Kolkata Durga Puja Stampede : पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में चोरबागान सर्वजनीन दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। इस हादसे में कम से कम 19 लोगों की मौत होने की खबर है, जबकि 25 लोग घायल बताए गए हैं। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने पूजा आयोजन समिति से जुड़े पदाधिकारियों सहित सात लोगों को गिरफ्तार किया है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने रविवार को गिरफ्तारी की जानकारी दी। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हादसे के पीछे भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था में किस स्तर पर लापरवाही हुई।
पहले 14 लोगों को हिरासत में लिया गया था
पुलिस के मुताबिक, घटना की जांच के सिलसिले में शनिवार रात 14 लोगों को हिरासत में लिया गया था। पूछताछ और शुरुआती जांच के बाद इनमें से सात लोगों को गिरफ्तार किया गया। एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी ने बताया कि मामले में आगे भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं। पुलिस ने यह भी जानकारी दी कि मृतकों की पहचान करने की प्रक्रिया जारी है। जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि पंडाल में भीड़ अचानक कैसे बढ़ी और हालात बेकाबू होने से रोकने के लिए पर्याप्त इंतजाम क्यों नहीं किए जा सके।
पूजा समिति के पदाधिकारी भी गिरफ्तार
गिरफ्तार लोगों में चोरबागान सर्वजनीन दुर्गोत्सव समिति के सचिव राज कुमार सेवड़ा उर्फ राजा और उपाध्यक्ष शांतनु दुबे शामिल बताए गए हैं। इसके अलावा बांस की संरचना के निर्माण से जुड़े बिप्लब मुखर्जी उर्फ जॉय को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस की कार्रवाई से संकेत मिलता है कि जांच में आयोजन से जुड़े प्रबंधन और पंडाल की संरचना से संबंधित पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है। हालांकि, गिरफ्तारी अपने आप में आरोप साबित होने का प्रमाण नहीं है। मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया और जांच के निष्कर्ष महत्वपूर्ण होंगे।
भीड़ नियंत्रण और वीआईपी पास की जांच करने वाले भी शामिल
पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए अन्य लोगों में कौशिक साहा और पिंटू डे के नाम भी शामिल हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कौशिक साहा भीड़ को नियंत्रित करने और वीआईपी पास की जांच से जुड़े थे, जबकि पिंटू डे भीड़ प्रबंधन में लगे हुए थे। इसके अतिरिक्त निजी सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालने वाले सुमन चक्रवर्ती और राजेश पाल को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस यह जांच कर रही है कि आयोजन के दौरान प्रवेश व्यवस्था, सुरक्षा निगरानी और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए क्या कदम उठाए गए थे।
बारिश और अचानक बढ़ी भीड़ के बीच मची भगदड़
यह दुखद घटना शनिवार शाम उत्तर कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में हुई। जानकारी के अनुसार, बारिश के दौरान पंडाल में अचानक भीड़ बढ़ गई और कुछ ही समय में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। हादसे में 19 लोगों की मौत होने और 25 लोगों के घायल होने की सूचना सामने आई। उपलब्ध विवरण के मुताबिक, 17 लोगों की मौत घटनास्थल पर ही हो गई थी। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। घटना ने बड़े धार्मिक आयोजनों में भीड़ नियंत्रण, सुरक्षित प्रवेश-निकास और आपातकालीन व्यवस्था की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज, जांच जारी
कोलकाता पुलिस ने मामले में स्वतः संज्ञान लेते हुए गैर-इरादतन हत्या सहित संबंधित आरोपों के तहत केस दर्ज किया है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि आयोजन स्थल पर सुरक्षा मानकों का पालन हुआ था या नहीं और हादसे को रोकने के लिए पर्याप्त व्यवस्था थी या नहीं। मृतकों की पहचान और गिरफ्तार आरोपियों की भूमिका की जांच भी जारी है। फिलहाल पुलिस ने सात गिरफ्तारियों की पुष्टि की है और आगे की कार्रवाई से इनकार नहीं किया है। हादसे की पूरी वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
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