Ankita Bhandari Case : उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित VIP की भूमिका को लेकर जांच एक बार फिर चर्चा में है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने पीड़िता के माता-पिता को भरोसा दिलाया है कि मामले के सभी पहलुओं की गहराई से जांच की जाएगी। शुक्रवार को अंकिता के पिता वीरेंद्र सिंह भंडारी और मां सोनी देवी ने दिल्ली स्थित CBI मुख्यालय पहुंचकर वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने मामले से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं और परिवार की चिंताओं को अधिकारियों के सामने रखा।
विशेष निदेशक ने दिया निष्पक्ष जांच का आश्वासन
CBI के प्रवक्ता के अनुसार, एजेंसी के विशेष निदेशक मनोज शशिधर और संपत मीणा ने अंकिता के माता-पिता से मुलाकात की। अधिकारियों ने परिवार को आश्वस्त किया कि जांच निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़ेगी और मामले से जुड़े सभी पहलुओं की गंभीरता से पड़ताल की जाएगी। इस मुलाकात को कथित VIP की भूमिका से जुड़े आरोपों की जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सुरेश राठौर और उर्मिला सनावर के नार्को टेस्ट की मांग
परिवार के करीबी सूत्रों के मुताबिक, अंकिता के माता-पिता ने CBI निदेशक को लिखित आवेदन सौंपकर पूर्व भाजपा विधायक सुरेश राठौर और उर्मिला सनावर का नार्को टेस्ट कराने की मांग की है। हालांकि, नार्को टेस्ट कराने का निर्णय संबंधित कानूनी प्रक्रिया और जांच की आवश्यकताओं के अनुरूप ही लिया जा सकता है।
उर्मिला सनावर ने सोशल मीडिया पर कुछ कथित ऑडियो और वीडियो क्लिप साझा किए थे। उन्होंने दावा किया था कि इन रिकॉर्डिंग में पूर्व विधायक के साथ बातचीत दर्ज है और इनसे हत्याकांड में कथित VIP की भूमिका को लेकर सवाल उठते हैं। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।
सांसद अनिल बलूनी भी मुलाकात के दौरान रहे मौजूद
अंकिता के माता-पिता और CBI अधिकारियों के बीच हुई बैठक में उत्तराखंड के गढ़वाल लोकसभा क्षेत्र से भाजपा सांसद अनिल बलूनी भी मौजूद थे। परिवार लंबे समय से मामले की निष्पक्ष जांच और कथित VIP की भूमिका स्पष्ट करने की मांग करता रहा है। परिजनों की मांग है कि जांच में किसी भी संभावित पहलू को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
उत्तराखंड सरकार की सिफारिश पर CBI जांच
इससे पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अंकिता के माता-पिता की मांग के बाद मामले में CBI जांच की सिफारिश की थी। परिवार ने सुप्रीम कोर्ट के किसी न्यायाधीश की निगरानी में जांच कराने की मांग भी उठाई थी। इसके बाद CBI ने कथित VIP की भूमिका से जुड़े आरोपों की जांच के लिए अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया।
एजेंसी की FIR में सोशल मीडिया पर प्रसारित ऑडियो-वीडियो सामग्री का उल्लेख है। साथ ही, मामले में कुछ संभावित साक्ष्य छिपाए जाने या नष्ट किए जाने से जुड़े दावों की भी जांच की जा रही है। इन आरोपों को फिलहाल सिद्ध तथ्य नहीं माना जा सकता।
सितंबर 2022 में हुई थी 19 वर्षीय अंकिता की हत्या
अंकिता भंडारी पौड़ी जिले के वनंत्रा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के रूप में काम करती थीं। सितंबर 2022 में 19 वर्षीय अंकिता का शव ऋषिकेश के पास मिला था। इस मामले में रिजॉर्ट मालिक पुलकित आर्य और उसके दो कर्मचारियों को दोषी ठहराया गया था। तीनों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई।
अब कथित VIP की भूमिका पर टिकी निगाहें
उर्मिला सनावर के दावों और सोशल मीडिया पर वायरल कथित रिकॉर्डिंग के बाद यह मामला फिर सुर्खियों में है। अब जांच का अहम सवाल यह है कि क्या इन आरोपों के समर्थन में कोई ठोस साक्ष्य सामने आते हैं। CBI की जांच से ही कथित VIP की भूमिका और साक्ष्य छिपाए जाने के आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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