निगम की कुल 44 सीटों में से भाजपा ने 38 सीटें जीतीं। शाह ने यह दावा भी किया कि पिछले चुनाव की तुलना में गांधीनगर नगर निगम में भाजपा का वोट शेयर 10 प्रतिशत बढ़ा है। उन्होंने इस प्रदर्शन को पार्टी के लिए सकारात्मक बताया। हालांकि, सीटों और वोट शेयर से जुड़े इन आंकड़ों को आधिकारिक चुनावी परिणामों से मिलाकर देखना महत्वपूर्ण है।
कांग्रेस की चुनावी स्थिति पर आत्ममंथन की सलाह
अमित शाह ने कांग्रेस के गुजरात में चुनावी प्रदर्शन को लेकर भी तीखी टिप्पणी की। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस पिछले 41 वर्षों से गुजरात में कोई चुनाव नहीं जीत पाई है और पार्टी को इस स्थिति पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। शाह के अनुसार, जिस राज्य में कभी कांग्रेस की सरकार हुआ करती थी, वहां लंबे समय से चुनावी सफलता नहीं मिलना पार्टी के लिए आत्मनिरीक्षण का विषय है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व को यह समझने की जरूरत है कि राज्य में उसका जनाधार क्यों कमजोर हुआ है।
वोट चोरी के आरोपों के बीच सियासी बयानबाजी जारी
एसआईआर और कथित वोट चोरी को लेकर जारी विवाद के बीच अमित शाह का यह बयान राजनीतिक बहस को और तेज कर सकता है। एक ओर विपक्ष चुनावी प्रक्रिया को लेकर सवाल उठा रहा है, वहीं दूसरी ओर भाजपा नेता विपक्षी दलों के जनसमर्थन और चुनावी प्रदर्शन पर निशाना साध रहे हैं। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर दोनों पक्षों की बयानबाजी जारी रहने की संभावना है।
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