Liver Health Tips : लिवर हमारे शरीर के सबसे महत्वपूर्ण अंगों में से एक है। यह भोजन से पोषक तत्वों को संसाधित करने, पित्त बनाने और शरीर में कई जरूरी रासायनिक प्रक्रियाओं को पूरा करने में अहम भूमिका निभाता है। लेकिन खानपान में लापरवाही, शारीरिक गतिविधियों की कमी और शराब का अधिक सेवन इसकी सेहत को प्रभावित कर सकते हैं। आजकल फैटी लिवर की समस्या को लेकर चिंता बढ़ रही है। इस स्थिति में लिवर में जरूरत से ज्यादा फैट जमा होने लगता है। शुरुआत में इसके लक्षण स्पष्ट नहीं होते, लेकिन कुछ मामलों में बीमारी आगे बढ़कर गंभीर रूप ले सकती है।
फैटी लिवर को सामान्य समस्या समझकर न करें नजरअंदाज
गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. सौरभ सेठी के अनुसार, शराब का अधिक सेवन, असंतुलित खानपान और शारीरिक गतिविधियों की कमी लिवर की सेहत पर असर डाल सकती है। फैटी लिवर का संबंध मोटापे, इंसुलिन प्रतिरोध और मेटाबॉलिज्म से जुड़ी समस्याओं से भी हो सकता है। लिवर की जांच में एसजीपीटी यानी एएलटी और जीजीटी जैसे एंजाइम का स्तर बढ़ा हुआ मिल सकता है। हालांकि, केवल इन जांचों के आधार पर बीमारी की पुष्टि नहीं की जा सकती। डॉक्टर लक्षणों, मेडिकल हिस्ट्री और जरूरत के अनुसार अन्य जांचों से स्थिति का आकलन करते हैं।
डाइट में फाइबर वाली चीजें शामिल करें
लिवर को स्वस्थ रखने के लिए रोजाना के भोजन में फाइबर से भरपूर खाद्य पदार्थ शामिल करना फायदेमंद हो सकता है। इसके लिए हरी सब्जियां, सलाद, फल, दालें, साबुत अनाज और अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थ खाएं। फाइबर पाचन को बेहतर रखने और लंबे समय तक पेट भरा महसूस कराने में मदद करता है। इससे वजन नियंत्रित रखने में भी सहायता मिल सकती है। वजन अधिक होने की स्थिति में धीरे-धीरे वजन कम करना फैटी लिवर के प्रबंधन में उपयोगी हो सकता है। हालांकि, केवल सलाद खाने से शरीर के सभी टॉक्सिन बाहर निकलने या लिवर डिटॉक्स होने का दावा सही नहीं है।
तेल और डीप फ्राइड चीजों का सेवन करें कम
लिवर की सेहत के लिए खानपान में संतुलन बनाए रखना जरूरी है। रोजाना अधिक मात्रा में तली हुई चीजें, ज्यादा कैलोरी वाला भोजन और अतिरिक्त चीनी वाले खाद्य पदार्थ खाने से वजन बढ़ सकता है। इसलिए पूरी, पराठे, पकौड़े और अन्य डीप फ्राइड चीजों का सेवन सीमित रखें। भोजन बनाते समय तेल की मात्रा कम करें और उबालने, भाप में पकाने या ग्रिल करने जैसे विकल्प अपनाएं। साथ ही, थाली में सब्जियां, दालें, साबुत अनाज और प्रोटीन के अच्छे स्रोत शामिल करें।
पर्याप्त पानी पीना भी है जरूरी
दिनभर पर्याप्त पानी पीने से शरीर में पानी की कमी नहीं होती और सामान्य शारीरिक प्रक्रियाएं ठीक तरह से चलती हैं। पानी की जरूरत मौसम, शारीरिक गतिविधि और स्वास्थ्य की स्थिति के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। इसलिए हर व्यक्ति के लिए आठ गिलास पानी का नियम जरूरी नहीं है। पानी को प्राथमिकता दें और मीठे पेय पदार्थों का सेवन सीमित रखें। ध्यान रहे कि केवल अधिक पानी पीने से फैटी लिवर ठीक नहीं होता।
नियमित व्यायाम से नियंत्रित रखें वजन
लिवर को स्वस्थ रखने के लिए नियमित शारीरिक गतिविधि महत्वपूर्ण है। रोजाना तेज चाल से चलना, साइकिल चलाना या अपनी क्षमता के अनुसार व्यायाम करना उपयोगी हो सकता है। भोजन के बाद हल्की सैर भी दिनचर्या में शामिल की जा सकती है। शुरुआत धीरे करें और धीरे-धीरे गतिविधि बढ़ाएं। यदि फैटी लिवर की समस्या है, तो डॉक्टर की सलाह के अनुसार खानपान, वजन और व्यायाम पर ध्यान दें। शराब से परहेज और नियमित स्वास्थ्य जांच भी लिवर की देखभाल में अहम हैं।
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