Delhi Dussehra 2026 : राजधानी दिल्ली में विजयादशमी के अवसर पर इस बार लोगों को एक अलग तरह का नजारा देखने को मिल सकता है। पीतमपुरा स्थित श्री केशव रामलीला मैदान में रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पारंपरिक पुतलों के साथ 30 फीट ऊंचे कॉकरोच के पुतले का भी दहन करने की तैयारी है। आयोजक समिति के मुताबिक, इस पुतले के जरिए गंदगी और प्रदूषण जैसी समस्याओं के खिलाफ जागरूकता फैलाने का संदेश दिया जाएगा। यह पहल स्वच्छ भारत और स्वच्छ दिल्ली के अभियान से जोड़कर देखी जा रही है।
गंदगी और प्रदूषण के खिलाफ जागरूकता का संदेश
रामलीला समिति का कहना है कि कॉकरोच का पुतला केवल एक अनोखा आकर्षण नहीं, बल्कि स्वच्छता से जुड़ा प्रतीक होगा। आयोजकों का उद्देश्य लोगों को घरों, गलियों और सार्वजनिक स्थानों पर साफ-सफाई बनाए रखने के लिए प्रेरित करना है। समिति के अनुसार, समाज में फैली बुराइयों पर अच्छाई की जीत का संदेश दशहरे की परंपरा का अहम हिस्सा है। इसी विचार को आगे बढ़ाते हुए इस वर्ष गंदगी को प्रतीकात्मक रूप से कॉकरोच के रूप में दर्शाने का निर्णय लिया गया है।
विधायक अशोक गोयल ने बताई पुतला दहन की वजह
श्री केशव रामलीला समिति के अध्यक्ष और मॉडल टाउन से भाजपा विधायक अशोक गोयल देवा राहा के मुताबिक, समिति कई वर्षों से रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के अलावा किसी खास सामाजिक या राष्ट्रीय समस्या को दर्शाने वाला अतिरिक्त पुतला भी जलाती रही है। उन्होंने बताया कि पहले नक्सलवाद और आतंकवाद जैसी समस्याओं को प्रतीकात्मक रूप से दिखाने के लिए भी ऐसे पुतलों का दहन किया गया था। इस बार कॉकरोच को गंदगी का प्रतीक मानते हुए यह कदम उठाया जा रहा है।
रामलीला मंचन में भी दिखेगा कॉकरोच का प्रतीक
समिति अध्यक्ष के अनुसार, दशहरे पर पुतला दहन की परंपरा बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश देती है। इसी विषय को रामलीला के मंचन में भी शामिल किया जाएगा। दी गई जानकारी के मुताबिक, रावण की असुर सेना के दृश्य में कॉकरोच को भी राक्षसी प्रतीक के रूप में दर्शाने की योजना है। आयोजकों का मानना है कि धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से स्वच्छता जैसे सामाजिक मुद्दों को अधिक लोगों तक पहुंचाया जा सकता है।
CJP के नाम को लेकर चर्चा, समिति ने राजनीतिक संबंध से किया इनकार
कॉकरोच का पुतला जलाने का फैसला ऐसे समय सामने आया है, जब दिल्ली में ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ यानी CJP अपने विरोध प्रदर्शनों के कारण चर्चा में है। संगठन शिक्षा मंत्री के खिलाफ प्रदर्शन कर चुका है और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर भी विरोध जता रहा है। इस समानता के कारण इस पहल पर राजनीतिक चर्चा होने की संभावना है। हालांकि, समिति प्रबंधन और विधायक अशोक गोयल ने स्पष्ट किया है कि पुतला दहन के फैसले का किसी राजनीतिक घटनाक्रम से संबंध नहीं है।
स्वच्छ दिल्ली के संदेश पर रहेगा जोर
आयोजकों के मुताबिक, इस पहल का मुख्य उद्देश्य स्वच्छता, पर्यावरण और जनस्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। दशहरे के दौरान बड़ी संख्या में जुटने वाले लोगों तक यह संदेश पहुंचाने की कोशिश की जाएगी कि सफाई केवल व्यक्तिगत जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सामूहिक सामाजिक दायित्व भी है। अब इस अनोखे पुतले को लेकर लोगों की प्रतिक्रिया कैसी रहती है, यह विजयादशमी के आयोजन के दौरान देखने को मिलेगा।
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