Jantar Mantar Case : दिल्ली में जंतर-मंतर और कनॉट प्लेस में हुए विरोध प्रदर्शनों के सिलसिले में पुलिस कार्रवाई सामने आई है। एक मामले में जंतर-मंतर स्थित एक पते पर कथित तौर पर अवैध रूप से प्रवेश करने के आरोप में सौरभ दास, आशुतोष रांका और अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। वहीं, दूसरे मामले में कनॉट प्लेस में प्रदर्शन के दौरान बस के भीतर एक महिला पुलिसकर्मी और महिला प्रदर्शनकारी के बीच कथित मारपीट को लेकर शिकायत दी गई है। दोनों घटनाओं में पुलिस की कार्रवाई अलग-अलग शिकायतों के आधार पर की जा रही है।
जंतर-मंतर के पते पर कथित अवैध प्रवेश का आरोप
जानकारी के मुताबिक, मंगलवार सुबह सीजेपी से जुड़े नेता जंतर-मंतर पहुंचे थे। आरोप है कि सौरभ दास, आशुतोष रांका और उनके साथ मौजूद कुछ अन्य लोग जंतर-मंतर के पते नंबर-7 में पीछे की तरफ से दाखिल हुए। शिकायत में दावा किया गया है कि संबंधित लोग दीवार फांदकर परिसर में पहुंचे थे। इस कथित प्रवेश को लेकर पुलिस के सामने शिकायत दी गई, जिसके आधार पर ट्रेसपासिंग समेत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
परिसर में आवास और जेडीयू कार्यालय होने की जानकारी
बताया जा रहा है कि संबंधित पते पर कई आवास मौजूद हैं और वहां जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) का कार्यालय भी स्थित है। ऐसे में परिसर में कथित तौर पर प्रवेश को लेकर शिकायत दर्ज कराई गई। हालांकि, मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। पुलिस की कार्रवाई शिकायत में दर्ज तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ेगी। फिलहाल, इस मामले में आरोपों को लेकर संबंधित पक्षों का विस्तृत आधिकारिक पक्ष उपलब्ध जानकारी में सामने नहीं आया है।
कनॉट प्लेस में बस के अंदर कथित मारपीट
दूसरा मामला कनॉट प्लेस में विरोध प्रदर्शन के दौरान बस के भीतर हुई कथित मारपीट से जुड़ा है। दिल्ली पुलिस की एक महिला पुलिसकर्मी ने आरोप लगाया है कि ड्यूटी के दौरान उनके साथ मारपीट और बदसलूकी की गई। इस संबंध में उन्होंने कनॉट प्लेस पुलिस थाने में शिकायत दी है। घटना के बाद पुलिसकर्मी का मेडिकल परीक्षण कराया गया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, वह फिलहाल अस्पताल में भर्ती हैं। उनकी शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया चलने की जानकारी दी गई है।
महिला पुलिसकर्मी के बचाव को लेकर पुलिस सूत्रों का दावा
पुलिस सूत्रों का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान महिला पुलिसकर्मी के साथ कथित मारपीट हो रही थी और उनके पास अपना बचाव करने के अलावा कोई विकल्प नहीं था। सूत्रों के मुताबिक, प्रदर्शनकारी भी शांत रह सकती थीं। हालांकि, यह पुलिस सूत्रों का पक्ष है और घटना के पूरे घटनाक्रम की स्वतंत्र पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। मामले में शिकायत, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य उपलब्ध साक्ष्य अहम भूमिका निभा सकते हैं।
दोनों मामलों में जांच और आगे की कार्रवाई पर नजर
जंतर-मंतर में कथित अवैध प्रवेश और कनॉट प्लेस में महिला पुलिसकर्मी के साथ कथित मारपीट दो अलग-अलग मामले हैं। पहले मामले में सौरभ दास, आशुतोष रांका और अन्य लोगों के खिलाफ केस दर्ज होने की जानकारी है, जबकि दूसरे मामले में शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया चलने की बात कही गई है। दोनों घटनाओं में पुलिस की आगे की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी। जांच के दौरान आरोपों की पुष्टि, संबंधित लोगों के बयान और साक्ष्यों के आधार पर मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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