Chorbagan Durga Puja Accident : पश्चिम बंगाल में कोलकाता के चोरबागान सार्वजनीन दुर्गा पूजा पंडाल में हुई दर्दनाक भगदड़ के बाद राज्य सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए अहम कदम उठाने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के मुताबिक, राज्यभर के प्रमुख दुर्गा पूजा पंडालों में भीड़ प्रबंधन, निकासी मार्गों और ढांचागत सुरक्षा की समीक्षा के लिए उच्चस्तरीय कमेटी बनाई जाएगी। शनिवार को हुई इस घटना में कम से कम 19 लोगों की मौत और 35 लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई। हादसे के बाद प्रशासन ने राहत, उपचार और सुरक्षा इंतजामों पर ध्यान केंद्रित किया है।
प्रमुख पूजा पंडालों का निरीक्षण करेगी हाई लेवल कमेटी
सरकार की ओर से गठित की जाने वाली कमेटी प्रमुख पूजा स्थलों पर सुरक्षा इंतजामों की जांच करेगी। इसमें भीड़ को नियंत्रित करने की व्यवस्था, आपातकालीन निकास द्वार, पंडाल की बनावट और अस्थायी ढांचों की मजबूती जैसे पहलुओं की समीक्षा की जाएगी। इसका उद्देश्य भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं की आशंका कम करना और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। टीम वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और पुलिस महानिदेशक के मार्गदर्शन में प्रमुख पंडालों का दौरा करेगी। निरीक्षण के बाद सुरक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए व्यापक दिशा-निर्देश सुझाए जाने की योजना है।
कमेटी में वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी शामिल
मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार, प्रस्तावित कमेटी में आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव राजेश सिन्हा, अग्निशमन सेवा के महानिदेशक अनुज शर्मा और पुलिस के अतिरिक्त महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) जावेद शमीम शामिल होंगे। इन अधिकारियों की टीम पंडालों में उपलब्ध सुविधाओं और सुरक्षा संबंधी कमियों का आकलन करेगी। भीड़ के दबाव में लोगों की आवाजाही बाधित न हो, इसके लिए प्रवेश और निकास मार्गों की स्थिति पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। प्रशासन का जोर ऐसे उपाय लागू करने पर है, जिनसे त्योहार के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा सके।
मृतकों के परिवारों को 25 लाख रुपये और सरकारी नौकरी
भगदड़ में जान गंवाने वालों के परिवारों के लिए मुख्यमंत्री ने आर्थिक सहायता और रोजगार संबंधी राहत की घोषणा की है। राज्य सरकार प्रत्येक मृतक के परिवार को 25 लाख रुपये मुआवजा देने के साथ ग्रुप डी श्रेणी में सरकारी नौकरी उपलब्ध कराने की बात कही है। मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। उन्होंने यह भी बताया कि हादसे की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए मौजूदा न्यायाधीश की निगरानी में विशेष कार्य बल (STF) गठित करने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे। इस प्रस्ताव का उद्देश्य घटना से जुड़े तथ्यों की जांच करना है।
मुख्यमंत्री बोले—जमीनी हालात पर लगातार नजर
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने चोरबागान पूजा पंडाल में हुई घटना पर दुख जताते हुए कहा कि वह हादसे से स्तब्ध हैं। उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और बताया कि मुख्य सचिव, गृह सचिव, डीजीपी, पुलिस आयुक्त तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार, अस्पताल में घायलों से मिलने के दौरान उनके साथ कैबिनेट सहयोगी और राज्यसभा सांसद सामिक भट्टाचार्य भी मौजूद थे। प्रशासन की प्राथमिकता घायलों का उपचार और प्रभावित परिवारों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराना है।
पुलिस ने 12 लोगों को हिरासत में लिया
हादसे के बाद शनिवार रात पुलिस ने 12 लोगों को हिरासत में लिया। इनमें चोरबागान दुर्गा पूजा के आयोजक भी शामिल बताए गए हैं। घटना की परिस्थितियों और सुरक्षा इंतजामों से जुड़े पहलुओं की जांच की जा रही है। भगदड़ के दौरान बारिश के बीच अचानक भीड़ बढ़ने की बात सामने आई है। हालांकि, हादसे के सभी कारणों और जिम्मेदारियों का निर्धारण जांच के बाद ही हो सकेगा। प्रशासन के सामने अब सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने और आगामी दिनों में ऐसी स्थिति दोबारा पैदा होने से रोकने की चुनौती है।
पंडालों में एलईडी स्क्रीन और चौड़े निकास मार्गों पर जोर
सरकार की ओर से पूजा आयोजकों को अनुष्ठानों की व्यवस्था और श्रद्धालुओं की आवाजाही के बीच संतुलन बनाए रखने की सलाह दी जाएगी। निर्देशों के अनुसार, यदि पंडाल की जटिल बनावट से भीड़ के आवागमन में बाधा आती है, तो बाहर एलईडी स्क्रीन लगाकर अनुष्ठानों का प्रसारण किया जा सकता है। इसके अलावा निकास मार्ग चौड़े रखने, पर्याप्त रोशनी सुनिश्चित करने और रस्सियों से बने अस्थायी घेरों के कारण पैदा होने वाली रुकावटों को हटाने पर जोर दिया गया है। इन उपायों का उद्देश्य आपात स्थिति में लोगों को सुरक्षित बाहर निकलने का रास्ता उपलब्ध कराना है।
अष्टमी और नवमी पर बढ़ेगी भीड़, प्रशासन सतर्क
दुर्गा पूजा के शेष दिनों में महाअष्टमी और महानवमी के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पंडालों में पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए अधिकारियों को सतर्क रहने और भीड़ प्रबंधन के प्रभावी उपाय करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार ने आपातकालीन सहायता के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800 345 5678 भी जारी किया है। चोरबागान की घटना ने बड़े धार्मिक आयोजनों में सुरक्षा, निकासी मार्गों और भीड़ नियंत्रण की अहमियत को फिर सामने ला दिया है।
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