Marco Rubio India Visit : भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक साझेदारी को नई मजबूती देने के उद्देश्य से अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो 20 अक्टूबर 2026 को मुंबई में भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात करेंगे। इस बैठक में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा और सहयोग के नए अवसरों पर चर्चा होने की उम्मीद है। ऊर्जा, व्यापार, निवेश, रक्षा और महत्वपूर्ण एवं उभरती प्रौद्योगिकियां वार्ता के प्रमुख विषय हो सकते हैं।
अमेरिका की आजादी की 250वीं वर्षगांठ का कार्यक्रम
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को नियमित प्रेस वार्ता के दौरान रूबियो की यात्रा और जयशंकर के साथ प्रस्तावित बैठक की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जयशंकर 19 और 20 अक्टूबर को मुंबई में संयुक्त अरब अमीरात के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान की मेजबानी करेंगे। इसके बाद 20 अक्टूबर को अमेरिकी विदेश मंत्री के साथ वार्ता होगी। रूबियो अमेरिका की आजादी की 250वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में भी शामिल होंगे।
ऊर्जा, व्यापार और रक्षा सहयोग पर रहेगा जोर
विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह यात्रा दोनों देशों को व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने का अवसर देगी। वार्ता में ऊर्जा सहयोग, व्यापार, निवेश, रक्षा और नई तकनीकों से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। इसके अलावा, दोनों पक्ष क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर भी अपने विचार साझा कर सकते हैं। भारत और अमेरिका के बीच उच्चस्तरीय संवाद बनाए रखना और साझा प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाना इस यात्रा का प्रमुख उद्देश्य होगा।
मुंबई में बैठक को लेकर क्यों उठा सवाल?
बैठक के लिए मुंबई को चुने जाने के सवाल पर जायसवाल ने बताया कि पिछले करीब एक दशक से विदेशी गणमान्य व्यक्तियों की मेजबानी दिल्ली के बाहर भी की जाती रही है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने वडोदरा, अहमदाबाद और वाराणसी में विदेशी नेताओं की मेजबानी की है। वहीं, विदेश मंत्री ने गोवा में विदेश मंत्रियों की बैठक और गुजरात के केवड़िया में बोत्सवाना के विदेश मंत्री की मेजबानी की थी। अमृतसर में आयोजित हार्ट ऑफ एशिया सम्मेलन भी इसी परंपरा का उदाहरण है।
रूबियो की यात्रा पर राहुल गांधी की प्रतिक्रिया
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में कहा था कि रूबियो मुंबई में भारत सरकार के अधिकारियों से मुलाकात करेंगे और जयशंकर के भी वहां मौजूद रहने की उम्मीद है। इस बयान के बाद राजनीतिक चर्चा तेज हो गई। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को प्रस्तावित बैठक को लेकर सवाल उठाए और दावा किया कि विदेश मंत्रालय के अधिकारी इस मामले में भ्रमित हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी स्पष्टीकरण देने की बात कही।
जामनगर में रिलायंस अधिकारियों से भी मिल सकते हैं रूबियो
अमेरिकी विदेश मंत्रालय के अनुसार, रूबियो 17 से 22 अक्टूबर के बीच भारत के मुंबई और जामनगर का दौरा करेंगे। भारत आने से पहले उनके उज्बेकिस्तान के समरकंद जाने का कार्यक्रम बताया गया है। राजदूत सर्जियो गोर के मुताबिक, जामनगर में रूबियो रिलायंस के कुछ अधिकारियों से मुलाकात करेंगे। यात्रा का एक प्रमुख फोकस ऊर्जा सहयोग और कारोबार को बढ़ावा देना रहेगा।
भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर भी बातचीत जारी
प्रस्तावित भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते को लेकर विदेश मंत्रालय ने कहा कि दोनों पक्ष इसे जल्द अंतिम रूप देने के लिए बातचीत कर रहे हैं। जयशंकर ने ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में कहा था कि मतभेद दूर करने के प्रयास जारी हैं और वार्ता समझौते के अंतिम चरण की ओर बढ़ रही है। हालांकि, समझौते की घोषणा या अंतिम रूप दिए जाने की पुष्टि अभी नहीं हुई है।
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