OnePlus India CEO Resigns: भारतीय स्मार्टफोन बाजार में प्रीमियम सेगमेंट की प्रमुख खिलाड़ी वनप्लस (OnePlus) को एक बड़ा संगठनात्मक झटका लगा है। कंपनी के इंडिया सीईओ रॉबिन लियू ने अपने पद से इस्तीफा दे दे दिया है। चीनी टेक दिग्गज ने मंगलवार को आधिकारिक तौर पर इस खबर की पुष्टि की। हालांकि, लियू के अचानक पद छोड़ने के सटीक कारणों को लेकर बाजार में कई तरह की चर्चाएं हैं, लेकिन कंपनी का आधिकारिक बयान कहता है कि वे अपने ‘निजी शौक’ और व्यक्तिगत प्राथमिकताओं को समय देने के लिए यह जिम्मेदारी छोड़ रहे हैं। रिपोर्टों के अनुसार, लियू पहले ही चीन वापस लौट चुके हैं और वर्तमान में अपने नोटिस पीरियड पर हैं।

इस्तीफे के पीछे की असली कहानी: रिपोर्टिंग स्ट्रक्चर बना विवाद की जड़?
इंडस्ट्री के गलियारों और ‘द इकोनॉमिक टाइम्स’ की रिपोर्ट के अनुसार, लियू के इस्तीफे के पीछे कंपनी के भीतर चल रही रीस्ट्रक्चरिंग (पुनर्गठन) एक बड़ी वजह हो सकती है। खबरों की मानें तो वनप्लस ने लियू से अपनी पैरेंट कंपनी के एक सहयोगी ब्रांड के प्रमुख को रिपोर्ट करने के लिए कहा था। एक स्वतंत्र इकाई के प्रमुख के तौर पर काम कर रहे लियू को यह नया रिपोर्टिंग ढांचा रास नहीं आया, जिसके परिणामस्वरूप उन्होंने पद छोड़ने का फैसला किया। गौरतलब है कि ओप्पो (Oppo) ने हाल ही में रियलमी (Realme) को फिर से अपने सब-ब्रांड के रूप में शामिल करने जैसी रणनीतिक कोशिशें शुरू की हैं, जिससे आंतरिक समीकरण बदल रहे हैं।
वनप्लस नॉर्ड 6 की लॉन्चिंग से ठीक पहले नेतृत्व का संकट
रॉबिन लियू का यह इस्तीफा ऐसे समय में आया है जब वनप्लस इंडिया अपने बहुप्रतीक्षित स्मार्टफोन ‘वनप्लस नॉर्ड 6’ (OnePlus Nord 6) को भारत में लॉन्च करने की तैयारियों के अंतिम चरण में है। अगले महीने की शुरुआत में होने वाले इस बड़े लॉन्च से ठीक पहले सीईओ का जाना कंपनी की मार्केटिंग और ऑपरेशनल स्ट्रैटेजी के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है। फिलहाल, कंपनी ने लियू के उत्तराधिकारी के नाम का खुलासा नहीं किया है, जिससे यह सस्पेंस बरकरार है कि अब भारत में ब्रांड की कमान किसके हाथों में होगी।
रॉबिन लियू का वनप्लस में सफर: ग्लोबल सेल्स से इंडिया सीईओ तक
रॉबिन लियू का वनप्लस के साथ सफर काफी प्रभावशाली रहा है। वे अगस्त 2018 में ग्लोबल सेल्स और सप्लाई चेन डायरेक्टर के रूप में कंपनी से जुड़े थे। अपनी कार्यकुशलता के दम पर वे जुलाई 2020 में बेंगलुरु स्थित इंडिया सेल्स हेड बने। इसके बाद जनवरी 2022 में उन्हें प्रमोट कर उत्तरी अमेरिका (North America) का सीईओ बनाया गया। जुलाई 2024 में उन्होंने वापस भारत आकर वनप्लस इंडिया के सीईओ का पदभार संभाला था। लगभग दो साल तक इस पद पर रहने के बाद अब वे 31 मार्च को अपना कार्यकाल आधिकारिक रूप से समाप्त करेंगे।
भारतीय बाजार में चुनौतियां: घटती हिस्सेदारी और बढ़ता मुकाबला
वनप्लस इस समय भारतीय स्मार्टफोन बाजार में एक मुश्किल दौर से गुजर रहा है। विशेष रूप से प्रीमियम सेगमेंट में सैमसंग, वीवो और एप्पल जैसे प्रतिस्पर्धियों के कारण वनप्लस की बाजार हिस्सेदारी में गिरावट देखी गई है। इन चुनौतियों के बीच, कंपनी मिड-रेंज मार्केट में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए नॉर्ड सीरीज पर भरोसा कर रही है। आज ही कंपनी ने चीन में अपना फ्लैगशिप ‘वनप्लस 15टी’ (OnePlus 15T) भी लॉन्च किया है, जिससे यह साफ है कि कंपनी वैश्विक स्तर पर आक्रामक है, लेकिन भारत में उसे अपने नेतृत्व और रणनीति को फिर से पटरी पर लाने की जरूरत होगी।

















